Prajasatta Side Scroll Menu
Bahra University - Shimla Hills

केंद्र सरकार के इस फैसले से सरकारी अफसरों की ऐश खत्म! आज से पूरे देश में ‘एक अफसर एक वाहन’ नीति लागू..

Ek Afsar Ek Vahan Niti: केंद्र सरकार वित्त मंत्रालय ने सरकारी वाहनों के दुरुपयोग को रोकने और खर्चों में कटौती के लिए सख्त निर्देश जारी किए हैं। बात दें कि देश में ‘एक अफसर एक वाहन’ नीति तत्काल प्रभाव से लागू कर दी गई है।
Published on: 28 July 2026
One Officer One Vehicle Scheme Rules: केंद्र सरकार के इस फैसले से सरकारी अफसरों की ऐश खत्म! आज से पूरे देश में ‘एक अफसर एक वाहन’ नीति लागू..

One Officer One Vehicle Scheme Rules India: केंद्र सरकार ने प्रशासनिक व्यवस्था में अनुशासन लाने और सरकारी संसाधनों के उचित उपयोग को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से देशभर में ‘एक अफसर एक वाहन’ नीति लागू कर दी है। इस संबंध में वित्त मंत्रालय के व्यय विभाग की ओर से एक आधिकारिक मेमोरेंडम जारी किया गया है। केंद्र सरकार द्वारा जारी इस नोटिफिकेशन के माध्यम से सभी केंद्रीय मंत्रालयों, विभागों और राज्य सरकारों को नए नियमों का तत्काल प्रभाव से और सख्ती से पालन करने के कड़े निर्देश दिए गए हैं।

इस नई नीति के तहत अब किसी भी सरकारी अधिकारी को केवल एक ही सरकारी गाड़ी उपलब्ध कराई जाएगी। यदि किसी अधिकारी के पास पहले से ही एक सरकारी वाहन मौजूद है और उसे किसी अन्य मंत्रालय, विभाग, सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम या स्वायत्त निकाय का अतिरिक्त प्रभार या कार्यभार सौंपा जाता है, तो भी उसे दूसरी सरकारी कार आबंटित नहीं की जाएगी। सरकार का स्पष्ट मानना है कि एक ही अधिकारी को कई वाहन आबंटित करने से संसाधनों का अपव्यय होता है।

वाहनों के दुरुपयोग और फिजूलखर्च पर लगाम
केंद्र सरकार द्वारा उठाए गए इस कदम का मुख्य उद्देश्य सरकारी वाहनों के दुरुपयोग पर पूरी तरह से रोक लगाना और सरकारी खजाने पर पड़ने वाले बोझ को कम करना है। अक्सर यह देखा गया है कि विभिन्न विभागों का अतिरिक्त प्रभार मिलने पर अधिकारी एक से अधिक सरकारी गाड़ियों का उपयोग करते थे। नई नीति के माध्यम से सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि आबंटन प्रक्रिया को पारदर्शी और सीमित बनाकर ईंधन तथा रखरखाव पर होने वाले भारी-भरकम खर्च में कटौती की जाएगी।

वित्त मंत्रालय की ओर से जारी आदेश में इस बात को रेखांकित किया गया है कि देश के कई हिस्सों में सरकारी वाहन ले तो लिए गए हैं, लेकिन उनका समुचित उपयोग नहीं हो रहा है। ऐसे में जो वाहन निष्क्रिय पड़े हैं या जिनका उपयोग नहीं हो रहा है, उन्हें तुरंत वापस लिया जाए और किसी सुरक्षित स्थान पर रखा जाए। सरकार ने यह भी हिदायत दी है कि किसी भी स्थिति में इन वाहनों का बेवजह या व्यक्तिगत इस्तेमाल नहीं होने दिया जाना चाहिए।

PSU और अर्ध-सरकारी वाहनों के इस्तेमाल पर रोक
नियमों को और अधिक सख्त बनाते हुए केंद्र सरकार ने नोटिफिकेशन में यह भी साफ किया है कि केंद्र सरकार के अधिकारी अब सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों,  स्वायत्त निकायों या अर्ध-सरकारी संगठनों के वाहनों का इस्तेमाल भी नहीं कर सकेंगे। पूर्व में कई बार देखने को मिलता था कि अधिकारी अपने मूल विभाग के अलावा संबद्ध उपक्रमों के वाहनों का भी उपयोग करते थे, जिस पर अब पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया गया है।

सरकार का प्राथमिक उद्देश्य सरकारी संसाधनों का सही, तर्कसंगत और पूर्ण इस्तेमाल सुनिश्चित करना है। अधिकारियों को एक से अधिक गाड़ियों का आबंटन रोककर सरकार न केवल ईंधन की बचत करना चाहती है, बल्कि वाहनों की देखरेख पर होने वाले प्रशासनिक खर्च को भी नियंत्रित करना चाहती है। 28 जुलाई से प्रभावी हुई यह नीति देश की संपूर्ण नौकरशाही के लिए अनिवार्य कर दी गई है और सभी संबंधित प्राधिकारियों को इस पर निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं।

Bureaucracy News HindiCentral Govt NotificationFinance Ministry OrderGovt Vehicle RulesOne Officer One Vehicle Policy

Join WhatsApp

Join Now