Himachal Govt DA News: हिमाचल प्रदेश में सरकारी कर्मचारियों के महंगाई भत्ते (DA) को लेकर राज्य सरकार की प्रशासनिक और कानूनी मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं। राज्य के सरकारी कर्मचारियों को केंद्र सरकार के कर्मियों के समान महंगाई भत्ता दिए जाने की मांग से जुड़ी एक अहम याचिका पर सुनवाई करते हुए हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से एक बार फिर जवाब तलब किया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए अदालत ने सरकार को अपनी स्थिति स्पष्ट करने का निर्देश दिया है।
इस मामले की सुनवाई के दौरान हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को अपना आधिकारिक जवाब दाखिल करने के लिए चार सप्ताह का अतिरिक्त समय प्रदान किया है। गौरतलब है कि इससे पहले भी हुई सुनवाई के दौरान प्रदेश सरकार ने अदालत से इस विषय पर अपना पक्ष रखने के लिए चार सप्ताह का समय मांगा था। सरकार द्वारा बार-बार समय मांगे जाने से यह मामला अब कानूनी रूप से काफी संवेदनशील मोड़ पर पहुंच गया है।
हाईकोर्ट के न्यायाधीश न्यायमूर्ति अजय मोहन गोयल की अदालत में इस मामले की नियमित सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान राज्य सरकार के कानूनी प्रतिनिधियों की ओर से अदालत के समक्ष जवाब दाखिल करने के लिए कुछ और अतिरिक्त समय देने का विशेष आग्रह किया गया। माननीय अदालत ने सरकार के इस आग्रह को स्वीकार करते हुए उन्हें अंतिम अवसर के रूप में चार सप्ताह का समय और दे दिया है।
उल्लेखनीय है कि इस कानूनी विवाद के याचिकाकर्ता राज्य के शिक्षा विभाग में अधीक्षक ग्रेड-दो के पद पर कार्यरत हैं। याचिका में दिए गए विवरण के अनुसार, उनकी नियुक्ति 28 जनवरी 1998 को शिक्षा विभाग के अंतर्गत लिपिक (क्लर्क) के पद पर हुई थी। इसके बाद विभाग में उनकी सेवा अवधि और वरिष्ठता के आधार पर जुलाई 2008 में उन्हें वरिष्ठ सहायक के पद पर पदोन्नत किया गया। इसके बाद जुलाई 2014 में उन्हें पुनः प्रमोट कर अधीक्षक ग्रेड-दो बनाया गया।
याचिका में राज्य सरकार द्वारा समय-समय पर बढ़ाए गए महंगाई भत्ते का पूरा आधिकारिक ब्यौरा और तारीखें पेश की गई हैं। याचिका के दस्तावेजों के अनुसार, राज्य सरकार ने 9 फरवरी 2022 को कर्मचारियों का महंगाई भत्ता 28 प्रतिशत से बढ़ाकर 31 प्रतिशत किया था। इसके बाद 27 अप्रैल 2023 को इसे 31 प्रतिशत से बढ़ाकर 34 प्रतिशत किया गया। अगले चरण में 2 मार्च 2024 को डीए को 34 प्रतिशत से बढ़ाकर 38 प्रतिशत किया गया।
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, इसके बाद 16 अक्टूबर 2024 को कर्मचारियों का महंगाई भत्ता 38 प्रतिशत से बढ़ाकर 42 प्रतिशत किया गया। वहीं, पिछले साल 15 अक्टूबर 2025 को इसे 42 प्रतिशत से बढ़ाकर 45 प्रतिशत करने की अधिसूचना जारी की गई थी। वर्तमान समय में हिमाचल प्रदेश के राज्य कर्मचारियों को इसी 45 प्रतिशत की दर से महंगाई भत्ता दिया जा रहा है, जिसे सरकार द्वारा 1 जुलाई 2023 से प्रभावी रूप से लागू किया गया है।
याचिकाकर्ता कर्मचारी का मुख्य तर्क यह है कि इस समय केंद्र सरकार के कर्मचारियों को 60 प्रतिशत की दर से महंगाई भत्ता मिल रहा है। इस व्यवस्था के कारण राज्य सरकार और केंद्र सरकार के कर्मचारियों को मिलने वाले महंगाई भत्ते में सीधे तौर पर 15 प्रतिशत का एक बड़ा अंतर पैदा हो गया है। याचिकाकर्ता का दावा है कि इस 15 प्रतिशत के अंतर के कारण उन्हें हर महीने लगभग 10 हजार रुपये का सीधा आर्थिक नुकसान हो रहा है।
कर्मचारी ने अदालत के समक्ष पुरजोर दलील दी है कि राज्य के कर्मचारियों को भी केंद्र सरकार के कर्मचारियों के बिल्कुल बराबर महंगाई भत्ता मिलना चाहिए क्योंकि वे भी समान परिस्थितियों में कार्य कर रहे हैं। उन्होंने हाईकोर्ट से इस विसंगति को दूर करने के लिए उचित आदेश जारी करने की मांग की है। अब प्रदेश सरकार को निर्धारित चार हफ्ते की अवधि के भीतर हर हाल में अपना जवाब अदालत में दाखिल करना होगा।

















