ACP Rahul Vikram Transfer: दिल्ली पुलिस में बड़े स्तर पर प्रशासनिक बदलाव करते हुए 27 फरवरी 2026 को कई बड़े अधिकारियों के तबादले किए गए हैं। जानकारों की माने तो करीब ढाई महीने से आईपीएस अधिकारियों के बड़े फेरबदल की चर्चा चल रही थी। जिस पर शुक्रवार देर रात दिल्ली पुलिस मुख्यालय से दो अलग-अलग आदेश जारी किए गए।
पहले आदेश में आठ आईपीएस अधिकारियों को दिल्ली पुलिस के भीतर नई जिम्मेदारियां दी गईं। अजीत कुमार सिंगला को जॉइंट सीपी ईस्टर्न रेंज, आरपी मीणा को डीसीपी शाहदरा, राहुल अलवाल को क्राइम, शोभित डी. सक्सेना को ट्रैफिक, निहारिका भट्ट को द्वारका जिला (एडिशनल डीसीपी-1), सचिन कुमार सिंघल को वेस्ट जिला (एडिशनल डीसीपी-1), ईशा सिंह को नॉर्थ जिला (एडिशनल डीसीपी-1) और प्रवीण कुमार त्रिपाठी को स्पेशल सेल में तैनात किया गया है। नॉर्थ जिला के एडिशनल डीसीपी-1 का प्रभार सुमि झा से वापस ले लिया गया है।
दूसरे आदेश में 11 अधिकारियों को दिल्ली से बाहर भेजा गया है और उन्हें 28 फरवरी 2026 से नई जगह रिपोर्ट करने को कहा गया है। मंगेश कश्यप और संध्या स्वामी को अरुणाचल प्रदेश, राजीव रंजन सिंह को चंडीगढ़ और अचिन गर्ग को भी अरुणाचल प्रदेश भेजा गया है। दीपेंद्र कुमार सिंह, सुम्मा मड्डा, सुनील और राहुल विक्रम को अंडमान-निकोबार भेजा गया है। पटेल निरव कुमार और ईशान भारद्वाज को लक्षद्वीप तथा नीरजा तोकस को भी अंडमान-निकोबार में नई जिम्मेदारी दी गई है। यह तबादले गृह मंत्रालय के आदेशों के तहत किए गए हैं।
हो सकता है कि दिल्ली पुलिस की ओर से जारी आदेश रेगुलर तबादला प्रक्रिया का हिस्सा हो लेकिन इस क्रम में स्पेशल सेल में तैनात 2018 बैच के दानिप्स अधिकारी ACP राहुल विक्रम को तत्काल प्रभाव से अंडमान-निकोबार द्वीप समूह भेजना लोगों के बीच चर्चा का विषय बनी हुई है। दरअसल दिल्ली एआई समिट में शर्ट लेस प्रदर्शन के बाद हाल ही में ACP राहुल विक्रम का नाम हिमाचल प्रदेश से यूथ कांग्रेस कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी के मामले में चर्चा में आया था।
इस मामले में हिमाचल प्रदेश पुलिस और दिल्ली पुलिस के बीच टकराव की स्थिति बनी थी। घटना के दौरान मीडिया भी मौजूद थी और कई वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुए। विभाग ने इसे रणनीतिक चूक माना। वीडियो सार्वजनिक होने से ऑपरेशन की गोपनीयता और दिल्ली पुलिस की छवि पर असर पड़ा। जिस पर गृह मंत्रालय ने भी इस मामले को संज्ञान में लिया। जानकारों की माने तो इसी वजह से उनका तबादला हुआ।
उल्लेखनीय हुई कि दिल्ली पुलिस के स्पेशल सेल में तैनात और 2018 बैच के दानिप्स (DANIPS) अधिकारी ACP राहुल विक्रम मूल रूप से उत्तर प्रदेश के उन्नाव जिले के रहने वाले हैं और कई वर्षों से दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल में कार्यरत थे। उनकी जिम्मेदारी काउंटर टेररिज्म और संगठित अपराध से जुड़े मामलों की जांच रही है। उनके नेतृत्व में टीम ने झारखंड से जुड़े अलकायदा मॉड्यूल का पर्दाफाश किया था।
वह कई चर्चित मामलों में भी सक्रिय रहे हैं। सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड में मास्टरमाइंड सचिन थापन को विदेश से भारत लाने में उनकी टीम की भूमिका रही। इसके अलावा लॉरेंस बिश्नोई के करीबी गैंगस्टर काला राणा को थाईलैंड से गिरफ्तार कर लाने और सात लाख के इनामी गैंगस्टर संदीप उर्फ काला जठेड़ी तथा उसकी साथी अनुराधा की गिरफ्तारी में भी उन्होंने अहम जिम्मेदारी निभाई थी।















