Himachal News: हिमाचल प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और वर्तमान नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने पेपर लीक जैसे गंभीर मुद्दे को लेकर राज्य की सुक्खू सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्पष्ट संदेश दिया है कि युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने वाले दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। केंद्र सरकार की इस नीति को उन्होंने देश के करोड़ों युवाओं के हितों की रक्षा के प्रति एक महत्वपूर्ण प्रतिबद्धता बताया।
जयराम ठाकुर ने वीरवार को जारी अपने बयान में कहा कि मोदी सरकार ने देश की परीक्षा प्रणाली को पूरी तरह पारदर्शी और सुरक्षित बनाने के लिए कई कड़े कदम उठाए हैं। केंद्र सरकार दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की नीति पर काम कर रही है। हालांकि, इसके विपरीत हिमाचल प्रदेश की वर्तमान सरकार का रवैया बिल्कुल अलग और चिंताजनक दिखाई दे रहा है।

नेता प्रतिपक्ष ने राज्य सरकार की नीतियों और नीयत पर सवाल उठाते हुए गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार के मंत्री सार्वजनिक मंचों से सिफारिश के आधार पर नौकरी दिलाने की बातें करते हैं। इसके अलावा, हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड की हालिया भर्ती प्रक्रिया में एक ही विधानसभा क्षेत्र के लोगों के चयन को लेकर भी कई सवाल खड़े हो रहे हैं।
पुलिस भर्ती मामले का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि स्पष्ट संकेत मिलने के बावजूद राज्य सरकार ने इसे पेपर लीक मानने से पूरी तरह इनकार कर दिया। उन्होंने दावा किया कि शुरुआती जांच में पुलिस ने कई लोगों को गिरफ्तार किया था, नकदी बरामद की थी और पैसे के लेन-देन के पुख्ता प्रमाण भी सामने आए थे। अभ्यर्थियों द्वारा सामूहिक नकल के आरोप लगाने और सीसीटीवी फुटेज की जांच की मांग के बाद भी सरकार ने मामले की निष्पक्ष जांच आगे नहीं बढ़ने दी।
जयराम ठाकुर ने यह भी आरोप लगाया कि सीबीआई जांच की संस्तुति मिलने के बावजूद संबंधित रिपोर्ट को दबा दिया गया। जिन अधिकारियों पर कार्रवाई की जानी चाहिए थी, उन्हें ही महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां सौंप दी गईं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री को इस मुद्दे पर कोई बयान देने से पहले अपनी सरकार के कामकाज और निर्णयों का खुद आकलन करना चाहिए।
संसद में पेपर लीक पर चर्चा के मुद्दे पर कांग्रेस को घेरते हुए ठाकुर ने कहा कि यदि कांग्रेस की नीयत साफ होती, तो वह इस गंभीर विषय पर संसद में सार्थक चर्चा करती। शर्तें लगाकर संसद की कार्यवाही बाधित करना दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने स्पष्ट किया कि भाजपा युवाओं के हितों की रक्षा और निष्पक्ष परीक्षा प्रणाली के लिए हमेशा प्रतिबद्ध रही है और इस पर राजनीति नहीं, बल्कि ठोस समाधान होना चाहिए।


















