Monalisa Farman Khan POCSO Case: महाकुंभ के दौरान सोशल मीडिया पर चर्चा में आईं मोनालिसा भोसले एक बार फिर विवादों के केंद्र में हैं। राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग (NCST) की हालिया जांच के बाद उनके पति फरमान खान के खिलाफ पोक्सो (POCSO) एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है। आयोग द्वारा जुटाए गए दस्तावेजों के अनुसार, विवाह के समय मोनालिसा नाबालिग थीं।
आयोग की रिपोर्ट में यह स्पष्ट किया गया है कि मोनालिसा की वास्तविक जन्मतिथि 30 दिसंबर 2009 है। इस आधार पर 11 मार्च को हुए विवाह के समय उनकी आयु मात्र 16 वर्ष थी। आयोग ने यह भी गंभीर आरोप लगाया है कि इस विवाह को संपन्न करने के लिए मोनालिसा का फर्जी जन्म प्रमाण पत्र तैयार किया गया था।
यह मामला अब प्रशासनिक और राजनीतिक गलियारों में तूल पकड़ता जा रहा है। आयोग ने इस प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए केरल और मध्य प्रदेश के पुलिस महानिदेशक (DGP) को समन जारी किया है। दोनों अधिकारियों को 22 अप्रैल को दिल्ली में आयोग के समक्ष व्यक्तिगत रूप से पेश होने का निर्देश दिया गया है।
विदित हो कि मोनालिसा और फरमान खान का विवाह 11 मार्च को तिरुवनंतपुरम के निकट पूवर स्थित एक मंदिर में संपन्न हुआ था। इस हाई-प्रोफाइल विवाह में माकपा के कई दिग्गज नेता शामिल हुए थे। उस समय राज्य सचिव एम.वी. गोविंदन और शिक्षा मंत्री वी. शिवनकुट्टी ने इसे ‘केरल की असली कहानी’ बताते हुए सामाजिक सौहार्द के प्रतीक के रूप में पेश किया था।
फरमान खान मूल रूप से महाराष्ट्र के निवासी हैं और पेशे से अभिनेता व मॉडल हैं। उनकी और मोनालिसा की मुलाकात सोशल मीडिया के माध्यम से हुई थी। हालांकि, इस रिश्ते का मोनालिसा के परिवार ने पुरजोर विरोध किया था। उनके परिजनों की इच्छा मोनालिसा का विवाह उनके बुआ के बेटे से करने की थी।
शादी के समय इस मामले ने ‘लव जिहाद’ की चर्चाओं के कारण भी सुर्खियां बटोरी थीं। उस दौरान मोनालिसा ने मीडिया के सामने आकर स्पष्ट किया था कि यह विवाह उनकी स्वेच्छा से हिंदू रीति-रिवाजों के अनुसार हुआ है और किसी ने भी धर्म परिवर्तन नहीं किया है। लेकिन अब उम्र से संबंधित नए खुलासों ने इस पूरे मामले को कानूनी पचड़े में डाल दिया है।



















