Google News Preferred Source
साइड स्क्रोल मेनू

केजरीवाल ने PM मोदी को लिखी चिट्ठी ‘दूसरी कंपनियों से भी वैक्सीन का फॉर्मूला शेयर करने का दिया सुझाव’

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ED To Arrest Arvind Kejriwal today, Delhi Excise Policy Case

प्रजासत्ता|
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने मंगलवार को एक चिट्ठी लिखकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सुझाव दिया है| मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने केंद्र सरकार से कोरोना वैक्सीन का फार्मूला सभी सक्षम कंपनियों के लिए सार्वजनिक करने की अपील की है। देश में अभी केवल दो कंपनियां कोरोना वैक्सीन बना रही है। केजरीवाल के मुताबिक यह फामूर्ला अन्य कंपनियों को भी देने से अधिक वैक्सीन का उत्पादन होगा और सभी को वैक्सीन लगाई जा सकेगी। उन्होंने ये चिंता भी जताई कि दिल्ली के पास अगले कुछ ही दिनों का वैक्सीन बचा है।

मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने मंगलवार को कहा कि वैक्सीन एक बहुत बड़ी चुनौती बन गई है। आज केवल दो कंपनियां वैक्सीन बना रही हैं। यह दोनों कंपनियां मिलकर महीने में केवल छह-सात करोड़ वैक्सीन बनाती हैं। ऐसे देश के सभी लोगों को वैक्सीन लगाने में दो साल से अधिक का समय लग जाएगा। तब तक कोविड की पता नहीं कितनी लहरें आ जाएगी, कितनी बर्बाद हो जाएगी। इसलिए यह जरूरी है कि हम भारत में वैक्सीन का उत्पादन युद्ध स्तर पर करें। देश के हर नागरिक को अगले कुछ महीने में वैक्सीन लगाने की राष्ट्रीय योजना बनाए।

इसे भी पढ़ें:  विपक्ष को एकजुट करने की तैयारी; दिल्ली में नीतीश और तेजस्वी ने खड़गे से की मुलाकात, राहुल गांधी भी रहे मौजूद

इसके पहले उन्होंने एक डिजिटल प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कोरोना के खिलाफ वैक्सीनेशन ड्राइव को तेज करने की वकालत की| उन्होंने कहा कि देश में युद्ध स्तर पर वैक्सीन उत्पादन करने की जरूरत है और इसके लिए वैक्सीन निर्माण का काम बस दो कंपनियों के पास नहीं रहना चाहिए|

उन्होंने कहा कि ‘अभी हम सवा लाख डोज़ रोज़ लगा रहे हैं, इसको 3 लाख रोजाना करने लक्ष्य है, लेकिन बड़ी समस्या आ रही है, वो है वैक्सीन की. हमारे पास कुछ ही दिन की वैक्सीन बची है और यह समस्या देशव्यापी है|’ उन्होंने कहा, ‘कुछ राज्य तो ऐसे हैं जहां वैक्सीन होने के कारण टीकाकरण शुरू भी नहीं हो पाया. टीका बनाने वाली केवल दो कंपनियां हैं जो महीने में 6-7 करोड़ वैक्सीन बनाती हैं| अब जरूरी है कि भारत में वैक्सीन उत्पादन युद्ध स्तर पर बढ़ाएं|’

इसे भी पढ़ें:  खुदाई के दौरान कई मकान गिरे

उन्होंने कहा, जब कोरोना आया था उस समय PPE किट की कितनी किल्लत थी अगर उस समय कुछ ही कंपनियां यह बनातीं तो आज भी कितनी किल्लत होती लेकिन आज PPE किट की किल्लत नहीं है| वैक्सीन उत्पादन करने वाली कंपनियों के उत्पादन का एक अंश मूल कंपनियों को रॉयल्टी के तरह दे सकते हैं जिससे उनको नुकसान ना हो|

YouTube video player
संस्थापक, प्रजासत्ता डिजिटल मीडिया प्रजासत्ता पाठकों और शुभचिंतको के स्वैच्छिक सहयोग से हर उस मुद्दे को बिना पक्षपात के उठाने की कोशिश करता है, जो बेहद महत्वपूर्ण हैं और जिन्हें मुख्यधारा की मीडिया नज़रंदाज़ करती रही है। पिछलें 9 वर्षों से प्रजासत्ता डिजिटल मीडिया संस्थान ने लोगों के बीच में अपनी अलग छाप बनाने का काम किया है।

Join WhatsApp

Join Now

प्रजासत्ता के 10 साल