Chamba Murder Case: हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले से एक बेहद सनसनीखेज आपराधिक मामला सामने आया है। चुराह क्षेत्र में 26 वर्षीय चालक हरविंदर सिंह की बेरहमी से की गई हत्या के मामले में जैसे-जैसे पुलिस जांच आगे बढ़ रही है, कई भयावह और चौंकाने वाले साक्ष्य उजागर हो रहे हैं।
पुलिस की प्रारंभिक जांच और अब तक जुटाए गए सबूतों के आधार पर आशंका जताई जा रही है कि आरोपियों ने इस पूरी वारदात को बेहद सुनियोजित और क्रूर तरीके से अंजाम दिया। जांच के अनुसार, आरोपियों ने सबसे पहले हरविंदर सिंह को भंजराड़ू स्थित उसके किराये के कमरे में बेरहमी से पीटा।

इसके बाद गंभीर रूप से घायल हरविंदर को जबरन एक कार में बैठाकर अज्ञात स्थान की ओर ले जाया गया।रास्ते में भी आरोपियों ने उसके साथ लगातार मारपीट जारी रखी। इस प्रताड़ना के बाद, साक्ष्यों को छुपाने और उसे ठिकाने लगाने के उद्देश्य से आरोपियों ने हरविंदर को कल्हेल पुल से नीचे गहरे नाले में फेंक दिया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
बता दें कि मृतक हरविंदर सिंह मूल रूप से राख गांव का निवासी था। वह भंजराड़ू व्यापार मंडल के उपाध्यक्ष योगिंद्र पाल के यहां एक चालक के तौर पर नौकरी करता था और इसी सिलसिले में भंजराड़ू में एक किराये का कमरा लेकर रह रहा था। घटना के बाद उसका शव उसके कमरे से करीब 26 किलोमीटर दूर कल्हेल नाले से बरामद किया गया था, जिसके बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई शुरू की।
इस अंधे कत्ल की गुत्थी को सुलझाते हुए पुलिस ने अब तक तीन मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। पकड़े गए आरोपियों में 45 वर्षीय दिलीप कुमार उर्फ राजू (निवासी राह गुटकर, डाकघर कल्हेल), 25 वर्षीय मुकेश कुमार (निवासी गांव बाग, डाकघर डियूर, तहसील सलूणी) और 21 वर्षीय याकेश कुमार (निवासी गांव हडला, डाकघर सेईकोठी) शामिल हैं। पुलिस ने इन तीनों आरोपियों को सोमवार को न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी तीसा की अदालत में पेश किया, जहां से माननीय न्यायालय ने उन्हें चार दिन के पुलिस रिमांड पर भेजने के आदेश जारी किए हैं।
उल्लेखनीय है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने घटना के तुरंत बाद सक्रियता दिखाते हुए सीसीटीवी फुटेज खंगाले और अन्य तकनीकी साक्ष्यों का विश्लेषण किया। इसी तकनीकी पड़ताल के दम पर पुलिस ने हत्या में इस्तेमाल की गई संदिग्ध कार को ढूंढ निकाला और उसे अपने कब्जे में ले लिया। इस मामले में वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाने के लिए नूरपुर से जिला फोरेंसिक इकाई की विशेष टीम को मौके पर बुलाया गया।
फोरेंसिक टीम द्वारा कार का गहन निरीक्षण करने पर वाहन के भीतर खून के महत्वपूर्ण निशान मिलने की पुष्टि हुई है। टीम ने वाहन से मिले इन सभी जैविक और भौतिक साक्ष्यों को विस्तृत जांच के लिए पूरी तरह सुरक्षित कर लिया है। बता दें कि सीसीटीवी कैमरों की फुटेज ने इस पूरे घटनाक्रम की पोल खोलने में सबसे अहम भूमिका निभाई है।
पुलिस जांच में यह स्पष्ट रूप से सामने आया है कि घटना से ठीक पहले शनिवार को हरविंदर अपने भंजराड़ू स्थित किराये के कमरे में ही मौजूद था। इसके कुछ समय बाद, वह एक वाहन में बैठकर जाता हुआ स्थानीय सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग में साफ तौर पर दिखाई दिया था। इस फुटेज के सामने आने के बाद से ही उसका कोई सुराग नहीं मिल पा रहा था और अगले ही दिन यानी रविवार को उसका शव कल्हेल नाले से बरामद हुआ।
सलूणी के डीएसपी रंजन शर्मा ने इस पूरे घटनाक्रम की आधिकारिक पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि जांच एजेंसियां अब इस निर्मम हत्या के पीछे के मुख्य कारणों, आरोपियों और मृतक के बीच के पुराने संबंधों तथा पूरी वारदात के क्रॉनोलॉजिकल घटनाक्रम को आपस में जोड़ने में जुटी हुई हैं। डीएसपी रंजन शर्मा के अनुसार, घटनास्थल, वारदात में प्रयुक्त कार और अन्य संदिग्ध स्थानों से महत्वपूर्ण साक्ष्य एकत्र कर लिए गए हैं। तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर अदालत से चार दिन का पुलिस रिमांड हासिल किया गया है, जिनसे गहन पूछताछ कर हत्या के असली कारणों और घटनाक्रम का पूरी तरह पता लगाया जाएगा।
















