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बेरोजगारों के लिए Rajiv Gandhi Startup Scheme बनी सहारा, 5 साल रोजगार की गारंटी!

बेरोजगारों के लिए Rajiv Gandhi Startup Scheme बनी सहारा, 5 साल रोजगार की गारंटी! हर महीने 15-20 हजार की बचत बिलासपुर : प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी राजीव गांधी स्वरोजगार स्टार्टअप योजना (ई-टैक्सी) बिलासपुर जिले के बेरोजगारों के लिए वरदान साबित हो रही है। इस योजना के तहत न केवल इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने पर 50 प्रतिशत उपदान मिल रहा है, बल्कि सरकारी विभागों में वाहन अटैच कर 5 वर्षों के लिए स्थाई रोजगार की गारंटी भी सुनिश्चित की जा रही है। घुमारवीं के 45 वर्षीय शंकर सिंह और हमीरपुर के 50 वर्षीय रमेश कुमार उन लाभार्थियों में शामिल हैं, जिनकी किस्मत इस योजना ने बदल दी है। दोनों लाभार्थियों ने ₹15-15 लाख की लागत से इलेक्ट्रिक वाहन खरीदे। सरकार ने इन्हें सरकारी विभागों में अटैच किया है। शंकर सिंह का वाहन उपायुक्त के सहायक आयुक्त के साथ, जबकि रमेश कुमार का वाहन बी.डी.ओ. सदर बिलासपुर के साथ तैनात किया गया है। इन दोनों वाहनों पर प्रदेश सरकार 18 प्रतिशत जीएसटी सहित कुल 59 हजार रुपये प्रतिमाह उपलब्ध करवा रही है। इससे न केवल दोनों लाभार्थियों की वाहन किस्त आसानी से निकल रही है, बल्कि 15 से 20 हजार रुपये प्रतिमाह की अतिरिक्त बचत भी हो रही है। लाभार्थी शंकर सिंह ने बताया था कि वह पिछले लगभग 20 वर्षों से टैक्सी चलाने का कार्य कर अपने परिवार का भरण-पोषण करते रहे हैं। इस दौरान उन्होंने 102 एंबुलेंस सेवा में भी कुछ वर्षों तक कार्य किया, लेकिन जब वर्ष 2023 में उन्हें समाचार पत्रों के माध्यम से प्रदेश सरकार की ई-टैक्सी योजना का पता चला तो उन्होंने ऑनलाइन माध्यम से आवेदन प्रस्तुत किया। उन्होंने वर्ष 2025 में 15 लाख रुपये की लागत से इलेक्ट्रिक वाहन खरीदा और प्रदेश सरकार ने जुलाई, 2025 से इसे सरकारी विभाग के साथ अटैच कर दिया। इसी तरह लाभार्थी रमेश कुमार का भी कहना है कि उन्हें भी दिसम्बर, 2023 में प्रदेश सरकार की इस महत्वाकांक्षी राजीव गांधी स्वरोजगार स्टार्टअप योजना की जानकारी मिली और लोकमित्र केंद्र के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन प्रस्तुत कर दिया। उन्होंने भी वर्ष 2025 में नया इलेक्ट्रिक वाहन खरीदा और प्रदेश सरकार ने जुलाई, 2025 से इसे सरकारी विभाग में लगा दिया है। उनका कहना है कि इससे पहले वह टैक्सी चलाते थे, लेकिन स्थाई आय का कोई साधन नहीं था। लेकिन अब उन्हें प्रतिमाह 15 से 20 हजार रूपये की आय हो रही है। वह गाड़ी की किस्त भी आसानी से निकाल पा रहे हैं। दोनों लाभार्थियों ने 15-15 लाख रुपये का इलेक्ट्रिक वाहन खरीदा है, जिस पर प्रदेश सरकार ने 50 प्रतिशत उपदान मुहैया करवाया है। उनका कहना है कि प्रदेश के बेरोजगार युवाओं के लिए सरकार की यह योजना न केवल लाभकारी सिद्ध हो रही है, बल्कि उन्हें अगले पांच वर्षों तक स्थाई रोजगार भी सुनिश्चित हुआ है। शंकर सिंह और रमेश कुमार ने मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि राज्य सरकार की यह योजना बेरोजगार युवाओं के लिए एक बेहतरीन अवसर है। प्रदेश में पहली बार कोई ऐसी योजना आई है, जिसमें निजी इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने पर 50 प्रतिशत उपदान और सरकारी विभागों में वाहन अटैच कर रोजगार की गारंटी भी उपलब्ध करवाई जा रही है। दोनों लाभार्थियों ने प्रदेश के युवाओं से सरकार की इस महत्वाकांक्षी योजना का अधिक से अधिक लाभ उठाने का आह्वान किया है, ताकि न केवल उन्हें सरकार आर्थिक मदद प्रदान करेगी, बल्कि सरकारी विभागों के माध्यम से रोजगार की गारंटी भी मिलेगी। जिला रोजगार अधिकारी बिलासपुर राजेश मेहता का कहना है कि राजीव गांधी स्वरोजगार स्टार्टअप योजना के अंतर्गत जिला बिलासपुर में अब तक 16 लोगों को लाभान्वित किया जा चुका है। प्रदेश सरकार ने 50 प्रतिशत सब्सिडी प्रदान कर लगभग एक करोड़ 16 लाख 44 हजार 900 रूपये की आर्थिक मदद दी है। साथ ही सभी 16 लाभार्थियों की ई-टैक्सी को प्रदेश सरकार के विभिन्न विभागों में अटैच कर उन्हें रोजगार भी मुहैया करवाया है। डीसी बिलासपुर राहुल कुमार ने कहा कि प्रदेश सरकार की जनकल्याणकारी एवं रोजगारोन्मुखी योजनाओं को विभागों के माध्यम से पूरी गंभीरता के साथ लागू किया जा रहा है ताकि अधिकतम पात्र व्यक्तियों को लाभ मिल सके। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन का मुख्य उद्देश्य सरकारी योजनाओं को समयबद्ध धरातल पर उतारकर पात्र लोगों तक पहुंचाना और उन्हें आर्थिक व सामाजिक रूप से सशक्त बनाना है।

