Shimla Visa Fraud:हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में विदेश में नौकरी और वीज़ा दिलाने के बहाने बड़ी ठगी का मामला सामने आया है। पुलिस ने एक ऐसे गिरोह का पर्दाफाश किया है जो पढ़े-लिखे युवाओं को विदेश भेजने का लालच देकर उनसे लाखों रुपये ऐंठ रहा था। इस सिलसिले में पुलिस ने मुख्य आरोपी एक महिला को गिरफ्तार कर लिया है।
पुलिस अधीक्षक गर्व सिंह ने बताया कि शिमला के एक व्यक्ति ने शिकायत की थी कि आरोपी ने उसकी बहन भावना को कनाडा भेजने और वहां वीज़ा का पूरा इंतजाम करने का वादा किया था। आरोपी ने इस काम के लिए भरोसा दिलाया और लगभग 25 लाख रुपये ले लिए। लेकिन पैसे मिलने के बाद न तो वीज़ा की कोई प्रक्रिया हुई और न ही पैसा वापस किया गया।
शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धोखाधड़ी, साजिश रचने और धमकी देने वाली धाराओं में मामला दर्ज किया। जांच शुरू होने पर पता चला कि आरोपी काफी चालाक है। वह बार-बार अपना मोबाइल सिम बदल कर और व्हाट्सएप कॉल के जरिए संपर्क बनाए रखती थी ताकि पकड़ा न जाए।
पुलिस ने पंजाब और हरियाणा में टीमें भेजीं। कई संदिग्ध ठिकानों पर छापेमारी की गई। लगातार तकनीकी निगरानी और गुप्त सूचनाओं के आधार पर एक खास टीम बनाई गई। आखिरकार 22 फरवरी को चंडीगढ़ के खरड़ इलाके में शिवालिक सिटी के एक फ्लैट पर छापा मारा गया। वहां से मुख्य आरोपी मंजू कुमारी को हिरासत में ले लिया गया।
पुलिस का कहना है कि यह गिरोह अकेला नहीं था। जांच में अब यह देखा जा रहा है कि गिरोह के बाकी सदस्य कौन-कौन हैं और क्या अन्य लोगों के साथ भी ऐसी ही ठगी हुई है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी इमिग्रेशन एजेंट या एजेंसी से विदेश जाने का वादा करने से पहले उनकी पूरी जांच कर लें। बिना पुष्टि के किसी को पैसे न दें, ताकि ऐसी ठगी से बचा जा सके।


















