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Kedarnath Yatra: केदारनाथ यात्रा के बदले नियम, श्रद्धालु ध्यान दें.., इस खास स्लिप के बिना मंदिर में नहीं होगी एंट्री..!

Kedarnath Temple Token System 2025 : अगर आप भी केदरनाथ दर्शन को जा रहे हैं, तो जाने से पहले पढ़ लें ये महत्वपूर्ण ख़बर..!
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Kedarnath Yatra New Guidelines: अगर आप इस साल बाबा केदारनाथ के दर्शन की योजना बना रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद खास है। उत्तराखंड के पवित्र केदारनाथ धाम में 2025 की चारधाम यात्रा के लिए एक नया टोकन सिस्टम शुरू किया गया है।

हर साल लाखों भक्त बाबा केदार के चरणों में हाजिरी लगाने पहुंचते हैं, लेकिन भीड़ की वजह से उन्हें घंटों लाइन में इंतजार करना पड़ता था। इस परेशानी को दूर करने के लिए शुरू किया गया टोकन सिस्टम श्रद्धालुओं के लिए दर्शन को सरल और व्यवस्थित बना रहा है।

टोकन सिस्टम क्या है? ( Kedarnath Temple Token System 2025)

राज्य सरकार और जिला प्रशासन ने मिलकर केदारनाथ धाम में टोकन सिस्टम लागू किया है। इस व्यवस्था के तहत, मंदिर पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को हेलीपैड के नजदीक बने काउंटर से एक टोकन मिलता है। इस टोकन पर दर्शन का समय और नंबर अंकित होता है, जिसके आधार पर भक्तों को मंदिर में प्रवेश दिया जाता है।

इसका सबसे बड़ा लाभ यह है कि अब भक्तों को लंबी कतारों में घंटों खड़े नहीं रहना पड़ता। वे टोकन पर लिखे समय के अनुसार दर्शन कर सकते हैं और बाकी समय केदारपुरी की सैर का आनंद ले सकते हैं।

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टोकन सिस्टम की खास बातें

  • टोकन मंदिर से करीब 200 मीटर पहले काउंटरों पर उपलब्ध होते हैं।
  • प्रत्येक टोकन पर दर्शन का समय स्पष्ट रूप से लिखा होता है।
  • लाउडस्पीकर के जरिए टोकन नंबर की घोषणा की जाती है, ताकि श्रद्धालु सही समय पर दर्शन के लिए पहुंच सकें।

समय की बचत, सुगम दर्शन

उल्लेखनीय है कि इस टोकन सिस्टम ने मंदिर परिसर में भीड़ को नियंत्रित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। पहले दिन से ही इस व्यवस्था ने श्रद्धालुओं का समय बचाया और दर्शन प्रक्रिया को आसान बनाया। श्रद्धालुओं ने कहा, “टोकन सिस्टम के कारण हमें सुबह से कतार में नहीं लगना पड़ा। समय पर बाबा केदार के दर्शन आसानी से हो गए।”

6.5 लाख से अधिक श्रद्धालु कर चुके हैं दर्शन

गौरतलब है कि 2 मई 2025 को केदारनाथ मंदिर के कपाट खुलने के साथ चारधाम यात्रा शुरू हुई थी। मात्र 28 दिनों में 6.5 लाख से ज्यादा श्रद्धालु बाबा केदार के दर्शन कर चुके हैं। इतनी बड़ी संख्या के बावजूद, टोकन सिस्टम ने भीड़ प्रबंधन में अहम योगदान दिया है। मंदिर में सुबह 5 बजे से रात 9 बजे तक दर्शन की व्यवस्था है, जिसमें विशेष पूजा के लिए अलग से समय निर्धारित किया गया है।

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केदारनाथ मंदिर समिति की अपील

वहीं केदारनाथ मंदिर समिति और उत्तराखंड सरकार ने कहा है कि यह टोकन सिस्टम श्रद्धालुओं की सुविधा और यात्रा को सुरक्षित बनाने के लिए शुरू किया गया है। समिति ने भक्तों से अपील की है कि वे टोकन सिस्टम का पालन करें और दर्शन के लिए निर्धारित समय पर पहुंचें, ताकि सभी को सुगम और शांतिपूर्ण दर्शन का अनुभव मिल सके।

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