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मंडी भूस्खलन मामले में BJP सांसद Kangana Ranaut पर झूठी अफवाह फैलाने का आरोप, डीसी मंडी की जांच में खोखले साबित हुए दावे

Published on: 28 August 2025
मंडी भूस्खलन मामले में BJP सांसद Kangana Ranaut पर झूठी अफवाह फैलाने का आरोप, डीसी मंडी की जांच में खोखले साबित हुए दावे

BJP MP Kangana Ranaut False Rumours in Mandi Landslide: हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले में बनाला के पास भूस्खलन की खबर को लेकर मंडी से बीजेपी सांसद कंगना रनौत विवादों में आ गई हैं। कंगना ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर दावा किया था कि भूस्खलन में कई लोग और वाहन मलबे में दबे हो सकते हैं, लेकिन डिप्टी कमिश्नर (डीसी) अपूर्व देवगन ने इसे पूरी तरह बेबुनियाद करार देते हुए कंगना पर झूठी अफवाह फैलाने का आरोप लगाया है।

दरअसल, कंगना रनौत ने अपने एक्स अकाउंट पर लिखा, “मंडी के बनाला के पास हुए इस बड़े हादसे की खबर बेहद दुखद है। भूस्खलन की वजह से कई लोगों और वाहनों के मलबे में दबे होने की आशंका है। मैं प्रभावित परिवारों के साथ खड़ी हूं और प्रशासन के लगातार संपर्क में हूं। राहत और बचाव कार्य युद्धस्तर पर चल रहे हैं।”

उनकी इस पोस्ट ने लोगों में चिंता और अफरा-तफरी मचा दी, सोशल मीडिया और मीडिया में सनसनी फ़ैल गई लेकिन डीसी मंडी की जांच में यह दावे खोखले साबित हुए।

मीडिया से बात करते हुए डीसी अपूर्व देवगन, जो जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के चेयरमैन भी हैं, ने साफ किया कि भूस्खलन में किसी के मलबे में दबे होने का कोई सबूत नहीं मिला है। उन्होंने कहा, “बनाला भूस्खलन को लेकर अफवाहें न फैलाएं। अभी तक यह साबित नहीं हुआ कि कोई मलबे में दबा है।”

अपने आधिकारिक बयान में देवगन ने बताया कि सोशल मीडिया पर फैली खबरें, जिसमें लोगों की मौत और वाहनों के फंसने की बात कही गई, पूरी तरह गलत हैं। “कुछ लोग, जिनमें कंगना रनौत भी शामिल हैं, बिना सत्यापन के गलत जानकारी फैला रहे हैं, जो बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है,” उन्होंने जोड़ा।

देवगन के अनुसार, बुधवार रात 8.30 बजे हुई इस घटना में मलबा नदी तक पहुंचा, लेकिन अभी तक साफ किए गए मलबे में किसी व्यक्ति या वाहन के फंसे होने की पुष्टि नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि बाकी मलबा अगले कुछ घंटों में हटाया जाएगा, और कोई प्रत्यक्षदर्शी भी सामने नहीं आया है। इस बीच, मंडी-कुल्लू नेशनल हाईवे-21 क्षतिग्रस्त होने से करीब 2,100 वाहन फंस गए, लेकिन किसी हताहत की सूचना नहीं है।

कंगना के इस बयान को लेकर स्थानीय प्रशासन और सोशल मीडिया यूजर्स में नाराजगी है। कई लोग इसे सनसनी फैलाने की कोशिश बता रहे हैं। प्रशासन ने लोगों से रात के सफर से बचने और अफवाहों से दूर रहने की सलाह दी है। अब कंगना पर सवाल उठ रहे हैं कि क्या उन्होंने अपनी जिम्मेदारी को भूलकर जल्दबाजी में बयान दिया, जिससे जनता में भ्रम पैदा हुआ।

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