CM Sukhu on Delhi Police: हिमाचल प्रदेश में दिल्ली पुलिस और राज्य पुलिस के बीच हुए विवाद को लेकर राजनीति गरमाई हुई है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने इस मामले पर सख्त रुख अपनाते हुए कहा है कि हिमाचल प्रदेश की अपनी संप्रभुता है और इसे किसी भी कीमत पर कमजोर नहीं होने दिया जाएगा।
सीएम सुक्खू ने मीडिया से बातचीत के दौरान बताया कि बाहर से कोई पुलिस बल बिना उचित प्रक्रिया के प्रदेश में आकर लोगों को जबरन उठाकर नहीं ले जा सकता। उन्होंने जोर देकर कहा कि दिल्ली पुलिस को उच्चतम न्यायालय की एसओपी का पालन करना चाहिए था। संविधान के अनुसार हर राज्य को अपने अधिकार मिले हुए हैं और हिमाचल प्रदेश भी इन्हीं अधिकारों के तहत काम कर रहा है। राज्य की संप्रभुता का सम्मान होना जरूरी है।
मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि दिल्ली पुलिस को संबंधित थाने और हिमाचल पुलिस को पहले सूचना देनी चाहिए थी। अगर वे हिमाचल के डीजीपी को जानकारी दे देते तो यह स्थिति पैदा ही नहीं होती। कोई भी व्यक्ति बिना वर्दी पहने या बिना अनुमति के लोगों को उठाकर ले जाए, यह पूरी तरह गलत और अनुचित है।
उन्होंने इस घटना के बारे में बताया कि राज्य सरकार ने दिल्ली पुलिस से ट्रांजिट रिमांड दिखाने की मांग की थी। साथ ही घटनास्थल के रिसॉर्ट से सीसीटीवी फुटेज भी लिया गया, लेकिन रिसॉर्ट मालिक को इसकी कोई जानकारी नहीं दी गई। सीएम ने कहा कि पुलिस विभागों के बीच आपसी समन्वय बहुत जरूरी है। ऐसी घटनाएं नहीं होनी चाहिए।
इस मौके पर मुख्यमंत्री ने विपक्षी नेता और पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि वे जयराम ठाकुर पर कोई व्यक्तिगत टिप्पणी नहीं करना चाहते, लेकिन यह सवाल जरूर उठता है कि अगर किसी दूसरे राज्य की पुलिस प्रदेश से लोगों को उठाकर ले जाए तो हिमाचल पुलिस की भूमिका क्या रह जाती है? प्रदेश की संप्रभुता का हनन नहीं होना चाहिए।
सीएम सुक्खू ने आरोप लगाया कि भाजपा लगातार हिमाचल विरोधी रवैया अपना रही है। उन्होंने कहा कि पहले आरडीजी मुद्दे पर विरोध किया गया और अब जब हिमाचल पुलिस अच्छा काम कर रही है तो उसका भी विरोध हो रहा है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार प्रदेश की सुरक्षा और संप्रभुता की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।















