Chandigarh Drug Bust: चंडीगढ़ के मलोया थाना पुलिस ने मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ एक बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस टीम ने मुस्तैदी दिखाते हुए अंतरराज्यीय नशा तस्करी नेटवर्क से जुड़े चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इन आरोपियों के कब्जे से पुलिस ने कुल 2 किलो 290 ग्राम चरस बरामद की है। इस पूरे मामले की शुरुआत मलोया पुलिस द्वारा की गई शुरुआती कार्रवाई से हुई, जिसमें पहले तीन आरोपियों को दबोचा गया।
मामले की जाँच और आरोपियों से हुई गहन पूछताछ के आधार पर मुख्य सप्लायर तक पहुँचने में कामयाबी मिली। जाँच में खुलासा हुआ कि चरस की तस्करी में शामिल इन तीनों तस्करों का ‘सप्लाई चेन’ कनेक्शन हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिले से था, जहाँ से नशे की यह खेप चंडीगढ़ तक पहुँच गई। सवाल यह भी है कि आखिर हिमाचल पुलिस की नाक के नीचे से यह सब कैसे हो गया? पुलिस और उनके खुफिया सूत्र कहाँ चूक गए?

इस कार्रवाई के संबंध में डीएसपी धीरज कुमार ने विस्तृत जानकारी साझा की है। उन्होंने बताया कि थाना प्रभारी मलोया इंस्पेक्टर बलदेव कुमार को क्षेत्र में नशा तस्करी को लेकर एक पुख्ता गुप्त सूचना प्राप्त हुई थी। सूचना मिलते ही इंस्पेक्टर की अगुवाई में एक विशेष पुलिस टीम का गठन किया गया और मलोया स्थित सत्संग भवन के पास रणनीतिक रूप से नाका लगाया गया। नाकाबंदी के दौरान पुलिस टीम को तीन संदिग्ध व्यक्ति आते हुए दिखाई दिए, जिन्हें रोककर जब जांच और तलाशी ली गई, तो उनके पास से भारी मात्रा में चरस बरामद हुई।
पुलिस द्वारा ली गई तलाशी के दौरान आरोपी राजिंदर सिंह के कब्जे से 496 ग्राम चरस, हनी के पास से 501 ग्राम चरस और अवतार सिंह के पास से 496 ग्राम चरस बरामद की गई। इन तीनों आरोपियों के कब्जे से मौके पर कुल 1 किलो 493 ग्राम चरस मिलने के बाद पुलिस ने उन्हें तुरंत गिरफ्तार कर लिया। इस बरामदगी के बाद मलोया थाना पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी।
गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने आरोपी राजिंदर सिंह, हनी और अवतार सिंह को स्थानीय अदालत में पेश किया, जहां से उन्हें तीन दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया। पुलिस रिमांड के दौरान जांच अधिकारियों ने आरोपियों से कड़ाई से पूछताछ की, जिसमें चरस की पूरी सप्लाई चेन से जुड़े कई अहम और चौंकाने वाले तथ्यों का खुलासा हुआ। पूछताछ में मुख्य आरोपी राजिंदर सिंह ने कुबूला कि वह बरामद की गई चरस की खेप हिमाचल प्रदेश के कुल्लू क्षेत्र से खरीदकर लाता था। उसने बताया कि यह खेप कुल्लू के एक व्यक्ति से ली जाती थी और फिर उसे पंजाब और चंडीगढ़ के विभिन्न क्षेत्रों में सप्लाई किया जाता था।
राजिंदर सिंह से मिली इसी गुप्त सूचना और निशानदेही के आधार पर चंडीगढ़ पुलिस की एक विशेष टीम तुरंत हिमाचल प्रदेश के लिए रवाना हुई। पुलिस टीम ने हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिले के ब्यासर गांव में छापेमारी कर वहां के निवासी रमेश चंद को धर दबोचा। पुलिस ने जब रमेश चंद को हिरासत में लेकर उसकी तलाशी ली, तो उसके पास से भी 797 ग्राम चरस बरामद की गई। रमेश चंद की इस गिरफ्तारी के बाद यह पूरी तरह साफ हो गया कि चंडीगढ़ और पंजाब में सक्रिय इस नेटवर्क के तार सीधे तौर पर कुल्लू से जुड़े हुए थे।
पुलिस जांच में यह बात भी सामने आई है कि पकड़े गए आरोपियों में से दो का पुराना आपराधिक रिकॉर्ड रहा है। आरोपी राजिंदर सिंह पहले भी एनडीपीएस एक्ट के एक मामले में नामजद हो चुका है, जबकि दूसरे आरोपी हनी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत पहले से दो मामले दर्ज हैं। हालांकि, अवतार सिंह और रमेश चंद के खिलाफ फिलहाल पुलिस को किसी पुराने आपराधिक मामले की जानकारी नहीं मिली है।
इस पूरे मामले ने सीमावर्ती राज्यों की सुरक्षा और खुफिया तंत्र पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यह स्पष्ट रूप से सामने आया है कि हिमाचल पुलिस की नाक के नीचे नशा तस्करी का यह बड़ा नेटवर्क सुरक्षित तरीके से फल-फूल रहा था। इस गिरोह और इसके नेटवर्क को ट्रैक करने में हिमाचल पुलिस और उनका खुफिया विभाग पूरी तरह नाकाम साबित रहा।
इस तरह की सुरक्षा और खुफिया कमियों के कारण ही इतनी बड़ी संख्या में हिमाचल प्रदेश से बाहर लगातार चरस की तस्करी को अंजाम दिया जा रहा है। फिलहाल मलोया थाना पुलिस इस बात की गहराई से जांच कर रही है कि यह गिरोह कब से इस अवैध धंधे में शामिल था और इस नेटवर्क में और कौन-कौन से चेहरे शामिल हैं।















