Congress vs BJP Women Reservation Bill: लोकसभा में महिला आरक्षण से संबंधित संविधान (131वां संशोधन) विधेयक के पारित न होने के बाद राजनीतिक घमासान थमता नजर नहीं आ रहा है। इस विधेयक के माध्यम से सरकार वर्ष 2029 से लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण लागू करने और लोकसभा सीटों की संख्या 543 से बढ़ाकर 816 करने का प्रस्ताव लेकर आई थी। हालांकि, सदन में इसे अपेक्षित समर्थन नहीं मिल सका।
इस घटनाक्रम के बाद केंद्र सरकार ने महिला आरक्षण विधेयक से संबंधित अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्नों (FAQ) की एक श्रृंखला जारी की है। इसे लेकर विपक्षी दल कांग्रेस ने सरकार पर तीखा प्रहार किया है। कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने रविवार को एक बयान जारी कर सरकार के इस कदम को लोकसभा में मिली ‘शर्मनाक हार’ के बाद की गई एक कसरत बताया है।
जयराम रमेश ने कहा कि 17 अप्रैल की रात को लोकसभा में जो कुछ हुआ, वह सरकार के लिए एक बड़ा झटका था। अब सरकार अपनी उस विफलता से उपजे राजनीतिक नुकसान की भरपाई करने के लिए इन भ्रामक दावों का सहारा ले रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि यदि सरकार को ये FAQ जारी करने ही थे, तो उन्हें विधेयक पेश करने से पहले जारी किया जाना चाहिए था, न कि सदन में हार मिलने के बाद।
कांग्रेस नेता ने स्पष्ट रूप से कहा कि सरकार द्वारा जारी किए गए ये प्रश्न तथ्यात्मक रूप से गलत हैं। उन्होंने विशेष रूप से इस दावे पर आपत्ति जताई कि महिलाओं को आरक्षण देने के लिए निर्वाचन क्षेत्रों का परिसीमन (Delimitation) अनिवार्य है। कांग्रेस का आरोप है कि विपक्ष ने बहस के दौरान परिसीमन से जुड़े जो वास्तविक और तार्किक प्रश्न उठाए थे, सरकार उन पर पूरी तरह से मौन है।
विपक्ष ने पहले ही यह आरोप लगाया है कि मोदी सरकार महिला आरक्षण के नाम पर परिसीमन की आड़ में अपने राजनीतिक हित साधना चाहती है। कांग्रेस का मानना है कि आरक्षण लागू करने के लिए परिसीमन की शर्त को जोड़ना एक भ्रामक रणनीति है। पार्टी ने सरकार के इन दावों को पूरी तरह से ‘फर्जी’ करार देते हुए कहा कि सरकार का पूरा ध्यान जमीनी हकीकत से ध्यान भटकाने पर केंद्रित है।
फिलहाल, इस पूरे घटनाक्रम ने महिला आरक्षण के महत्वपूर्ण मुद्दे को एक बार फिर राजनीतिक रस्साकशी का केंद्र बना दिया है। जहां सरकार इन स्पष्टीकरणों के माध्यम से अपनी स्थिति को मजबूत करने का प्रयास कर रही है, वहीं विपक्ष इसे सरकार की एक सोची-समझी विफलता और जनता को गुमराह करने का जरिया बताकर घेरने में कोई कसर नहीं छोड़ रहा है।
