Rajiv Gandhi Startup Scheme: हिमाचल प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी राजीव गांधी स्वरोजगार स्टार्टअप योजना (ई-टैक्सी) बिलासपुर जिले के बेरोजगारों के लिए वरदान साबित हो रही है। इस योजना के तहत न केवल इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने पर 50 प्रतिशत उपदान मिल रहा है, बल्कि सरकारी विभागों में वाहन अटैच कर 5 वर्षों के लिए स्थाई रोजगार की गारंटी भी सुनिश्चित की जा रही है।

घुमारवीं के 45 वर्षीय शंकर सिंह और हमीरपुर के 50 वर्षीय रमेश कुमार उन लाभार्थियों में शामिल हैं, जिनकी किस्मत इस योजना ने बदल दी है। दोनों लाभार्थियों ने ₹15-15 लाख की लागत से इलेक्ट्रिक वाहन खरीदे। सरकार ने इन्हें सरकारी विभागों में अटैच किया है। शंकर सिंह का वाहन उपायुक्त के सहायक आयुक्त के साथ, जबकि रमेश कुमार का वाहन बी.डी.ओ. सदर बिलासपुर के साथ तैनात किया गया है।

इन दोनों वाहनों पर प्रदेश सरकार 18 प्रतिशत जीएसटी सहित कुल 59 हजार रुपये प्रतिमाह उपलब्ध करवा रही है। इससे न केवल दोनों लाभार्थियों की वाहन किस्त आसानी से निकल रही है, बल्कि 15 से 20 हजार रुपये प्रतिमाह की अतिरिक्त बचत भी हो रही है।

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लाभार्थी शंकर सिंह ने बताया था कि वह पिछले लगभग 20 वर्षों से टैक्सी चलाने का कार्य कर अपने परिवार का भरण-पोषण करते रहे हैं। इस दौरान उन्होंने 102 एंबुलेंस सेवा में भी कुछ वर्षों तक कार्य किया, लेकिन जब वर्ष 2023 में उन्हें समाचार पत्रों के माध्यम से प्रदेश सरकार की ई-टैक्सी योजना का पता चला तो उन्होंने ऑनलाइन माध्यम से आवेदन प्रस्तुत किया।

