साइड स्क्रोल मेनू
Kasauli International Public School, Sanwara (Shimla Hills)

हिमाचल बजट में केंद्र सरकार के बजट की नकल करने का प्रयास किया गया : कश्यप

Himachal Politics
Preferred_source_publisher_button.width-500.format-webp

शिमला।
केंद्र सरकार की सभी योजनाओं का श्रेय कांग्रेस की सरकार ने अपने बजट में लेने का प्रयास किया, पर पूरे भाषण में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी का धन्यवाद तक नहीं किया

शिमला, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं सांसद सुरेश कश्यप ने कहा कि हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा पेश किया गया बजट जनता को गुमराह करने वाला बजट है, इस बजट में ना तो विजन है ना डायरेक्शन।

उन्होंने कहा कि जिस प्रकार से झूठी गारंटियों के सहारे कांग्रेस पार्टी सत्ता में आई है, उसी प्रकार से इस बजट में जनता को गुमराह करने का प्रयास किया गया है। पर इस बार जनता गुमराह नहीं होएगी अगर आप इस बजट को देखें तो बजट में उन्होंने खुद माना है कि 6200 करोड रुपए का गैप है इसका मतलब आय कम और खर्चा ज्यादा।

उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश की अगर आय 100 रू है तो उसमें से देनदारियों को देने के बाद हिमाचल के पास केवल 29 रू ही बचते हैं, इसका मतलब हिमाचल प्रदेश में विकास कार्यों के लिए बहुत कम पैसा रह गया है । जबसे कांग्रेस की सरकार सत्ता में आई है तब से हिमाचल प्रदेश में विकास कार्य ठप हो गए हैं और जिस प्रकार से यह बजट प्रस्तुत किया गया है इस प्रकार से विकास कार्य आने वाले वर्ष में भी ठप ही दिखाई दे रहे हैं।

इसे भी पढ़ें:  प्रदेश सरकार पर्यावरण संरक्षण और विकास में संतुलन बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध: मुख्यमंत्री

उन्होंने कहा कि ग्रीन हिमाचल को लेकर सरकार के बजट में शोर ज्यादा था, पर धरातल पर यह बजट ठन ठन गोपाल वाला बजट रहा ।

कई महत्वपूर्ण योजनाओं के ऊपर सरकार चुप्पी साध के बैठी रही, जैसे घृणि सुविधा योजना, शगुन योजना, सहारा योजना, हिम केयर योजना और मुख्यमंत्री स्वावलंबन योजना इन महत्वपूर्ण योजनाओं जिससे जनता का उद्धार होता है उसके बारे में इस बजट में कुछ भी नहीं कहा गया इसका मतलब इस बजट में इन योजनाओं के लिए प्रवर्धन नहीं किया गया।

उन्होंने कहा कि अपनी गारंटियों को पूरा करने के लिए उन्होंने हिमाचल की विकास की गति को रोक दिया पर, आज जब इन्होंने घोषणा करी कि हिमाचल प्रदेश में 231000 महिलाओं को ही केवल 1500 प्रति महा मिलेंगे तो उससे साफ दिखाई देता है कि कांग्रेस महिलाओं को भी गुमराह कर रही हैं, इस देनदारी के लिए प्रावधान किया नहीं गया और बजट में इसको बोल दिया गया, देखना यह है कि पहले जब यह सरकार बनी थी तो 3200000 महिलाओं की बात की जा रही थी और आज यह आंकड़ा 231000 हो गया है, इस आंकड़े में भी स्पष्टता नही है।
कश्यप ने कहा कि इस हिमाचल के बजट में केंद्र सरकार के बजट की नकल करने का पूर्ण प्रयास किया गया है, केंद्र सरकार ने स्पष्ट कहा है कि भारत में 197 मेडिकल कॉलेज के साथ नर्सिंग कॉलेजे बनाए जाएंगे , पर इन नर्सिंग कॉलेज का श्रेय कांग्रेस की प्रदेश की सरकार लेना चाहती है।

इसे भी पढ़ें:  Himachal के 6 प्रमुख टोल बैरियरों पर FASTag प्रणाली होगी लागू..!

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ग्रीन एनर्जी और क्लाइमेट चेंज को लेकर बजट प्रावधान भी किया है और इसको लेकर नीति केंद्र सरकार की प्रमुख बिंदुओं में से एक है।
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने केंद्रीय बजट और जी-20 की बैठकों में ग्रीन एनर्जी और क्लाइमेट चेंज के बारे में अनेकों बार कहा है, इस ग्रीन एनर्जी घोषणा द्वारा हिमाचल ग्रीन स्टेट बनाने का श्रेय मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू लेना चाहते हैं और अपने बजट में कहीं भी उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी का धन्यवाद नहीं किया।
सुक्खू सरकार को मैं बधाई देना चाहता हूं कि उन्होंने केंद्र सरकार को बहुत बारीकी से पड़ा है और उसमें से सभी योजनाओं को चुराने का प्रयास किया है।

कश्यप ने कहा कि केवल मात्र इस बजट में भाजपा सरकार की योजनाओं का नाम बदलने का प्रयास किया गया है, पर बजट में कहीं भी गोबर खरीदने का दूध का या 300 यूनिट बिजली फ्री का जिक्र तक नहीं आया है, इस बजट में मुख्यमंत्री झूठ बोल रहे थे शायद इसीलिए उनकी जुबान लड़खड़ा रही थी।

Join WhatsApp

Join Now