Shimla News: हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा कोऑपरेटिव बैंक से जुड़े करीब 20 करोड़ रुपए के ऋण घोटाला मामले के मुख्य आरोपी एवं व्यवसायी युद्धवीर सिंह बैंस को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। हालांकि यह गिरफ्तारी कांगड़ा कोऑपरेटिव बैंक से जुड़े मामले में नहीं है। हिमाचल पुलिस द्वारा दी गई आधिकारिक जानकारी के अनुसार, बैंस पर सोशल मीडिया पर सांप्रदायिक सद्भाव बिगाड़ने वाली सामग्री पोस्ट करने का गंभीर आरोप लगा है। इसके बाद बोइलूगंज पुलिस थाने में उनके खिलाफ शिकायत दर्ज कराई गई थी।
पुलिस प्रवक्ता से मिली जानकारी के मुताबिक, शिकायत में आरोप लगाया गया था कि युद्धवीर सिंह बैंस ने अपने फेसबुक अकाउंट पर एक वीडियो साझा किया था। इस वीडियो में विभिन्न धार्मिक समुदायों के बीच शत्रुता और वैमनस्य को बढ़ावा देने वाली आपत्तिजनक सामग्री शामिल थी। शिकायत में यह भी स्पष्ट किया गया है कि बैंस द्वारा साझा किए गए वीडियो में एक विशेष समुदाय को लक्षित करते हुए टिप्पणियां की गई थीं और बेहद आपत्तिजनक भाषा का प्रयोग किया गया था।
इस मामले में कानूनी कार्रवाई करते हुए पुलिस ने शिकायत और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज किया है। पुलिस ने बैंस के खिलाफ धारा 196, 299 और 353(2) के तहत मामला पंजीकृत किया था। सूत्रों की माने तो मामला दर्ज होने के बाद पुलिस ने आरोपी को नोटिस भेजकर जांच में शामिल होने का निर्देश दिया था, लेकिन बैंस ने पुलिस जांच में सहयोग करने से पूरी तरह इनकार कर दिया और लगातार टालमटोल करते रहे।
बता दें कि गिरफ्तारी से पहले भी आरोपी युद्धवीर सिंह बैंस ने सडक पर हाई वोल्टेज ड्रामा करते हुए पुलिस प्रशासन और सरकार पर कई गंभीर आरोप भी लगाए थे। पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के करीबी और विश्वस्त रहे बैंस ने दावा किया था कि पुलिस कुछ उच्च पदों पर बैठे लोगों के निर्देश पर उनका अपहरण करने की कोशिश कर रही है। बैंस ने आरोप लगाया था कि उन्होंने प्रवर्तन निदेशालय (ED) में वर्तमान मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के खिलाफ एक शिकायत दर्ज कराई है, और इसी वजह से पुलिस उन्हें जानबूझकर निशाना बना रही है।
दूसरी तरफ, पुलिस का कहना है कि आरोपी को पहले बकायदा नोटिस जारी कर जांच में शामिल होने के लिए कहा गया था। लेकिन वे जांच में सहयोग करने के बजाय लगातार बाधा डालने की कोशिश कर रहे थे, जिसके बाद पुलिस को मजबूरन गिरफ्तारी का कदम उठाना पड़ा। आखिरकार शुक्रवार को पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया। इस घटनाक्रम के बाद से क्षेत्र में राजनीतिक और प्रशासनिक हलचल तेज हो गई है।
करोड़ों के कर्ज घोटाले का मुख्य आरोपी हाई वोल्टेज ड्रामें कर बचा रहा था अपनी गिरफ्तारी..?
उल्लेखनीय है कि युद्धवीर सिंह बैंस कांगड़ा कोऑपरेटिव बैंक से जुड़े करीब 20 करोड़ रुपये के लोन घोटाले के मुख्य आरोपी हैं। हिमाचल प्रदेश में सहकारी बैंकों का नेटवर्क ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ माना जाता है। ऐसे में जब इन बैंकों में घोटाले होते हैं, तो आम किसानों, छोटे व्यापारियों और अपनी गाढ़ी कमाई जमा करने वाले डिपॉजिटर्स का भरोसा पूरी तरह डगमगा जाता है। यह 20 करोड़ रुपये का घोटाला इसलिए भी बेहद गंभीर है क्योंकि इसमें जनता का पैसा और सरकारी गारंटी वाले फंड्स शामिल हैं।
उल्लेखनीय है कि सहकारी बैंकों में इस तरह के लोन घोटाले अक्सर राजनीतिक संरक्षण, फर्जी दस्तावेजों और प्रभावशाली लोगों के दबाव के कारण सामने आते हैं। इस मामले में भी आरोपी बैंस पर बड़े स्तर पर ऋण वितरण में भारी अनियमितताएं बरतने का आरोप लगा है। पुलिस और जांच एजेंसियां अब इस पूरे वित्तीय नेटवर्क को गहराई से खंगाल रही हैं। जांच का मुख्य केंद्र इस बात पर है कि यह लोन किन लोगों को दिए गए, इसके बदले क्या सिक्योरिटी रखी गई थी और बैंक से निकाला गया पैसा आखिर कहां गया।
उधर, इस मामले में कई जानकारों की मानें तो करोड़ों रुपये के ऋण घोटाले में फंसा व्यवसायी युद्धवीर सिंह बैंस, गिरफ्तारी और संपत्ति की रिकवरी से बचने के लिए इस तरह के हाई-वोल्टेज ड्रामे कर रहा है। जानकारों का मानना है कि उसे लगता है कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू को निशाना बनाकर उसे विपक्षी दल भाजपा का सहारा भी मिल जाएगा और राजनीतिक माहौल खराब होने के डर से वह कानूनी कार्रवाई से बच सकेगा।

















