Congress on Ram Mandir: कांग्रेस ने पूछा सवाल, “क्या 4 शंकराचार्यों के मार्गदर्शन में हो रही रामलला की प्राण-प्रतिष्ठा..?”

Congress on Ram Mandir: अयोध्या में 22 जनवरी को राम मंदिर का उद्घाटन होगा। उसी दिन दोपहर में अनुष्ठान के बीच पीएम मोदी रामलला की प्रतिमा को गर्भगृह में प्राण-प्रतिष्ठित करेंगे। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, सोनिया गांधी और अधीर रंजन चौधरी को प्राण प्रतिष्ठा में शामिल होने का निमंत्रण दिया गया था, जिसे उन्होंने अस्वीकार किया है।

Congress on Ram Mandir: कांग्रेस ने पूछा सवाल, "क्या 4 शंकराचार्यों के मार्गदर्शन में हो रही रामलला की प्राण-प्रतिष्ठा..?"

प्रजासत्ता नेशनल डेस्क |
Congress on Ram Mandir: अयोध्या में राम मंदिर उद्घाटन और गर्भगृह में रामलला की प्राण-प्रतिष्ठा से पहले देश की सियासत में महाभारत छिड़ गया है। एक तरफ तो कांग्रेस द्वारा राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम में जाने का न्योता अस्वीकार करने के बाद भारतीय जनता पार्टी उन पर जमकर निशाना साध रही है, वहीँ कांग्रेस ने अयोध्या में राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम को एक बार फिर से बीजेपी का राजनीतिक कार्यक्रम बताया है।

कांग्रेस प्रवक्ता पवन खेड़ा ने शुक्रवार (12 जनवरी) को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बीजेपी से सवाल किया कि क्या (Ram mandir) प्राण प्रतिष्ठा को लेकर नियमों का पालन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि क्या भगवान के मंदिर जाने के लिए किसी निमंत्रण की आवश्यकता होती है? किस तारीख को कौन जाएगा, क्या यह कोई पार्टी तय करेगी? क्या कोई पार्टी तय करेगी कि मैं अपने भगवान के मंदिर कब जाऊं?. पवन खेड़ा ने कहा कि न इंसान किसी को मंदिर में बुला सकता है और न इंसान किसी को मंदिर जाने से रोक सकता है। किसी भी मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा का एक विधि विधान होता है, धर्म शास्त्र होते हैं।

उन्होंने ये भी कहा कि चार शंकराचार्यों ने कहा है कि एक अधूरे मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा नहीं की जा सकती है। शंकराचार्यों की चिट्ठी पर सवाल खड़े करते हुए पवन खेड़ा ने कहा कि एक चिट्ठी पर प्रबंधक के हस्ताक्षर हैं और दूसरे पर निजी सचिव के हैं। जबकि स्वयं शंकराचार्य की वीडियो सबने देखी है। उन्होंने कहा कि चारों पीठों के शंकराचार्य स्पष्ट रूप से कह चुके हैं कि एक अधूरे मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा नहीं की जा सकती। ऐसे में अगर यह कार्यक्रम धार्मिक नहीं है, तो यह कार्यक्रम राजनीतिक है।

कांग्रेस प्रवक्ता पवन खेड़ा ने कहा कि भगवान और मेरे बीच कोई बिचौलिया नहीं हो सकता। उन्होंने सवाल उठाया कि प्राण प्रतिष्ठा के लिए तारीख कौन से पंचांग से बनाई गई है? तारीख का सेलेक्शन चुनाव देख कर किया गया है। हम एक आदमी के राजनीतिक तमाशे के लिए भगवान से खिलवाड़ नहीं देख सकते हैं। उन्होंने कहा कि एक राजनीतिक कार्यक्रम में मेरे और मेरे भगवान के बीच एक राजनीतिक दल के कार्यकर्ता बिचौलिए बनकर बैठ जाएं, हम यह बर्दाश्त नहीं करेंगे। मंदिर निर्माण का कार्य विधिवत पूरा हो, लेकिन इसमें किसी प्रकार का राजनीतिक दखल कोई भी भक्त बर्दाश्त नहीं करेगा।

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