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GST Council Meet: स्वास्थ्य बीमा प्रीमियम, एटीएफ, ‘सिन टैक्स’ जैसे मुद्दों पर हो सकते हैं बड़े फैसले..

Published on: 21 December 2024
GST Council Meet Jaisalmer

GST Council Meet Jaisalmer: जीएसटी परिषद की 55वीं बैठक केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता में शनिवार को जैसलमेर में शुरू होने जा रही है। इस बैठक में स्वास्थ्य बीमा प्रीमियम पर प्रस्तावित दर कटौती और एविएशन टर्बाइन फ्यूल (एटीएफ) को जीएसटी के दायरे में शामिल करने पर चर्चा होगी।

जानकारी के अनुसार जीएसटी परिषद बैठक (GST Council Meet ) के दौरान करीब 150 वस्तुओं की दरों में संशोधन पर भी विचार-विमर्श करेगी, इस बदलाव से केंद्र को करीब 22,000 करोड़ रुपये का अतिरिक्त राजस्व प्राप्त होने की संभावना है।

जीएसटी परिषद के लिए एक महत्वपूर्ण एजेंडा यह तय करना है कि फूड डिलीवरी प्लेटफॉर्म द्वारा डिलीवरी शुल्क पर 5 प्रतिशत जीएसटी 2022 से लागू किया जाएगा या नहीं। उल्लेखनीय है कि वर्तमान में, फूड डिलीवरी कंपनियां डिलीवरी शुल्क पर जीएसटी का भुगतान नहीं करती हैं।

इसके अलावा एक अन्य प्रमुख एजेंडा टर्म स्वास्थ्य और जीवन बीमा प्रीमियम पर प्रस्तावित दर कटौती है।गौरतलब है कि जीवन और स्वास्थ्य बीमा पर जीएसटी छूट/कटौती उद्योग की लंबे समय से लंबित मांग है, क्योंकि इससे बीमाकर्ताओं और पॉलिसीधारकों दोनों पर कर का बोझ कम होगा।

उल्लेखनीय है कि बीते दिनों बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट सिंह चौधरी की अगुवाई में मंत्रियों के समूह (जीओएम) के ज्यादातर पैनल सदस्यों ने स्वास्थ्य और जीवन बीमा पॉलिसी प्रीमियम पर पूरी छूट की वकालत की, जबकि कुछ पैनल सदस्यों ने मौजूदा 18 प्रतिशत से दर को घटाकर 5 प्रतिशत करने का सुझाव दिया। इसके अलावा, 5 लाख रुपये तक का कवरेज देने वाली बीमा पॉलिसियों को भी जीएसटी से राहत मिल सकती है।

जीएसटी परिषद की बैठक में इसके अलावा विमानन टरबाइन ईंधन को जीएसटी के दायरे में लाने के मुद्दे पर विचार किए जाने की संभावना है। वर्तमान में, एटीएफ पर 11 प्रतिशत का केंद्रीय उत्पाद शुल्क लगाया जाता है। क्षेत्रीय संपर्क योजना के तहत इसमें 2 प्रतिशत की रियायत भी है।

इसके अलावा, जीओएम की ओर से हाल ही में तंबाकू और सॉफ्ट ड्रिंक पर सिन टैक्स लगाने का प्रस्ताव है। सिन गुड्स को टारगेट करते हुए 35 प्रतिशत का नया स्लैब पेश किए जाने की संभावना है। जानकारों के अनुसार, ऐसी श्रेणी के निर्माण से यह कड़ा संदेश जाएगा कि भारत अस्वस्थ आदतों पर आधारित उद्योगों के मुनाफे पर अपने लोगों की भलाई को प्राथमिकता देता है।

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