Mandi Boys Assault Case: हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले से एक अत्यंत दुखद और संवेदनशील मामला सामने आया है। पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के गृह क्षेत्र सराज की उपतहसील बागाचनोगी स्थित कहलणी गांव में दो नाबालिग सगे भाइयों के साथ जातिगत द्वेष के कारण बर्बर मारपीट की गई। दोनों पीड़ित बच्चे बचपन से ही सफेद मोतिया की बीमारी से पीड़ित हैं और ठीक से देख भी नहीं सकते हैं।
इस घटना के बाद पीड़ित बच्चों के पिता सुंदर सिंह, परिजनों और गांव के दर्जनों लोगों के साथ पुलिस अधीक्षक मंडी के कार्यालय पहुंचे और न्याय की मांग की। पीड़ित बच्चों के पिता सुंदर सिंह ने पुलिस अधीक्षक के समक्ष अपना दर्द बयां करते हुए बताया कि वह दिहाड़ी मजदूरी करके अपने परिवार का पेट पालते हैं।

उन्होंने आरोप लगाया कि 17 जुलाई की रात को स्थानीय 15 से 20 युवकों की एक मंडली ने दोनों बेबस भाइयों को बहला-फुसलाकर एक कमरे में बंद कर दिया और पूरी रात उनके साथ बेरहमी से मारपीट की। पिता के अनुसार, आरोपी पिछले दो वर्षों से लगातार दोनों बच्चों को मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित कर रहे थे और उनके खिलाफ जातिगत द्वेष रखते थे।
पिता ने बताया कि इस पूरी घटना की जानकारी उन्हें तब हुई जब मारपीट का वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित हुआ। पीड़ित बच्चों के पिता ने बताया कि जब भी बच्चे घर पर अपनी आपबीती बताने की कोशिश करते थे, तो आरोपी उन्हें जान से मारने और पूरे परिवार को खत्म करने की धमकी देकर चुप करा देते थे। डर के माहौल में जी रहे मासूमों ने इंटरनेट पर वीडियो वायरल होने के बाद हिम्मत जुटाई और पूरी सच्चाई अपने परिजनों के सामने बयान की।
परिजनों का कहना है कि मारपीट करने वाले अधिकतर आरोपी भी बाल अपराधी हैं, जो पीड़ितों के साथ ही एक स्कूल में पढ़ते हैं। स्कूल में भी बच्चों को खाना खाते और पानी पीते समय परेशान किए जाने के आरोप लगाए गए हैं। दृष्टिबाधित बच्चों के साथ हुई इस हिंसा के कारण उनकी स्थिति और चिंताजनक हो गई है। पिता के अनुसार, मारपीट के बाद एक बेटे ने धुंधला दिखाई देने की शिकायत की है।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए जोनल अस्पताल मंडी में दोनों बच्चों का मेडिकल करवाया गया है। पिता सुंदर सिंह का आरोप है कि इससे पहले भी पुलिस थाना स्तर पर शिकायत दी गई थी, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई अमल में नहीं लाई गई। इसी कारण ग्रामीणों में भारी रोष है और उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि दोषियों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो वे आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए एसपी मंडी विनोद कुमार ने बताया कि पिता, पीड़ित बच्चे और ग्रामीण उनसे मिलने पहुंचे थे। दोनों नाबालिगों का मेडिकल करवाया जा रहा है और पुलिस ने परिजनों के बयान दर्ज कर लिए हैं। एसपी ने मामले की गहन जांच के निर्देश डीएसपी करसोग को दिए हैं और कानून के तहत नियमानुसार कार्रवाई करने की बात कही है।
हालांकि, इतने गंभीर आरोपों और वीडियो साक्ष्य के बावजूद अब तक एफआईआर दर्ज न होना पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर रहा है।


















