Himachal News: हिमाचल प्रदेश राज्य विद्युत बोर्ड लिमिटेड में वर्ष 2020 के बाद फील्ड स्टाफ (जूनियर टी-मेट एवं सहायक लाइनमैन) के पदों पर नई नियमित भर्ती का विज्ञापन जारी नहीं होने से प्रदेश के प्रशिक्षित बेरोजगार इलेक्ट्रीशियन युवाओं में गहरा असंतोष और निराशा व्याप्त है।
युवाओं का स्पष्ट कहना है कि बीते लगभग छह वर्षों से भर्ती प्रक्रिया शुरू न होने के कारण अनेक योग्य अभ्यर्थी निर्धारित 18 से 30 वर्ष की अधिकतम आयु सीमा को पार कर चुके हैं। इस प्रशासनिक देरी की वजह से अब कई पात्र उम्मीदवार आगामी भर्ती प्रक्रिया में भाग लेने से वंचित हो रहे हैं।

इस गंभीर स्थिति को देखते हुए गठित ‘हिमाचल प्रदेश बेरोजगार इलेक्ट्रीशियन यूनियन’ के अध्यक्ष यशु भंडारी ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर अपना पक्ष रखा। उन्होंने बताया कि वर्ष 2020 के बाद से बोर्ड द्वारा फील्ड स्टाफ के पदों पर कोई नई नियमित भर्ती नहीं निकाली गई है। इसके परिणामस्वरूप राज्य भर के हजारों प्रशिक्षित युवा लंबे समय से रोजगार की आस में बैठे हैं।
उन्होंने कहा कि भर्ती में हुई इस असाधारण देरी का सबसे ज्यादा खामियाजा उन युवाओं को भुगतना पड़ा है, जिन्होंने वर्षों तक दिन-रात मेहनत करके तैयारी की, लेकिन अवसर न मिलने के कारण अब वे निर्धारित आयु सीमा से बाहर हो गए हैं।
यूनियन ने राज्य सरकार से इस संबंध में संवेदनशील रुख अपनाने का आग्रह किया है। संघ की मांग है कि भर्ती में हुई इस लंबी देरी को ध्यान में रखते हुए प्रभावित अभ्यर्थियों के प्रति न्याय सुनिश्चित किया जाए। इसके लिए अभ्यर्थियों को कम से कम तीन वर्ष की विशेष आयु सीमा छूट (Age Relaxation) प्रदान की जानी चाहिए, ताकि वर्षों से तैयारी कर रहे प्रशिक्षित युवाओं को भर्ती परीक्षा में सम्मिलित होने का एक निष्पक्ष अवसर मिल सके।
प्रेस विज्ञप्ति में प्रदेश की बिजली आपूर्ति व्यवस्था की जमीनी हकीकत पर भी प्रकाश डाला गया है। इसमें कहा गया है कि राज्य की विद्युत व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने वाले मैदानी कर्मचारियों पर कार्यभार का दबाव लगातार बढ़ रहा है। राज्य के कई क्षेत्रों में स्थिति यह है कि एक ही कर्मचारी के कंधे पर 25 से 30 ट्रांसफार्मरों की देखरेख का भारी दायित्व है।
हिमाचल प्रदेश की कठिन भौगोलिक परिस्थितियों और जोखिमपूर्ण परिस्थितियों के कारण इन कर्मचारियों को रोजाना भारी चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। ऐसी स्थिति में रिक्त पदों को तुरंत भरना न केवल बेरोजगार युवाओं के लिए आवश्यक है, बल्कि प्रदेश की समग्र विद्युत आपूर्ति को सुरक्षित, प्रभावी और सुदृढ़ बनाए रखने के लिए भी अत्यंत अनिवार्य है।
यूनियन ने राज्य के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू से सीधे हस्तक्षेप की मांग की है। उन्होंने मुख्यमंत्री से फील्ड स्टाफ (जूनियर टी-मेट एवं सहायक लाइनमैन) के रिक्त पदों को भरने के लिए शीघ्र नई अधिसूचना जारी करने और आयु सीमा पार कर चुके अभ्यर्थियों को कम से कम तीन वर्ष की विशेष छूट देने की अपील की है।
इसी दौरान, यूनियन की ऑनलाइन वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए एक बैठक आयोजित की गई, जिसमें नवगठित कार्यकारिणी की औपचारिक घोषणा की गई। इस नई कार्यकारिणी में यशु भंडारी को अध्यक्ष, संजय चौहान को उपाध्यक्ष, विनय कुमार को महासचिव, तिलक कुमार को सह सचिव और राकेश कुमार को मीडिया प्रभारी का दायित्व सौंपा गया है।
समाचार लिखे जाने तक इस पूरे विषय पर हिमाचल प्रदेश राज्य विद्युत बोर्ड का कोई आधिकारिक रुख या प्रतिक्रिया प्राप्त नहीं हो सकी थी। बोर्ड का पक्ष प्राप्त होते ही उसे भी प्रमुखता के साथ प्रकाशित किया जाएगा।


















