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उपलब्धि! Ghumarwin Civil Hospital में पहली बार सफल सिजेरियन प्रसव..!

उपलब्धि! Ghumarwin Civil Hospital में पहली बार सफल सिजेरियन प्रसव..!
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Ghumarwin Civil Hospital: घुमारवीं सिविल अस्पताल ने स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि दर्ज की है। अस्पताल के इतिहास में पहली बार सिजेरियन प्रसव (सी-सेक्शन) सफलतापूर्वक करवाया गया है। विशेष बात यह रही कि पहले ही दिन दो अत्यंत जटिल प्रसव मामलों को चिकित्सा दल ने चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में पूरी सावधानी और विशेषज्ञता के साथ पूरा कर माताओं और नवजात शिशुओं को सुरक्षित जीवन प्रदान किया।

अस्पताल में यह उपलब्धि डॉ. अनुपम शर्मा, डॉ. अभिनव गौतम, तकनीकी स्टाफ उमेश, पूजा, अंकुश तथा वार्ड स्टाफ सीता और रमा की उत्कृष्ट टीमवर्क का परिणाम है। टीम ने अत्यंत संवेदनशील प्रक्रियाओं को गति, सूझबूझ और कुशलता के साथ अंजाम दिया, जिससे दोनों प्रसूता महिलाएं और उनके बच्चे पूर्णतः स्वस्थ हैं।

इस अवसर पर प्रदेश सरकार के नगर नियोजन, आवास, तकनीकी शिक्षा, व्यावसायिक एवं औद्योगिक प्रशिक्षण मंत्री राजेश धर्माणी ने इस ऐतिहासिक सफलता पर संपूर्ण चिकित्सा दल को बधाई दी। उन्होंने कहा कि घुमारवीं सिविल अस्पताल में पहली बार इस प्रकार का जटिल सिजेरियन प्रसव सफलतापूर्वक होना, प्रदेश सरकार की उस दूरदर्शी सोच का प्रमाण है जिसके तहत हर विधानसभा क्षेत्र में “आदर्श स्वास्थ्य संस्थान” स्थापित करने का लक्ष्य रखा गया था। उन्होंने कहा कि अब इन प्रयासों के परिणाम धरातल पर स्पष्ट रूप से दिखाई देने लगे हैं।

मंत्री धर्माणी ने कहा कि सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि लोगों को गुणवत्तापूर्ण चिकित्सीय सेवाएं घर-द्वार पर ही प्राप्त हों और जटिल प्रसव मामलों के लिए बड़े अस्पतालों की ओर जाने की मजबूरी समाप्त हो। इससे सामान्य परिवारों पर आर्थिक बोझ भी कम होगा और समय तथा जोखिम दोनों की बचत होगी। उन्होंने विश्वास जताया कि घुमारवीं में हुई यह सफलता आने वाले समय में स्वास्थ्य सेवाओं के नए आयाम स्थापित करेगी।

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बीएमओ डॉ. अनुपम शर्मा ने बताया कि आज जिन दो महिलाओं का सफलतापूर्वक सिजेरियन प्रसव करवाया गया, उनमें टकरेड़ा की वह महिला शामिल है जो 19 वर्षों बाद गर्भवती हुई थी तथा जिसका मामला अत्यंत संवेदनशील था। वहीं दूसरी महिला जोल–कुठेडा की निवासी है, जिनके पेट में रसौली पाए जाने के चलते उनका प्रसव अत्यधिक जटिल था। दोनों मामलों में चिकित्सा दल ने सावधानीपूर्वक ऑपरेशन किया और दोनों महिलाओं तथा नवजात शिशुओं को सुरक्षित स्वास्थ्य प्रदान किया गया।

डॉ. अनुपम ने बताया कि इस महत्वपूर्ण ऑपरेशन के लिए आवश्यक आधुनिक उपकरण उपलब्ध करवाने में मंत्री राजेश धर्माणी का विशेष योगदान रहा। उनके दिशा-निर्देश पर मोर्टल लैबोरेट्रीज द्वारा ऑपरेशन के लिए सभी आवश्यक अत्याधुनिक उपकरण स्पॉन्सर किए गए, जिससे अस्पताल को काफी सहायता मिली।

मंत्री राजेश धर्माणी ने कहा कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व में हिमाचल प्रदेश सरकार “आदर्श स्वास्थ्य संस्थान” योजना के तहत प्रदेश के सभी 68 विधानसभा क्षेत्रों में आधुनिक सुविधाओं से युक्त अस्पताल विकसित कर रही है। प्रत्येक संस्थान में मेडिसिन, सर्जरी, प्रसूति एवं स्त्री रोग, बाल रोग, अस्थि रोग एवं एनेस्थीसिया के विशेषज्ञ डॉक्टर तैनात किए जा रहे हैं। इसके अतिरिक्त, अस्पतालों के बुनियादी ढाँचे को उन्नत किया जा रहा है, उन्हें आधुनिक उपकरण प्रदान किए जा रहे हैं तथा सेवाओं की गुणवत्ता में व्यापक सुधार किया जा रहा है।

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उन्होंने बताया कि पहले चरण में 34 अस्पतालों को आदर्श संस्थान के रूप में विकसित किया जा रहा है, जिनमें क्षेत्रीय एवं जिला अस्पतालों को प्राथमिकता दी गई है। कठिन भौगोलिक परिस्थितियों एवं ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुँच और विश्वसनीयता बढ़ाना इस योजना की प्रमुख प्राथमिकता है। इस पहल का लक्ष्य विशेषज्ञ सेवाओं की समय पर उपलब्धता सुनिश्चित करना, रेफरल के मामलों को कम करना तथा दूरदराज़ क्षेत्रों में स्वास्थ्य संरचना को और अधिक मजबूत बनाना है।

घुमारवीं सिविल अस्पताल में आज दर्ज की गई यह सफलता न केवल चिकित्सा दल के अथक प्रयासों का प्रमाण है, बल्कि प्रदेश सरकार की स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार की प्रतिबद्धता का भी सशक्त उदाहरण है। यह उपलब्धि आने वाले समय में घुमारवीं तथा आसपास के क्षेत्रों के नागरिकों को और अधिक उन्नत स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान करने की दिशा में मील का पत्थर सिद्ध होगी।

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