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HP Student Union Election: हिमाचल में छात्र संघ चुनाव पर रोक बरकरार, हिंसा के हालात में बहाली संभव नहीं :- शिक्षा मंत्री

HP Student Union Election: हिमाचल में छात्र संघ चुनाव पर रोक बरकरार, हिंसा के हालात में बहाली संभव नहीं :- शिक्षा मंत्री

HP Student Union Election: हिमाचल प्रदेश में विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में छात्र संघ चुनाव फिलहाल बहाल नहीं होंगे। शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने कहा कि हिंसा के इतिहास के कारण छात्र संघ चुनाव कराना उचित नहीं है। कांग्रेस और भाजपा सरकारों में भी यह चुनाव नहीं हुए।

बता दें कि विधानसभा में गैर सरकारी कार्य दिवस पर भाजपा विधायक विपिन सिंह परमार ने छात्र संघ चुनाव दोबारा शुरू करने का संकल्प पेश किया, जिस पर चर्चा हुई।इस दौरान शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने साफ कर दिया कि छात्र संघ चुनाव कराने का फिलहाल कोई इरादा नहीं है, क्योंकि अतीत में इन चुनावों के चलते हिंसा और अशांति देखी गई है।

उन्होंने जोर देकर कहा कि न तो मौजूदा कांग्रेस सरकार ने अपने ढाई साल के कार्यकाल में इन चुनावों को बहाल किया, न ही पहले की भाजपा सरकार ने ऐसा कोई कदम उठाया था। इस मुद्दे पर विधानसभा में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी चर्चा हुई, लेकिन आखिरकार भाजपा विधायक विपिन सिंह परमार ने अपना संकल्प प्रस्ताव वापस ले लिया।

मंत्री राजेश धर्माणी ने भी रोहित ठाकुर का समर्थन करते हुए कहा कि अगर चुनाव कराने से हिंसा, झगड़े या माहौल खराब होने का खतरा है, तो इसे टालना ही बेहतर है। वहीं, विपिन सिंह परमार ने दलील दी कि छात्र संघ चुनाव बंद होने से युवाओं में नेतृत्व की भावना कमजोर पड़ी है। उनके मुताबिक, ये चुनाव युवा नेताओं को तैयार करने का एक जरिया हैं और इन्हें फिर से शुरू करना चाहिए। नाचन से भाजपा विधायक विनोद कुमार ने भी परमार का साथ दिया।

दूसरी ओर, शाहपुर से कांग्रेस विधायक केवल सिंह ने चुनाव के खिलाफ आवाज उठाई। उनका कहना था कि इससे कॉलेजों में पढ़ाई का माहौल बिगड़ता है और कैंपस में तनाव बढ़ता है। चर्चा में भाजपा के हंसराज और राकेश जमवाल के साथ-साथ कांग्रेस विधायक सुरेश कुमार ने भी अपने विचार रखे।

कांग्रेस विधायक हरीश जनारथा ने तंज कसते हुए कहा कि 2013 में चुनाव बंद होने के बाद से छात्र राजनीति लगभग खत्म सी हो गई है। उन्होंने चुटकी लेते हुए बताया कि कई पूर्व छात्र नेता आज छोटे-मोटे काम, जैसे चने-मूंगफली बेचने या फोटोग्राफी करने को मजबूर हैं। कुछ की तो निजी जिंदगी भी प्रभावित हुई है। जनारथा का कहना था कि अब छात्र राजनीति युवाओं को ज्यादा आकर्षित नहीं करती, इसलिए इसे दोबारा शुरू करने से कोई खास फायदा नहीं होगा।

बता दें कि भाजपा विधायक विपिन सिंह परमार ने चुनाव बहाली का प्रस्ताव रखा, लेकिन हिंसा और पढ़ाई पर असर की आशंका के चलते इसे वापस ले लिया। कांग्रेस विधायक हरीश जनारथा ने कहा कि 2013 से बंद चुनावों के बाद छात्र राजनीति कमजोर हुई, जो अब युवाओं को आकर्षित नहीं करती।

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