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Himachal Politics: सांसद अनुराग शर्मा बोले – महिला आरक्षण बिल की हार मोदी सरकार के लिए खतरे की घंटी

Women Reservation Bill India : लोकसभा में महिला आरक्षण संशोधन बिल के गिर जाने के बाद राज्यसभा सांसद अनुराग शर्मा ने इसे सरकार की विफलता करार दिया है। उन्होंने कहा कि विपक्ष के साथ संख्या बल का अंतर मात्र 10 सांसदों का है, जो सरकार की अस्थिरता दर्शाता है।
Published on: 19 April 2026
Himachal Politics: सांसद अनुराग शर्मा बोले - महिला आरक्षण बिल की हार मोदी सरकार के लिए खतरे की घंटी

Himachal Politics News: नव निर्वाचित राज्यसभा सांसद अनुराग शर्मा ने हाल ही में लोकसभा में महिला आरक्षण बिल के गिर जाने को मोदी सरकार के लिए ‘खतरे की घंटी’ करार दिया है। उन्होंने कहा कि इस बिल के खिलाफ 230 वोट पड़े, जबकि लोकसभा में भाजपा की अपनी संख्या केवल 240 है। शर्मा के अनुसार, यह स्पष्ट है कि भाजपा और विपक्ष के बीच संख्या बल का फासला मात्र 10 सांसदों का है, जिसे किसी भी समय बदला जा सकता है।

सांसद अनुराग शर्मा ने कहा कि महिला आरक्षण बिल संसद में वर्ष 2023 में ही सर्वसम्मति से पारित हो चुका है, जिसे 2029 में लागू किया जाना है। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि मोदी सरकार इसे 2027 में लागू करने की इच्छुक थी, तो उन्हें वही मूल बिल प्रस्तुत करना चाहिए था जिसे कांग्रेस सहित पूरे विपक्ष का पहले ही समर्थन प्राप्त है।

उन्होंने आगे कहा कि कांग्रेस के वरिष्ठ नेता श्री राहुल गांधी ने सरकार को 2023 के मूल बिल को ही सदन में लाने की सलाह दी थी। आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि सरकार महिला आरक्षण की आड़ में अपना छिपा हुआ एजेंडा थोपना चाहती थी, जिसे देश ने पूरी तरह नकार दिया है।

अनुराग शर्मा ने कहा कि कांग्रेस पार्टी सदैव संसद और विधानसभाओं में महिलाओं को आरक्षण देने की पक्षधर रही है। उन्होंने याद दिलाया कि स्वर्गीय राजीव गांधी ने ही पंचायतों में महिलाओं को आरक्षण दिलाने का ऐतिहासिक कार्य किया था। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा ने महिला आरक्षण के मुद्दे का उपयोग केवल राजनीति करने के लिए किया है।

सांसद अनुराग शर्मा ने भाजपा से सीधा सवाल किया कि जब उनके पास बिल पारित कराने के लिए आवश्यक बहुमत नहीं था, तो उन्होंने इसे संसद में पेश ही क्यों किया? उन्होंने कहा कि इस कवायद में सरकार ने जनता के करोड़ों रुपये व्यर्थ गंवाए, जिसका कोई सकारात्मक परिणाम नहीं निकला।

अंत में उन्होंने जोर देकर कहा कि भाजपा इस मुद्दे पर अपनी राजनीतिक रोटियां सेंकने का प्रयास कर रही है, लेकिन उन्हें इसमें सफलता नहीं मिलेगी। विपक्ष अब इस स्थिति को सरकार की गंभीर विफलता के रूप में देख रहा है, जो आने वाले समय में राजनीतिक समीकरणों को बदल सकता है।

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