Himachal Khair Smuggling: हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर जिले में अवैध खैर की तस्करी के खिलाफ वन विभाग ने सख्त कार्रवाई की है। बुधवार की देर रात वन विभाग की बिलासपुर सदर टीम ने एक बड़ा मामला पकड़ा। टीम ने कीरतपुर-नेरचौक फोरलेन पर मंडी भराड़ी के पास एक पिकअप वाहन को रोक लिया। इस वाहन में खैर की लकड़ी के करीब 50 मोछे भरे हुए थे।
वन विभाग को पहले से गुप्त सूचना मिली थी कि कुड्डी इलाके के झलेड़ा जंगल में खैर की अवैध कटाई हो रही है। टीम ने मौके पर पहुंचकर जंगल के आसपास नजर रखनी शुरू की। तभी एक पिकअप वाहन दिखाई दिया। वनकर्मियों ने उसे रोकने के लिए इशारा किया, लेकिन चालक ने वाहन नहीं रोका और भागने की कोशिश की।
चालक ने बहुत तेजी से वाहन चलाया और रेंज ऑफिसर समेत पांच वनकर्मियों पर चढ़ाने की कोशिश की। इससे कर्मचारियों को बड़ा खतरा पैदा हो गया। वन विभाग की टीम ने हिम्मत नहीं हारी और तुरंत वाहन का पीछा किया। चालक कंदरौर रास्ते से होते हुए फोरलेन पर पहुंचा और चंडीगढ़ की ओर तेज रफ्तार से भागने लगा।
आखिरकार मंडी भराड़ी के नजदीक टीम ने पिकअप को सफलतापूर्वक रोक लिया। वाहन की तलाशी में खैर की लकड़ी के ढेर सारे मोछे बरामद हुए। इनकी अनुमानित कीमत लगभग पांच लाख रुपये बताई गई है। टीम ने वाहन को जब्त कर लिया और तुरंत पुलिस को सूचना दी।
पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी। इस घटना में तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है। ये सभी बिलासपुर जिले के निवासी हैं। गिरफ्तार आरोपियों में बल्लू गांव के अजय कुमार, दड़ियाना के मनीष कुमार और दली के मुकेश कुमार शामिल हैं।
नरेंद्र सिंह, रेंज ऑफिसर, बिलासपुर सदर, वन विभाग ने बताया कि इनके खिलाफ वन अधिनियम के साथ अन्य संबंधित धाराओं में केस दर्ज किया गया है। इस कार्रवाई में बीओ सुरेंद्र, वनरक्षक जितेंद्र, रजनीश और अंकेश ने अहम भूमिका निभाई। अब मामला पुलिस के पास है और कानूनी कार्रवाई जारी है।















