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PR Sreejesh Jersey Number 16 Retired: हॉकी इंडिया का ऐतिहासिक फैसला: गोलकीपर PR Sreejesh की जर्सी नंबर 16 को किया रिटायर

Published on: 14 August 2024
PR Sreejesh Jersey Number 16 Retired: हॉकी इंडिया का ऐतिहासिक फैसला: गोलकीपर PR Sreejesh की जर्सी नंबर 16 को किया रिटायर

PR Sreejesh Jersey Number 16 Retired: परट्टू रवींद्रन श्रीजेश एक पूर्व भारतीय फील्ड हॉकी खिलाड़ी हैं, जो गोलकीपर और भारतीय राष्ट्रीय टीम के पूर्व कप्तान के रूप में खेले हैं । उन्हें हॉकी के इतिहास में सबसे महान गोलकीपरों में से एक माना जाता है।

उनकी खेल भावना और हॉकी में देश के लिए दिए गए योगदान को देखते हुए हॉकी इंडिया ने भारतीय हॉकी के दिग्गज गोलकीपर पीआर. श्रीजेश (PR Sreejesh) की जर्सी नंबर 16 को रिटायर करने का ऐलान किया है। यह निर्णय श्रीजेश के प्रति सम्मान और प्रशंसा के प्रतीक के रूप में लिया गया है, जिन्होंने पिछले दो दशकों में भारतीय हॉकी को नई ऊँचाइयों पर पहुँचाया है।

पीआर. श्रीजेश, जो कि एक अद्भुत गोलकीपर माने जाते हैं, ने अपनी करियर में कई महत्वपूर्ण मुकाबलों में भारतीय टीम की जीत में अहम भूमिका निभाई है। उनकी विशेषज्ञता और धैर्य ने भारतीय हॉकी को मजबूती प्रदान की है। भारतीय हॉकी में उनके योगदान को कभी नहीं भुलाया जाएगा।

श्रीजेश की अद्वितीय क्षमता और उनके द्वारा किए गए असाधारण प्रदर्शन ने उन्हें न केवल अपने देश में बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी प्रशंसा दिलाई है। उनकी जर्सी को रिटायर करने का यह निर्णय, न केवल उनकी उपलब्धियों को मान्यता देता है, बल्कि युवा खिलाड़ियों के लिए एक प्रेरणा स्रोत भी बनेगा।

PR Sreejesh Jersey Number 16 Retired: हॉकी इंडिया का ऐतिहासिक फैसला: गोलकीपर PR Sreejesh की जर्सी नंबर 16 को किया रिटायर
PR Sreejesh Jersey Number 16 Retired: हॉकी इंडिया का ऐतिहासिक फैसला: गोलकीपर PR Sreejesh की जर्सी नंबर 16 को किया रिटायर

पीआर श्रीजेश का शानदार करियर ( PR Sreejesh’s Brilliant Career )

पीआर श्रीजेश ने भारतीय हॉकी टीम के लिए 2006 में डेब्यू किया था और तब से लेकर 2024 तक लगातार भारतीय हॉकी टीम के अहम सदस्य रहे। उन्होंने 336 से अधिक अंतर्राष्ट्रीय मैच खेले और भारतीय हॉकी टीम को कई बड़ी जीत दिलाईं। श्रीजेश की सबसे बड़ी उपलब्धि यह रही कि उन्होंने 4 ओलंपिक खेलों में भारत का प्रतिनिधित्व किया और 2 बार ओलंपिक मेडल जीतने वाली टीम का हिस्सा रहे।

बैक-टू-बैक ओलंपिक ब्रॉन्ज मेडल में श्रीजेश की अहम भूमिका

1968 के बाद पहली बार भारत ने बैक-टू-बैक ओलंपिक ब्रॉन्ज मेडल जीते हैं और इस ऐतिहासिक उपलब्धि में पीआर श्रीजेश की अहम भूमिका रही है। श्रीजेश ने गोलपोस्ट पर शानदार प्रदर्शन करते हुए भारतीय टीम को कई मुकाबलों में जीत दिलाई। उनकी अद्भुत बचाव क्षमता ने विपक्षी टीमों को हमेशा परेशान किया।

हॉकी इंडिया का श्रीजेश को सम्मानित करने का एक प्रयास ( Hockey India’s effort to honor PR Sreejesh )

हॉकी इंडिया द्वारा श्रीजेश की जर्सी नंबर 16 को रिटायर करना उनके योगदान को सम्मानित करने का एक प्रयास है। यह फैसला दर्शाता है कि श्रीजेश भारतीय हॉकी के लिए कितने महत्वपूर्ण हैं। अब से कोई भी खिलाड़ी जर्सी नंबर 16 पहनकर भारतीय हॉकी टीम के लिए नहीं खेलेगा।

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