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Himachal News: शांता कुमार का सुझाव- इन 2 लाख करोड़ से हिमाचल आपदा राहत को 20,000 करोड़ आवंटित करें

Himachal News: शांता कुमार का सुझाव- इन 2 लाख करोड़ से हिमाचल आपदा राहत को 20,000 करोड़ आवंटित करें
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Himachal News: पूर्व मुख्यमंत्री और पूर्व केंद्रीय मंत्री शांता कुमार ने कहा कि हिमाचल प्रदेश इतिहास की सबसे भीषण आपदा से जूझ रहा है। इस छोटे से राज्य में 140 लोगों की मृत्यु हो चुकी है, 40 लोग लापता हैं, जो लगभग मृतप्राय हैं। सैकड़ों लोगों के घर, जमीन और परिवार तबाह हो गए हैं। सैकड़ों सड़कें नष्ट हो गई हैं। अखबारों की खबरें पढ़कर मन कांप उठता है।

उन्होंने बताया कि केंद्र और राज्य सरकार राहत कार्यों में पूरी ताकत लगा रही हैं, और स्थानीय लोग भी इसमें सहयोग कर रहे हैं। फिर भी, यह राहत ऊंट के मुंह में जीरे के समान है। उजड़े लोगों को फिर से बसाना अत्यंत कठिन है और इसके लिए भारी धनराशि की आवश्यकता है।

शांता कुमार ने कहा कि इस संकट पर विचार करते हुए उनका ध्यान उस 2 लाख करोड़ रुपये की ओर गया, जो वर्षों से भारत सरकार के पास जमा पड़ा है। यह धन लावारिस है, क्योंकि जमा करने वाले की मृत्यु हो गई और उनके वारिस नहीं हैं। पिछले कई वर्षों से इस पर कोई दावा नहीं किया गया।

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उन्होंने बताया कि एक रिपोर्ट के अनुसार, बैंकों में 42,270 करोड़, डाकघर में 32,273 करोड़, ईपीएफ खातों में 8,500 करोड़, और भारतीय जीवन बीमा निगम में 20,062 करोड़ रुपये लावारिस पड़े हैं। इस तरह की अन्य संस्थाओं का धन भी सरकार के पास जमा है, जो कुल 2 लाख करोड़ तक पहुंचता है। अब इस धन पर कोई परलोक से दावा नहीं कर सकता। यह भारत का धन है, और सरकार को इसके उपयोग के लिए कानून बनाना चाहिए।

शांता कुमार ने सुझाव दिया कि सरकार एक कानून बनाए, जिसके तहत राष्ट्रीय आपदाओं में इस धन का उपयोग हो सके। हिमाचल की आपदा को राष्ट्रीय आपदा घोषित किया जाए और 2 लाख करोड़ में से कम से कम 20,000 करोड़ रुपये हिमाचल को राहत के लिए दिए जाएं।

उन्होंने कहा कि यह कानून बनने से धन का सही उपयोग होगा, और हिमाचल जैसी आपदा के लिए इससे बेहतर उपयोग का कोई और तरीका नहीं हो सकता। उन्होंने हिमाचल सरकार और सभी सांसदों से इस मुद्दे को भारत सरकार के समक्ष जोरदार तरीके से उठाने की अपील की है।

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