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स्वास्थ्य मंत्री डॉ. राजीव सैजल के हस्तक्षेप के बाद सोलन मेकशिफ्ट अस्पताल में नर्सों की हड़ताल समाप्त

स्वास्थ्य मंत्री डॉ. राजीव सैजल के हस्तक्षेप के बाद सोलन मेकशिफ्ट अस्पताल में नर्सों की हड़ताल समाप्त

सोलन|
कोरोना समर्पित मेकशिफ्ट अस्पताल में छह दिनों से चली आ रही नर्सों की हड़ताल खत्म हो गई है| स्वास्थ्य मंत्री डॉ. राजीव सैजल ने नर्सों से मिलकर उनकी हड़ताल को समाप्त करवाया| स्वास्थ्य मंत्री के साथ एसडीएम सोलन अजय यादव, सीएमओ डॉ. राजन उप्पल विशेष रूप से उपस्थित रह| स्वास्थ्य मंत्री ने नर्सों की मांगों को गंभीरता सुना. मौके पर ही आउटसोर्सिंग कंपनी प्रबंधन से मोबाइल पर बात की और नर्सों को आ रही समस्याओं को जल्द निपाटने के आदेश दिए|

स्वास्थ्य मंत्री डॉ. राजीव सहजल ने कहा कि नर्सों की ओर उनके समक्ष मांगें रखी गई है| सैलरी और इंसेंटिव के संशय को दूर किया जाएगा| अगर आउटसोर्ट कंपनी की ओर से कोई अनियमितता बरती गई है, तो सख्त कार्रवाई की जाएगी. सैजल ने सभी स्टाफ को हरसंभव मदद का आश्वसान दिया है|

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बता दें कि 16 अगस्त को कसौली में एसडीएम कार्यालय के विधिवत शुभारम्भ कार्यक्रम में प्रजासत्ता संवाददाता ने नसों की हड़ताल के मुद्दे को लेकर हिमाचल प्रदेश के स्वस्थ्य मंत्री से हड़ताल को लेकर सवाल किया था जिसमें उन्होंने नर्सों की समस्याओं पर बात कर उसे जल्द सुलझाने का अश्वासन दिया गया था| जिसके बाद स्वास्थ्य मंत्री डॉ. राजीव सैजल के हस्तक्षेप के बाद छह दिनों से चली आ रही नर्सों की हड़ताल समाप्त हो गई है| हालांकि इससे पहले स्वास्थ्य विभाग व जिला प्रशासन की ओर से सुलझाने का हर संभव प्रयास किया गया, लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ|

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गौरतलब है कि कोरोना की तीसरी संभावित लहर को देखते हुए सरकार और स्वास्थ्य विभाग सतर्क है| जिसके लिए मेकशिफ्ट अस्पताल भी बनाए गए हैं| यहां कार्य करने के लिए निजी कंपनी द्वारा आउटसोर्सिंग के माध्यम से स्टाफ और नर्सों को नियुक्त किया गया है| लेकिन सोलन में आउटसोर्स के जरिए रखे गए स्टाफ की न तो समय पर निर्धारित पगार मिल रही थी और न ही किसी तरह के इंसेंटिव दिया जा रहा है. यहां तक की कुछ नर्सों को तो ज्वाइनिंग लेटर तक नहीं दिया गया था | जिसके बाद उन्होंने हड़ताल कर अपनी मानगो को उठाया था|

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