Google News Preferred Source
साइड स्क्रोल मेनू

Retirement Planning: रिटायरमेंट की तैयारी में कहां चूक जाते हैं लोग, बाद में होता है पछतावा

Retirement Planning: रिटायरमेंट की तैयारी में कहां चूक जाते हैं लोग, बाद में होता है पछतावा

Retirement Planning: रिटायरमेंट हर किसी की जिंदगी का अहम पड़ाव होता है, लेकिन इसकी तैयारी में लोग अक्सर कुछ ऐसी गलतियां कर बैठते हैं जिनका अहसास बहुत देर से होता है। रिटायर हो चुके या रिटायरमेंट के करीब पहुंचे लोगों से बातचीत करने पर यह बात साफ नजर आती है।

सबसे बड़ी गलती यह है कि कम उम्र में रिटायरमेंट प्लानिंग को गंभीरता से नहीं लिया जाता। लोगों को लगता है कि अभी बहुत समय है। इस दौरान ध्यान बच्चों की पढ़ाई, घर और गाड़ी जैसी जरूरतों पर रहता है। नतीजा यह होता है कि रिटायरमेंट के लिए जरूरी बचत और निवेश समय पर शुरू नहीं हो पाता और बाद में पर्याप्त फंड जुटाना मुश्किल हो जाता है।

इसे भी पढ़ें:  Google Credit Card: डिजिटल पेमेंट को आसान बनाने के लिए Google Pay ने लॉन्च किया पहला ग्लोबल क्रेडिट कार्ड..!

एक और आम सोच यह है कि रिटायरमेंट के बाद खर्च बहुत कम हो जाएगा। यह बात पूरी तरह सही नहीं है। कुछ खर्च जरूर कम होते हैं, लेकिन नए खर्च भी सामने आते हैं। इनमें सबसे बड़ा खर्च इलाज और मेडिकल जरूरतों का होता है। इलाज महंगा होने की वजह से रिटायरमेंट के बाद कुल खर्च में मेडिकल खर्च की हिस्सेदारी बढ़ जाती है।

कई लोग रिटायरमेंट के बाद सिर्फ एक ही आय के स्रोत पर जरूरत से ज्यादा भरोसा करते हैं, जैसे पेंशन, किराए की आमदनी या बिजनेस से होने वाली कमाई। पेंशन को छोड़ दें तो बाकी स्रोतों से मिलने वाली आय की कोई पक्की गारंटी नहीं होती। किराया बीच में रुक सकता है और नया बिजनेस जमने में समय ले सकता है। ऐसे में एक ही स्रोत पर निर्भर रहना जोखिम भरा हो सकता है।

इसे भी पढ़ें:  Health Insurance Premiums Steady: सरकार का बड़ा कदम- अगले साल नहीं बढ़ेंगे हॉस्पिटल चार्ज, स्वास्थ्य बीमा प्रीमियम होंगे स्थिर

कुछ लोग रिटायरमेंट से पहले ही अपनी पूरी बचत सुरक्षित माने जाने वाले विकल्पों में लगा देते हैं, जैसे बैंक एफडी या डेट फंड। इससे पैसे पर मिलने वाला रिटर्न कम हो जाता है। अगर यह रिटर्न महंगाई से भी कम है, तो धीरे-धीरे पैसे की असली कीमत घटने लगती है। जानकारों का मानना है कि रिटायरमेंट फंड में ऐसे विकल्प भी होने चाहिए जो बेहतर रिटर्न दे सकें।

विशेषज्ञों का मानना है कि रिटायरमेंट फंड को ऐसे विकल्पों में रखना चाहिए जहां अच्छा रिटर्न मिल सके, ताकि लंबे समय तक पैसा बढ़ता रहे। कुल मिलाकर, रिटायरमेंट की सही योजना समय पर और संतुलित तरीके से करना जरूरी है, ताकि बाद की जिंदगी आर्थिक चिंता के बिना आराम से गुजारी जा सके।

इसे भी पढ़ें:  Best Short Term Investment: शॉर्ट टर्म में इन विकल्पों में निवेश पर मिलते हैं शानदार रिटर्न..
YouTube video player
मेरा नाम नेहा है, और मैं प्रजासत्ता न्यूज़ नेटवर्क में कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हूँ। मुझे एंटरटेनमेंट से जुड़ी खबरें लिखना बेहद पसंद है, क्योंकि यह दुनिया की रंगीनियों और हलचलों को दर्शाने का एक अनूठा मौका देता है। फिल्म, संगीत और टीवी शो की दुनिया में हो रहे नवीनतम बदलावों को पाठकों के सामने पेश करना मेरे लिए एक रोमांचक अनुभव है।

Join WhatsApp

Join Now

प्रजासत्ता के 10 साल