Fixed Return Schemes: अपनी मेहनत की कमाई को कम जोखिम के साथ सुरक्षित और अच्छा रिटर्न प्राप्त करने की चाह रखने वाले निवेशकों के लिए सरकार समर्थित कई योजनाएं एक बेहतर विकल्प बनकर सामने आई हैं। मौजूदा समय में बाजार में उपलब्ध कुछ स्कीमें 7.5 प्रतिशत या उससे अधिक का शानदार ब्याज दे रही हैं। इन योजनाओं की सबसे बड़ी और खास बात यह है कि इनमें निवेशकों का पैसा पूरी तरह से सुरक्षित रहता है और कई मामलों में आयकर में छूट का भी लाभ मिलता है।
आज के समय में अधिकांश निवेशक ऐसे विकल्प तलाशते हैं जहां जोखिम की संभावना नगण्य हो और मुनाफे की दर अच्छी बनी रहे। खास तौर पर ऐसे लोग जो अपनी मेहनत की कमाई को सुरक्षित रखना चाहते हैं, उनके लिए सरकारी योजनाएं हमेशा से ही पहली पसंद रही हैं।
वर्तमान में ऐसी 6 प्रमुख योजनाएं उपलब्ध हैं जो 8.2 प्रतिशत तक का रिटर्न प्रदान कर रही हैं। इन सभी सरकारी योजनाओं में निवेश करने पर ग्राहकों को विभिन्न प्रकार की वित्तीय सुरक्षा और कर संबंधी लाभ मिलते हैं। आइए इस रिपोर्ट के माध्यम से इन सभी योजनाओं के बारे में विस्तार से चर्चा करते हैं और इनकी मुख्य विशेषताओं को समझते हैं।
पोस्ट ऑफिस टाइम डिपॉजिट (5 साल)
डाकघर की 5 साल की फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) जैसी इस योजना में निवेशकों को 7.5 प्रतिशत का ब्याज प्राप्त होता है। यह उन लोगों के लिए बहुत अच्छा विकल्प है जो बिना किसी जोखिम के अपनी धनराशि को निश्चित अवधि के लिए सुरक्षित रखना चाहते हैं। इस योजना में निवेश करने पर पुरानी टैक्स व्यवस्था के नियमों के अनुसार कर छूट का लाभ भी प्राप्त किया जा सकता है।
आरबीआई फ्लोटिंग रेट बॉन्ड
यह विशिष्ट योजना भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा जारी की जाती है और इस पर निवेशकों को लगभग 8.05 प्रतिशत का ब्याज दिया जाता है। इस योजना की कुल अवधि 7 वर्ष है और इसमें निवेश करने के लिए कोई अधिकतम सीमा तय नहीं की गई है। सरकार की सीधी गारंटी होने के कारण यह एक अत्यंत सुरक्षित और आकर्षक निवेश विकल्प है।
सीनियर सिटीजन सेविंग्स स्कीम (SCSS)
यह विशेष योजना खासतौर पर वरिष्ठ नागरिकों के लिए तैयार की गई है, जो नियमित आय का साधन तलाश रहे हैं। इस योजना के तहत खाताधारकों को वर्तमान में लगभग 8.2 प्रतिशत का ब्याज दिया जाता है। इस स्कीम में निवेश करने के लिए न्यूनतम राशि 1,000 रुपये निर्धारित की गई है, जबकि इसमें अधिकतम 30 लाख रुपये तक का निवेश किया जा सकता है। यह योजना नियमित आय चाहने वाले बुजुर्गों के लिए एक अत्यंत सुरक्षित और उपयोगी विकल्प मानी जाती है।
सुकन्या समृद्धि योजना (SSA)
बेटियों के सुरक्षित भविष्य के निर्माण के लिए यह एक बेहद लोकप्रिय योजना है। सुकन्या समृद्धि योजना के तहत वर्तमान में 8.2 प्रतिशत की दर से ब्याज दिया जा रहा है। इस योजना में न्यूनतम निवेश की सीमा 250 रुपये प्रति वर्ष है, जबकि अधिकतम 1.5 लाख रुपये तक का सालाना निवेश किया जा सकता है। इस योजना की मैच्योरिटी अवधि 21 वर्ष होती है। इसके अलावा, जमा की गई राशि, अर्जित ब्याज और मैच्योरिटी की राशि पर पुरानी टैक्स व्यवस्था के अंतर्गत कर छूट का लाभ मिलता है।
नेशनल सेविंग्स सर्टिफिकेट (NSC)
यह भी एक सरकार समर्थित योजना है, जिसके तहत निवेशकों को 7.7 प्रतिशत का ब्याज प्राप्त होता है। इस योजना की परिपक्वता अवधि 5 वर्ष है और इसमें न्यूनतम 1,000 रुपये से निवेश शुरू किया जा सकता है, जबकि अधिकतम निवेश की कोई सीमा नहीं है। इस योजना में अर्जित ब्याज सालाना आधार पर संयोजित (कंपाउंड) होता है और इसकी पूरी राशि मैच्योरिटी के समय एकमुश्त प्रदान की जाती है।
पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF)
पब्लिक प्रोविडेंट फंड लंबी अवधि के निवेश और रिटायरमेंट फंड तैयार करने के लिए एक बेहद प्रसिद्ध और लोकप्रिय योजना है। वर्तमान में इस पर 7.1 प्रतिशत के आसपास ब्याज दिया जाता है और यह ब्याज दर हर तिमाही में बदल सकती है। इस योजना की परिपक्वता अवधि 15 वर्ष होती है। पुरानी टैक्स व्यवस्था के तहत इसमें निवेश की गई राशि और मैच्योरिटी पर मिलने वाली राशि दोनों पर कर छूट की सुविधा उपलब्ध है।
निष्कर्ष के तौर पर, यदि निवेशक कम जोखिम के साथ अच्छा रिटर्न प्राप्त करना चाहते हैं, तो ये सभी योजनाएं उनके लिए एक बेहतर और ठोस विकल्प साबित हो सकती हैं। इन योजनाओं का सबसे बड़ा लाभ यह है कि इनमें सरकारी समर्थन शामिल होता है, जिससे मूलधन सुरक्षित रहता है और कर में छूट का फायदा भी मिल जाता है।
















