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Himachal Crypto Fraud Case: मुख्य आरोपी सुभाष के दोस्त जुनेजा के खाते में 40 लाख रुपये सीज!

Published on: 21 August 2024
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Himachal Crypto Fraud Case: हिमाचल प्रदेश में चल रहे करोड़ों रुपये के क्रिप्टोकरेंसी ठगी मामले में एक नई मोड़ आया है। मुख्य आरोपी सुभाष के साथी जुनेजा के बैंक खाते में पड़ी करीब 40 लाख रुपये की राशि को पुलिस ने सीज कर दिया है।

जानकारी के अनुसार इस राशि की पहचान सुभाष के द्वारा जुनेजा के खाते में ट्रांसफर की गई रकम के रूप में की गई है। जुनेजा, जो सुभाष का करीबी दोस्त बताया जा रहा है, अब पुलिस के रडार पर है। एसआईटी के मुताबिक मामले में अभी और भी गिरफ्तारियां होनी हैं। आरोपियों से पूछताछ जारी है। गिरफ्तारी के डर से कई आरोपी भूमिगत हुए हैं। कई एजेंटों ने गिरफ्तारी के डर से लोगों को पैसा लौटाना भी शुरू कर दिया है

Himachal Crypto Fraud Case में जुनेजा की तलाश में पुलिस 

पुलिस ने जुनेजा के बैंक खाते से 40 लाख रुपये की राशि को सीज कर दिया है। इस राशि के सीज होने के बाद से जुनेजा इलाके से फरार हो गया है। रिपोर्टों के अनुसार, जुनेजा ने 24 अगस्त को हाईकोर्ट में जमानत की याचिका भी दायर की है। पुलिस की विशेष जांच टीम (एसआईटी) ने जुनेजा की गिरफ्तारी के लिए प्रयास तेज कर दिए हैं और उसकी तलाश जारी है।

क्या है घोटाला (Himachal Crypto Fraud Case)

इस क्रिप्टोकरेंसी घोटाले ( Himachal Crypto Fraud Case) के तहत अब तक 2500 करोड़ रुपये की ठगी की पुष्टि हो चुकी है। शिमला कोर्ट में इस घोटाले के खिलाफ चौथी चार्जशीट जुलाई 2024 में दायर की गई है। इससे पहले तीन चार्जशीट दिसंबर 2023, जनवरी 2024 और मार्च 2024 में दायर की गई थीं। इस मामले में अब तक 25 आरोपियों की लगभग 40 करोड़ रुपये की चल-अचल संपत्ति जब्त की जा चुकी है। आरोपी हेमराज, सुभाष, सुखदेव और अभिषेक के अलावा अन्य एजेंट भी इस ठगी के जाल में फंसे हुए हैं।

इस ठगी (Himachal Crypto Fraud Case) के जाल में हिमाचल प्रदेश के अलावा पंजाब, हरियाणा और अन्य राज्यों के लोग भी शामिल हैं। ठगी का यह खेल 2018 से शुरू हुआ था। शुरुआत में, आरोपियों ने निवेशकों को आकर्षक लाभ का वादा किया और कुछ समय बाद पैसे डबल भी किए। लेकिन जब निवेशकों को लंबे समय तक कोई लाभ नहीं मिला, तो उन्होंने पुलिस में शिकायतें कीं। एसआईटी की मानें तो अभी और गिरफ्तारियां होने की संभावना है। कई आरोपी गिरफ्तारी के डर से भूमिगत हो गए हैं, जबकि कुछ एजेंटों ने अपनी गिरफ्तारी को लेकर लोगों को पैसा लौटाना शुरू कर दिया है।

मामले में आगे की कार्रवाई और जांच:

अभिषेक दुल्लर, एसआईटी प्रमुख और डीआईजी उत्तरी रेंज के अनुसार, ठगी के इस मामले में जांच और गिरफ्तारियों का सिलसिला जारी रहेगा। मामले की जटिलताओं और आरोपियों की गिरफ्तारी के साथ, पुलिस की विशेष जांच टीम द्वारा तफ्तीश भी तेज की जाएगी।

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