CM Sukhu News: हिमाचल प्रदेश सरकार ने भ्रष्टाचार रोकने के लिए बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने घोषणा की है कि ओडीआई सूची में शामिल अधिकारियों और कर्मचारियों को संवेदनशील पदों से तुरंत हटा दिया जाएगा। यह फैसला विधानसभा के बजट सत्र के दूसरे चरण के पहले दिन प्रश्नकाल के दौरान लिया गया।
दरअसल ऊना के विधायक सतपाल सिंह सत्ती ने विधानसभा में सवाल उठाया था। उन्होंने कहा कि ओडीआई सूची में शामिल कुछ अधिकारी अभी भी महत्वपूर्ण पदों पर तैनात हैं। मुख्यमंत्री ने जवाब में स्पष्ट किया कि ऐसी सूची में तीन अधिकारी संवेदनशील पदों पर हैं। इनकी सेवाएं तुरंत खत्म की जा रही हैं। इनमें तहसीलदार विजय कुमार राय, ओएसडी युद्धवीर सिंह ठाकुर और राय बहादुर सिंह नेगी शामिल हैं।
सवाल के जवाब में सीएम सुक्खू ने कहा कि संवेदनशील पदों पर सेवा विस्तार के बाद भी तैनात ऐसे अधिकारियों की सेवाएं तुरंत प्रभाव से समाप्त कर दी जाएंगी। सरकार का मानना है कि जिनकी सत्यनिष्ठा पर संदेह है, उन्हें ऐसे पदों पर नहीं रहना चाहिए। मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि पिछले दो साल में दो अधिकारी ओडीआई सूची से बाहर हुए हैं। इनमें वरिष्ठ सहायक महेंद्र लाल और रीडर राय बहादुर नेगी शामिल हैं।
इससे पहले विधायक सतपाल सिंह सत्ती ने एक रिश्वत मामले का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि उनके क्षेत्र में एक तहसीलदार को रिश्वत लेते पकड़ा गया था। इसके बावजूद सरकार ने उसे सेवा विस्तार दे दिया। इस पर स्थानीय लोग धरना-प्रदर्शन कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने इस मुद्दे पर भी साफ कहा कि सरकार भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं करेगी। केवल बातें नहीं, बल्कि सीधी कार्रवाई हो रही है।
सरकार के इस फैसले से कई सरकारी महकमों में हलचल मच गई है। लोग मान रहे हैं कि आने वाले दिनों में और सख्त कदम उठाए जा सकते हैं। बता दें कि यह कार्रवाई बीजेपी विधायक सतपाल सिंह सत्ती के सवाल और पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के पूरक सवाल के जवाब में की गई।
















