Bhupendra Singh Kanwar Air Vice Marshal: हिमाचल प्रदेश के जिला हमीरपुर के एक छोटे से गांव ढोह से भारतीय वायुसेना के शीर्ष नेतृत्व तक का सफर तय कर भूपेंद्र सिंह कंवर ने अपनी काबिलियत का लोहा मनवाया है। वरिष्ठ वायुसेना अधिकारी भूपेंद्र सिंह कंवर को पदोन्नत कर ‘एयर वाइस मार्शल’ बनाया गया है।
उन्होंने 13 अप्रैल 2026 को असिस्टेंट चीफ ऑफ एयर स्टाफ (पर्सनल एंड सिविलियन्स) के महत्वपूर्ण पद का कार्यभार विधिवत रूप से ग्रहण कर लिया है। करीब 34 वर्षों की समर्पित और बेदाग सैन्य सेवा के बाद उन्हें यह गरिमामयी जिम्मेदारी सौंपी गई है।
भूपेंद्र सिंह कंवर की इस अभूतपूर्व उपलब्धि ने न केवल उनके पैतृक जिले हमीरपुर, बल्कि पूरे हिमाचल प्रदेश को गौरवान्वित किया है। विशेष रूप से सैनिक स्कूल सुजानपुर टिहरा में इस खबर के बाद जश्न का माहौल है। विद्यालय प्रबंधन और पूर्व छात्र इसे क्षेत्र के लिए एक ऐतिहासिक क्षण बता रहे हैं। कंवर का जन्म हमीरपुर के ढोह गांव में हुआ और उनकी प्रारंभिक शिक्षा कंजियांण तथा ऊना में संपन्न हुई, जिसके बाद उन्होंने देशसेवा का मार्ग चुना।
शिक्षा और सैन्य करियर की नींव की बात करें तो वर्ष 1981 में उन्होंने सैनिक स्कूल सुजानपुर टिहरा के चौथे बैच में प्रवेश लेकर अपने सपनों को पंख दिए थे। इसके बाद, वर्ष 1987 में उन्होंने 78वें कोर्स के तहत प्रतिष्ठित राष्ट्रीय रक्षा अकादमी (NDA) में दाखिला लिया। कड़ी मेहनत और प्रशिक्षण के उपरांत दिसंबर 1991 में उन्हें भारतीय वायुसेना की फ्लाइंग नेविगेशन शाखा में कमीशन प्राप्त हुआ। उल्लेखनीय है कि वह इस सैनिक स्कूल से एयर कमोडोर बनने वाले पहले अधिकारी थे और अब एयर वाइस मार्शल बनने वाले भी प्रथम अधिकारी बन गए हैं।
वायुसेना में उनके अनुभव की गहराई का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि उन्होंने देश के विभिन्न चुनौतीपूर्ण क्षेत्रों में अपनी सेवाएं दी हैं। एचएस-748 एव्रो, एएन-32 और आईएल-76 जैसे विशाल और जटिल विमानों पर उन्हें 4000 से अधिक फ्लाइंग आवर्स (उड़ान घंटे) का व्यापक अनुभव प्राप्त है। करियर के शुरुआती दौर में ही उनकी प्रतिभा को पहचानते हुए उन्हें क्वालिफाइड नेविगेशन इंस्ट्रक्टर कोर्स के लिए चुना गया था। इसके बाद उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा।
भूपेंद्र सिंह कंवर के नाम कई विशिष्ट उपलब्धियां दर्ज हैं। वह एयरक्रू एग्जामिनिंग बोर्ड में देश के सबसे युवा परीक्षकों में शामिल रहे हैं। इसके साथ ही उन्होंने डायरेक्टोरेट ऑफ एयर स्टाफ इंस्पेक्शन में एक युवा निरीक्षक के रूप में कार्य करते हुए वायुसेना की परिचालन क्षमता के मूल्यांकन में निर्णायक भूमिका निभाई। उन्होंने चीफ नेविगेशन इंस्ट्रक्टर, नेविगेशन ट्रेनिंग स्कूल के कमांडिंग ऑफिसर और दक्षिण-पश्चिम क्षेत्र के एक ऑपरेशनल एयर डिफेंस बेस के प्रमुख के रूप में भी अपनी रणनीतिक सूझबूझ का परिचय दिया है।
प्रशासनिक और नेतृत्व क्षमता के मोर्चे पर भी उन्होंने अमिट छाप छोड़ी है। कर्नाटक और गोवा में उप महानिदेशक एनसीसी के रूप में कार्य करते हुए उन्होंने लगभग 95 हजार कैडेट्स के प्रशिक्षण और मार्गदर्शन की जिम्मेदारी बखूबी निभाई। इसके अतिरिक्त, एयर फोर्स रिकॉर्ड्स ऑफिस के प्रमुख के तौर पर उन्होंने वायुसेना के मानव संसाधन प्रबंधन में नए आयाम स्थापित किए। उनकी शैक्षणिक यात्रा भी उतनी ही प्रभावशाली है, जिसमें उन्होंने बीएससी, एमएससी, एमफिल और सूचना प्रौद्योगिकी में डिप्लोमा जैसी उच्च डिग्रियां अर्जित की हैं।
उनकी इस पदोन्नति पर हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने हार्दिक बधाई दी है। मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया के माध्यम से अपनी खुशी साझा करते हुए लिखा कि भूपेंद्र सिंह कंवर की यह सफलता हिमाचल की गौरवशाली सैन्य परंपरा को नई ऊंचाइयों पर ले गई है। उत्कृष्ट सेवाओं के लिए उन्हें ‘विशिष्ट सेवा पदक’ (VSM), चीफ ऑफ एयर स्टाफ प्रशंसा और एओसी-इन-सी प्रशंसा पत्र से भी सम्मानित किया जा चुका है। उनकी यह यात्रा आज के युवाओं के लिए अनुशासन और देशप्रेम का जीवंत उदाहरण है।
















