Google News Preferred Source
साइड स्क्रोल मेनू

Bengaluru-Mysuru Expressway: 118 KM लंबाई, 8480 करोड़ रुपये लागत… जानें बेंगलुरु-मैसूर एक्सप्रेसवे की पूरी डिटेल

[ad_1]

Bengaluru-Mysuru Expressway: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 12 मार्च को बेंगलुरु-मैसूर एक्सप्रेसवे का उद्घाटन करेंगे। 118 किलोमीटर लंबे इस एक्सप्रेसवे की निर्माण में 8 हजार 480 करोड़ रुपये की लागत आई है। उद्घाटन से संबंधित जानकारी देते हुए पीएम मोदी ने ट्वीट कर कहा कि ये एक महत्वपूर्ण कनेक्टिविटी परियोजना है, जो कर्नाटक के विकास में योगदान देगी।

जानकारी के मुताबिक, बेंगलुरु-मैसूर एक्सप्रेसवे एनएच (राष्ट्रीय राजमार्ग)-275 का एक हिस्सा है। इसमें चार रेल ओवरब्रिज, 9 महत्वपूर्ण पुल, 89 अंडरपास और ओवरपास बनाए गए हैं। इस एक्सप्रेसवे के उद्घाटन के बाद कर्नाटक के कुछ सबसे लोकप्रिय शहरों के बीच यात्रा का समय 3 घंटे से घटकर 90 मिनट या उससे कम हो जाएगा।

इससे पहले, सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी के एक ट्वीट थ्रेड का जवाब देते हुए पीएम मोदी ने कर्नाटक के विकास में योगदान देने के लिए बेंगलुरु-मैसूर एक्सप्रेसवे कनेक्टिविटी परियोजना को लेकर ट्वीट किया। नितिन गडकरी ने अपने ट्वीट में लिखा था कि एक्सप्रेसवे के जरिए श्रीरंगपटना, कूर्ग, ऊटी और केरल जैसे क्षेत्रों तक पहुंच में सुधार होगा, जिससे पर्यटन क्षमता बढ़ेगी।

इसे भी पढ़ें:  Umesh Pal Murder Case में एक और एनकाउंटर

केंद्रीय मंत्री गडकरी के ट्वीट का जवाब देते हुए पीएम मोदी ने कहा कि बेंगलुरु-मैसूर एक्सप्रेसवे प्रोजेक्ट से कर्नाटक के विकास में काफी मदद मिलेगी। बता दें कि एक्सप्रेसवे का निर्माण केंद्र सरकार की प्रमुख भारतमाला परियोजना (बीएमपी) के हिस्से के रूप में किया गया है। बाइक, ऑटो और अन्य धीमी गति वाले वाहनों को एक्सप्रेसवे पर चलने की अनुमति नहीं होगी।

बेंगलुरु-मैसूर एक्सप्रेसवे के लाभ

बेंगलुरु से मैसूर की दूरी 3 घंटे के बजाय 90 मिनट में तय हो सकेगी। 59 ओवर और अंडरपास के निर्माण से जाम की समस्या खत्म होगी। एक्सप्रेसवे के शुरू होने के बाद कनेक्टिविटी में सुधार भी होगा, जिससे निवेशक शहर की ओर आकर्षित होंगे।

इसे भी पढ़ें:  Maha Kumbh 2025: श्रद्धालुओं के लिए सुविधाएं और सुरक्षा इंतजाम...,रंगीन ई-पास की व्यवस्था



[ad_2]

Source link

YouTube video player
संस्थापक, प्रजासत्ता डिजिटल मीडिया प्रजासत्ता पाठकों और शुभचिंतको के स्वैच्छिक सहयोग से हर उस मुद्दे को बिना पक्षपात के उठाने की कोशिश करता है, जो बेहद महत्वपूर्ण हैं और जिन्हें मुख्यधारा की मीडिया नज़रंदाज़ करती रही है। पिछलें 9 वर्षों से प्रजासत्ता डिजिटल मीडिया संस्थान ने लोगों के बीच में अपनी अलग छाप बनाने का काम किया है।

Join WhatsApp

Join Now

प्रजासत्ता के 10 साल