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Raebareli Hacker Exposed: रायबरेली में साइबर ठग को हैकर ने उसी के हथियार से किया एक्सपोज, जानिए कैसे माइक्रोसॉफ्ट के नाम पर करता था लोगों से धोखाधड़ी

Raebareli Hacker Exposed: रायबरेली में साइबर ठग को हैकर ने उसी के हथियार से किया एक्सपोज, जानिए कैसे माइक्रोसॉफ्ट के नाम पर करता था लोगों से धोखाधड़ी
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Raebareli Hacker Exposed: उत्तर प्रदेश के रायबरेली में एक साइबर ठग की करतूतों का सनसनीखेज खुलासा हुआ है। गौरव त्रिवेदी नाम का यह शख्स कथित तौर पर माइक्रोसॉफ्ट टेक सपोर्ट के नाम पर विदेशी नागरिकों को ठगने का धंधा चला रहा था, लेकिन इस बार वह खुद एक हैकर के जाल में फंस गया।

दरअसल, हैकर ने न केवल गौरव के लैपटॉप को हैक किया, बल्कि उसके वेबकैम से स्कैम करते हुए वीडियो बनाया और उसके घर का सटीक पता तक उजागर कर दिया। अब यह मामला सोशल मीडिया पर सुर्खियां बटोर रहा है, और रायबरेली पुलिस से कार्रवाई की मांग की जा रही है।

कौन है गौरव त्रिवेदी और क्या है उसका स्कैम?
गौरव त्रिवेदी रायबरेली में अपने घर से एक फर्जी कॉल सेंटर चला रहा था। वह माइक्रोसॉफ्ट टेक सपोर्ट के नाम पर लोगों को फर्जी पॉप-अप मैसेज भेजता था, जिसमें कंप्यूटर लॉक होने और डेटा चोरी होने का डर दिखाया जाता था।

मैसेज में लिखा होता था, “तुरंत सपोर्ट नंबर पर कॉल करें, वरना आपका डेटा डिलीट हो जाएगा।” जब लोग घबराकर कॉल करते, तो गौरव उनके कंप्यूटर को रिमोट एक्सेस टूल्स जैसे AnyDesk या TeamViewer के जरिए कंट्रोल कर लेता और फिर डेटा या पैसे चुराकर ठगी को अंजाम देता।

हैकर ने कैसे पकड़ा?
दरअसल, नैनो बेटर नाम के एक यूजर, जो खुद को साइबर स्कैमर्स को बेनकाब करने वाला बताते हैं, ने गौरव को उसके ही खेल में मात दी। नैनो, जिनके यूट्यूब चैनल पर 6.5 लाख से ज्यादा सब्सक्राइबर्स हैं, ने गौरव के लैपटॉप को हैक कर लिया। उन्होंने गौरव के वेबकैम से उसका स्कैम करते हुए वीडियो रिकॉर्ड किया और वाई-फाई के जरिए उसके घर का सटीक पता निकाल लिया।

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इतना ही नहीं, नैनो ने गौरव के घर की गूगल मैप्स से ली गई तस्वीरें और उसके स्कैम के वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर शेयर किए। एक थ्रेड में नैनो ने लिखा, “मिलिए गौरव त्रिवेदी से, जो माइक्रोसॉफ्ट के नाम पर लोगों को ठगता है। मैंने उसके लैपटॉप को हैक कर उसकी हरकतें रिकॉर्ड कीं और अब रायबरेली पुलिस से कार्रवाई की मांग करता हूं।”

स्कैम का तरीका: डर और धोखा
गौरव का स्कैम बेहद सुनियोजित था। वह फर्जी पॉप-अप मैसेज के जरिए लोगों को डराता था कि उनके कंप्यूटर में वायरस है और डेटा खतरे में है। इसके बाद वह खुद को माइक्रोसॉफ्ट का इंजीनियर बताकर लोगों के सिस्टम में घुस जाता था।

नैनो द्वारा शेयर किए गए एक ऑडियो में गौरव कहता सुनाई देता है, “माय नेम इज माइक विलसन, मैं आपका असाइन इंजीनियर हूं। यह साइबर अटैक है, और इसके लिए चार्जेस लागू होंगे।” इस तरह वह लोगों को झांसे में लेकर उनकी निजी जानकारी और पैसे चुराता था।

हैकिंग का खतरा और सावधानी
यह मामला साइबर अपराध के बढ़ते खतरे की ओर इशारा करता है। नैनो बेटर जैसे लोग भले ही स्कैमर्स को बेनकाब कर रहे हों, लेकिन हैकिंग अपने आप में एक गैरकानूनी गतिविधि है।

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विशेषज्ञों के अनुसार, हैकर्स अक्सर फिशिंग, मेलवेयर, या रिमोट एक्सेस टूल्स के जरिए लोगों के डिवाइस में सेंध लगाते हैं। फिशिंग में अनजान लिंक या फाइलें भेजकर डिवाइस का एक्सेस लिया जाता है, जबकि मेलवेयर के जरिए सिस्टम को लॉक कर डेटा चोरी किया जाता है।

कैसे रहें सुरक्षित?
– अनजान लिंक, ईमेल, या मैसेज पर क्लिक करने से बचें।
– रिमोट एक्सेस टूल्स जैसे AnyDesk या TeamViewer का इस्तेमाल सावधानी से करें।
– अनसिक्योर वाई-फाई नेटवर्क से कनेक्ट न करें।
– अपने डिवाइस में मजबूत पासवर्ड और अपडेटेड एंटीवायरस सॉफ्टवेयर रखें।
– अगर कोई संदिग्ध कॉल या मैसेज आए, तो तुरंत पुलिस या साइबर सेल को सूचित करें।

पुलिस से कार्रवाई की मांग
नैनो बेटर ने रायबरेली पुलिस को टैग कर गौरव के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। यह पहला मौका नहीं है जब नैनो ने इस तरह के स्कैमर्स को निशाना बनाया हो। वह पहले भी कई भारतीय स्कैम कॉल सेंटर्स को हैक कर उनकी गतिविधियां उजागर कर चुके हैं।

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