Solan News: हिमाचल प्रदेश के सोलन जिले में नालागढ़-रामशहर-शिमला मार्ग पर कुमारहट्टी के पास एक बार फिर भूस्खलन हो गया है। इस भूस्खलन के चलते सड़क का बड़ा हिस्सा करीब 15 फीट नीचे धंस गया है, जिससे मार्ग पूरी तरह से बंद हो चुका है। सड़क पर जगह-जगह बड़ी-बड़ी दरारें आ गई हैं, जिससे स्थिति अत्यंत खतरनाक बनी हुई है।
यह दूसरी बार है जब इस मार्ग पर यह स्थिति बनी है। पिछले वर्ष छह अगस्त को भी यह मार्ग धंस गया था और इस वर्ष भी वही हालत हो गई है। भूस्खलन की घटना के बाद सड़क के समीप स्थित एक मकान को एहतियात के तौर पर खाली करवा दिया गया है। इस कार्रवाई में एनडीआरएफ और प्रशासन की टीमें शामिल रहीं।
सड़क बंद होने के कारण वाहन चालकों और स्थानीय निवासियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। आवागमन ठप होने से आसपास के क्षेत्रों के लोग वैकल्पिक मार्गों का सहारा लेने को मजबूर हैं। सड़क की स्थिति को देखते हुए प्रशासन अलर्ट मोड पर है और स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है।
घटना की गंभीरता को देखते हुए नालागढ़ के विधायक हरदीप बावा, एसडीएम नरेंद्र आहलुवालिया, तहसीलदार हुसन चंद, पीडब्ल्यूडी के अधिशासी अभियंता परवरसर सिंह और सहायक अभियंता राकेश कुमार ने कुम्हारहट्टी पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। अधिकारियों ने मौके पर जाकर भूस्खलन से हुए नुकसान का आकलन किया और राहत कार्यों की दिशा में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
एसडीएम नालागढ़ नरेंद्र आहलुवालिया ने बताया कि पीडब्ल्यूडी विभाग और एनडीआरएफ की टीम ने मौके पर जाकर सड़क के साथ लोगों के मकानों को खाली करवा दिया है। उन्होंने कहा कि प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे बंद किए गए मार्ग पर जाने से बचें और संभावित खतरे को देखते हुए प्रशासन के निर्देशों का पालन करें।
वहीं, इस भूस्खलन ने एक और गंभीर समस्या पैदा कर दी है। नालागढ़-रामशहर-शिमला रोड पर कुमारहट्टी-मित्तियां के पास हुए भारी भूस्खलन के कारण चिकनी खड्ड का बहाव पूरी तरह अवरुद्ध हो गया है। इस कारण वहां कई मीटर लंबी एक विशाल कृत्रिम झील बन गई है, जिसमें कई फीट पानी जमा हो गया है।
मलबे का यह बांध कभी भी अचानक टूट सकता है, जिससे निचले क्षेत्रों में अचानक तीव्र बाढ़ जैसी गंभीर स्थिति पैदा होने का खतरा बना हुआ है। खड्ड का जलस्तर लगातार बढ़ने से आसपास के गांवों में दहशत का माहौल है। प्रशासन ने निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।
एसडीएम नरेंद्र आहलुवालिया ने आमजन से अपील करते हुए कहा कि लोग चिकनी खड्ड के आसपास या तटीय क्षेत्रों में जाने से पूरी तरह बचें। खड्ड के निचले इलाकों और खड्ड के तटों के पास रह रहे सभी लोग एवं परिवार तुरंत अपने साथ परिजनों की सुरक्षा सुनिश्चित करें और सतर्क रहें। उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार की आपातकालीन स्थिति, जलस्तर में बदलाव या खतरे का आभास होने पर तुरंत स्थानीय प्रशासन से संपर्क करें।


















