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नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल की टीम ने किया निर्माणाधीन राष्ट्रीय राजमार्ग 707 का दौरा

नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल
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नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल के आदेशों पर गठित कमेटी ने निर्माणाधीन राष्ट्रीय राजमार्ग 707 का दौरा किया। दरअसल, आप नेता नाथू राम चौहान ने गलत डंपिंग और पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने को लेकर एनजीटी में पीआईएल दाखिल की है। आरोपों की प्रारंभिक जांच के लिए सिरमौर उपायुक्त की अध्यक्षता में कमेटी गठित की गई है।

सिरमौर जिले में पता साहब से गमा तक राष्ट्रीय राजमार्ग 707 निर्माण अधीन है राष्ट्रीय राजमार्ग के निर्माण में शुरू से धांधलियों के आरोप लगाते रहे हैं। प्रशासन और मोर्थ को शिकायतें करने पर कंपनियों की मनमानी जारी रही। लिहाजा आप नेता नाथूराम चौहान ने प्रदूषण और गलत ढंग से डंपिंग को लेकर एनजीटी में पीआईएल डाली। मामले में अब मामले में एचटी एक्शन मोड पर है। एनजीटी ने इस मामले में पार्टी बनाए गए सरकारी विभागों को मामले की जांच कर रिपोर्ट देने के निर्देश दिए हैं।

एनजीटी ने सेंट्रल पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड, मिनिस्ट्री ऑफ एनवायरमेंट एंड फारेस्ट, एक्सईएन पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड पांवटा साहिब, प्रोजेक्ट डायरेक्टर मॉर्थ
को जॉइंट इंफेक्शन के निर्देश दिए। डीसी सिरमौर को इस कमेटी का ऑर्डिनेटर न्युक्त किया गया है। इस कमेटी ने आज सीसीआई राजबन से लेकर कफोटा तक निरीक्षण किया। एनजीटी को दी शिकायत में जिन स्थान पर अवैध और अवैज्ञानिक डंपिंग का जिक्र है, उन स्थानों पर टीम ने निरीक्षण किया और रिपोर्ट तैयार की। उक्त टीम ने कफोटा से गुम्मा तक 21 मार्च को निरीक्षण की तिथि तय की है। इसके बाद कमेटी एनजीटी को रिपोर्ट सौंपेगी।

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शिकायतकर्ता नाथूराम चौहान ने बताया कि निर्माण का काम कर रही कंपनियों ने लगभग 72 जगह पर अवैध रूप से डंपिंग की है। उससे करोड़ टन मालवा नालों और बरसाती खड्डों में चला गया है। पीने के पानी और सिंचाई की कई स्कीम में मालवे में दब गई है। लाखों की संख्या में पेड़ पौधे नष्ट हो गए हैं। करोड़ों टन मलवा नालों के किनारे पड़ा है। नाथूराम चौहान का कहना है कि यह करोड़ों टन मलबा बरसाती पानी के साथ बहकर बाढ़ का रूप ले सकता है और उससे मैदानी क्षेत्रों में बड़ी मात्रा में भूमि कटाव की भी संभावना है।

कोऑर्डिनेशन कमेटी के अध्यक्ष एडीसी सिरमौर एलआर वर्मा ने बताया कि एनजीटी के निर्देशों के अनुसार कफोटो तक चिन्हित डंपिंग साइड का निरीक्षण किया गया है। कफोटा से आगे गुम्मा तक 21 मार्च को निरीक्षण किया जाएगा। उन्होंने कहा कि निरीक्षण की रिपोर्ट एनजीटी को सौंप जाएगी।

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