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Stone Kumbh Chail के रचयिता और परम शिव भक्त सत्य भूषण का निधन, पत्थर से बनाया था आस्था का अद्भुत संगम

Stone Kumbh Chail, Satya Bhushan Bhalawag: चायल- शिमला मार्ग पर अपनी कला और शिव भक्ति से 'Stone-Kumbh' मंदिर की स्थापना करने वाले सत्य भूषण का स्वर्गवास हो गया है। ग्राम भलावाग के इस महान साधक ने अपना जीवन शिव मूर्ति और मंदिर निर्माण को समर्पित कर दिया था।
Published on: 28 February 2026
Stone Kumbh Chail के रचयिता और परम शिव भक्त सत्य भूषण का निधन, पत्थर से बनाया था आस्था का अद्भुत संगम

Stone Kumbh Chail: हिमाचल प्रदेश के चायल क्षेत्र में स्थित प्रसिद्ध Stone-Kumbh Shiv Temple के निर्माता और परम शिव भक्त सत्य भूषण का 27 फरवरी को स्वर्गवास हो गया है। ग्राम भलावाग निवासी सत्य भूषण ने अपना पूरा जीवन भगवान शिव की भक्ति और मंदिर निर्माण में समर्पित कर दिया था। उनका यह प्रयास आज एक अनोखे धार्मिक और पर्यटन स्थल के रूप में जाना जाता है।

साल 1980 में एक सपने में भगवान शिव के दर्शन के बाद सत्य भूषण ने अपने पैतृक भूमि पर यह मंदिर बनाना शुरू किया। अकेले हाथों से, बिना किसी बड़े इंजीनियरिंग सहायता के, उन्होंने 38 वर्षों से अधिक समय तक पत्थरों से यह अद्भुत संरचना तैयार की।

इस मंदिर को “Temple in My Dream” भी कहा जाता है, और यह चायल -शिमला-कुफ़री मार्ग पर पर्यटकों के लिए आकर्षण का प्रमुख केंद्र बन चुका है। मंदिर की खूबसूरती और शिव मूर्तियां इंटरनेट पर “Stone-Kumbh” नाम से वायरल हैं, जहां यह आस्था और कला का अनुपम मेल दर्शाती हैं। पूरे साल भर इस मंदिर को देखने के लिए लोगों की भीड़ वहां पहुँचती थी।

सत्य भूषण बताते थे कि एक रात सपने में भगवान शिव के दर्शन हुए और उन्होंने एक अद्भुत शिव मंदिर का दृश्य देखा। इसी सपने से प्रेरित होकर उन्होंने अपनी पैतृक भूमि (ग्राम भलावाग, जनेड़घाट के पास) पर यह मंदिर बनाना शुरू किया।

अकेले हाथों से, बिना किसी बड़े इंजीनियर, आर्किटेक्ट या मशीनरी की मदद के, उन्होंने 38 साल से अधिक समय लगाकर यह संरचना तैयार की। स्थानीय पत्थर, सीमेंट, लोहे की तारें (मेटल वायर) और अपनी कल्पना से उन्होंने शिव की विशाल मूर्तियां, गुंबद, गुफा और अन्य संरचनाएं बनाईं।

सत्य भूषण एक बेहद सरल व्यक्तित्व के धनी थे। वे अक्सर मंदिर के पास ही रहते थे और आने वाले हर श्रद्धालु को बड़े प्रेम से मंदिर की कहानी सुनाते थे। उन्होंने अपनी खेती-बाड़ी और निजी जमापूँजी इस मंदिर को भव्य रूप देने में लगा दी। आज उनकी बनाई यह कृति इंटरनेट पर लाखों लोगों के आकर्षण का केंद्र है।

उनके निधन पर स्थानीय निवासियों और शिव भक्तों ने गहरा दु:ख व्यक्त किया है। लोगों का कहना है कि सत्य भूषण जी भले ही शरीर से विदा हो गए हों, लेकिन चायल की पहाड़ियों में स्थित ‘स्टोन-कुंभ’ की हर शिला में उनकी भक्ति और उनकी मेहनत हमेशा जीवित रहेगी।

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