Google Android 17 Release: दुनिया भर के टेक लवर के लिए बड़ी खबर है क्योंकि टेक दिग्गज गूगल ने इस हफ्ते आयोजित हुए ‘एंड्रॉइड शो 2026’ में स्मार्टफोन और कंप्यूटिंग की दुनिया के लिए कई बड़े बदलावों का ऐलान किया है। कंपनी की योजना अब एंड्रॉइड को एक पूरी तरह से एआई आधारित पर्सनल असिस्टेंट प्लेटफॉर्म में बदलने की है। इन नए अपडेट्स के तहत जेमिनी एआई, गूगल क्रोम में ऑटोमेशन और एआई कीबोर्ड जैसे कई अत्याधुनिक फीचर्स को शामिल किया जाएगा। इस बड़े बदलाव के साथ ही गूगल अब मार्केट में क्रोमबुक लैपटॉप के बाद अपनी एक बिल्कुल नई श्रेणी ‘गूगलबुक’ भी पेश करने जा रहा है।
कंपनी द्वारा साझा की गई आधिकारिक जानकारी के मुताबिक, जून 2026 तक एंड्रॉइड-17 को आधिकारिक तौर पर रोलआउट कर दिया जाएगा। हालांकि, इसके साथ घोषित किए गए अन्य महत्वपूर्ण एआई फीचर्स को पूरे साल के दौरान अलग-अलग समय पर पेश किया जाएगा। टेक एक्सपर्ट और एथेनिल (athenil) के को-फाउंडर तुषार मेहता के अनुसार, गूगल इस समय मुख्य रूप से फ्रॉड, एआई, टाइपिंग और स्क्रीन टाइम कंट्रोल जैसे कई बड़े मोर्चों पर तेजी से काम कर रहा है।
स्मार्टफोन यूजर्स को आए दिन होने वाली वित्तीय धोखाधड़ी से बचाने के लिए गूगल एक बेहद प्रभावी कदम उठा रहा है। आजकल स्कैमर्स अक्सर बैंक कर्मचारी बनकर लोगों को कॉल करते हैं और उनसे ओटीपी (OTP) या बैंक अकाउंट की महत्वपूर्ण डिटेल्स मांगकर ठगी की वारदातों को अंजाम देते हैं। इस समस्या से निपटने के लिए अब एंड्रॉइड में एक नया ‘वेरिफाइड फाइनेंशियल कॉल’ फीचर शामिल किया जा रहा है।
इस फीचर की कार्यप्रणाली के अनुसार, यदि आपके स्मार्टफोन में आपके बैंक का आधिकारिक एप इंस्टॉल है और आपके पास कोई फेक कॉल आती है, तो डिवाइस का सिस्टम खुद बैकएंड पर जांच करेगा कि यह कॉल वास्तव में बैंक द्वारा की गई है या नहीं। यदि जांच में यह पाया जाता है कि कॉल बैंक की तरफ से नहीं आई है, तो एआई (AI) तकनीक की मदद से आपका फोन उस फ्रॉड कॉल को खुद-ब-खुद कट कर देगा।
आजकल के युवाओं और स्मार्टफोन यूजर्स में शॉर्ट वीडियो और रील्स देखने की बढ़ती लत को कम करने के लिए भी गूगल ने एक विशेष समाधान निकाला है। इसके लिए ऑपरेटिंग सिस्टम में ‘पॉज पॉइंट’ नामक एक नया फीचर पेश किया जा रहा है। इस फीचर के माध्यम से यूजर उन एप्स को चुन सकेंगे जो उनका ध्यान भटकाते हैं। इसके बाद जब भी यूजर उस एप को खोलने की कोशिश करेगा, तो वह तुरंत ओपन नहीं होगा, बल्कि उसमें 10 सेकंड का एक ‘पॉज’ यानी ठहराव दिखाई देगा। इन 10 सेकंड के भीतर यूजर को उस एप के इस्तेमाल की समय सीमा तय करनी होगी, जैसे कि वह उस एप को केवल 5 मिनट के लिए ही चलाने का विकल्प चुन सकेगा।
हार्डवेयर के क्षेत्र में बड़ा कदम बढ़ाते हुए गूगल अब अपने क्रोमबुक के बाद लैपटॉप की एक नई सीरीज ‘गूगलबुक’ लाने की तैयारी में है। यह पूरी तरह से एंड्रॉइड आधारित लैपटॉप होगा। हालांकि, इसका इंटरफेस उपयोगकर्ताओं को काफी हद तक विंडोज जैसा अनुभव देगा, लेकिन इसमें सभी एंड्रॉइड एप्स विंडो मोड में सुचारू रूप से चल सकेंगे। तकनीकी विशेषताओं की बात करें तो इस नए गूगलबुक में जेमिनी एआई, एक आकर्षक मल्टीकलर एलईडी स्ट्रिप, बेहद हल्का डिजाइन और काफी लंबी चलने वाली बैटरी लाइफ जैसे एडवांस फीचर्स मिलेंगे।
स्मार्टफोन के भीतर गूगल का जेमिनी एआई अब एक पर्सनल असिस्टेंट की तरह काम करेगा, जो फोन पर आपके कई कार्यों को खुद ही संभालने में सक्षम होगा। उदाहरण के लिए, यदि आप ऑनलाइन खाना ऑर्डर करना चाहते हैं, तो जेमिनी एआई आपकी पुरानी पसंद, वर्तमान लोकेशन और आपके बजट के हिसाब से बेहतरीन रेस्टोरेंट की तलाश कर सकेगा। इतना ही नहीं, यह भोजन का चयन करके ऑर्डर की पूरी प्रक्रिया को आगे बढ़ाने में मदद करेगा। हालांकि, सुरक्षा को पूरी तरह पुख्ता रखने के लिए भुगतान (payment) का अंतिम चरण केवल यूजर को ही स्वयं पूरा करना होगा।
इसके अतिरिक्त, डिजिटल टाइपिंग को और अधिक सरल बनाने के लिए गूगल अपने कीबोर्ड ‘गूगल बोर्ड’ में ‘रैमब्लर’ नाम का एक नया एआई वॉइस टाइपिंग फीचर जोड़ रहा है। यह फीचर यूजर द्वारा बोली गई बिखरी हुई या अव्यवस्थित बातों को समझकर उसे पूरी तरह से व्यवस्थित टेक्स्ट में बदल देगा। यह फीचर लगभग उन सभी एंड्रॉइड एप्स में काम करेगा जहां भी स्मार्टफोन में टाइपिंग करने की सुविधा दी गई है।

