उन्होंने वर्ष 2025 में 15 लाख रुपये की लागत से इलेक्ट्रिक वाहन खरीदा और प्रदेश सरकार ने जुलाई, 2025 से इसे सरकारी विभाग के साथ अटैच कर दिया। इसी तरह लाभार्थी रमेश कुमार का भी कहना है कि उन्हें भी दिसम्बर, 2023 में प्रदेश सरकार की इस महत्वाकांक्षी राजीव गांधी स्वरोजगार स्टार्टअप योजना की जानकारी मिली और लोकमित्र केंद्र के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन प्रस्तुत कर दिया।

उन्होंने भी वर्ष 2025 में नया इलेक्ट्रिक वाहन खरीदा और प्रदेश सरकार ने जुलाई, 2025 से इसे सरकारी विभाग में लगा दिया है। उनका कहना है कि इससे पहले वह टैक्सी चलाते थे, लेकिन स्थाई आय का कोई साधन नहीं था। लेकिन अब उन्हें प्रतिमाह 15 से 20 हजार रूपये की आय हो रही है। वह गाड़ी की किस्त भी आसानी से निकाल पा रहे हैं।

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दोनों लाभार्थियों ने 15-15 लाख रुपये का इलेक्ट्रिक वाहन खरीदा है, जिस पर प्रदेश सरकार ने 50 प्रतिशत उपदान मुहैया करवाया है। उनका कहना है कि प्रदेश के बेरोजगार युवाओं के लिए सरकार की यह योजना न केवल लाभकारी सिद्ध हो रही है, बल्कि उन्हें अगले पांच वर्षों तक स्थाई रोजगार भी सुनिश्चित हुआ है।

शंकर सिंह और रमेश कुमार ने मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि राज्य सरकार की यह योजना बेरोजगार युवाओं के लिए एक बेहतरीन अवसर है। प्रदेश में पहली बार कोई ऐसी योजना आई है, जिसमें निजी इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने पर 50 प्रतिशत उपदान और सरकारी विभागों में वाहन अटैच कर रोजगार की गारंटी भी उपलब्ध करवाई जा रही है।

दोनों लाभार्थियों ने प्रदेश के युवाओं से सरकार की इस महत्वाकांक्षी योजना का अधिक से अधिक लाभ उठाने का आह्वान किया है, ताकि न केवल उन्हें सरकार आर्थिक मदद प्रदान करेगी, बल्कि सरकारी विभागों के माध्यम से रोजगार की गारंटी भी मिलेगी।

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जिला रोजगार अधिकारी बिलासपुर राजेश मेहता का कहना है कि राजीव गांधी स्वरोजगार स्टार्टअप योजना के अंतर्गत जिला बिलासपुर में अब तक 16 लोगों को लाभान्वित किया जा चुका है। प्रदेश सरकार ने 50 प्रतिशत सब्सिडी प्रदान कर लगभग एक करोड़ 16 लाख 44 हजार 900 रूपये की आर्थिक मदद दी है। साथ ही सभी 16 लाभार्थियों की ई-टैक्सी को प्रदेश सरकार के विभिन्न विभागों में अटैच कर उन्हें रोजगार भी मुहैया करवाया है।

डीसी बिलासपुर राहुल कुमार ने कहा कि प्रदेश सरकार की जनकल्याणकारी एवं रोजगारोन्मुखी योजनाओं को विभागों के माध्यम से पूरी गंभीरता के साथ लागू किया जा रहा है ताकि अधिकतम पात्र व्यक्तियों को लाभ मिल सके। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन का मुख्य उद्देश्य सरकारी योजनाओं को समयबद्ध धरातल पर उतारकर पात्र लोगों तक पहुंचाना और उन्हें आर्थिक व सामाजिक रूप से सशक्त बनाना है।

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