साइड स्क्रोल मेनू
Kasauli International Public School, Sanwara (Shimla Hills)

Himachal News: इस वजह से हिमाचल हाईकोर्ट ने हाटी समुदाय को जनजातीय दर्जा देने पर लगाई रोक..पढ़े पूरी ख़बर

HP News: Himachal Bhawan Delhi:, Himachal News, CPS Appointment Case, Himachal HIGH COURT, Himachal High Court Himachal High Court Decision Shimla News: HP High Court Himachal News Himachal Pradesh High Court
Preferred_source_publisher_button.width-500.format-webp

शिमला |
Himachal News: सिरमौर जिला के गिरिपार ट्रांसगिरी क्षेत्र के हाटी समुदाय को जनजातीय दर्जा का मामला एक बार फिर से लटक गया है। हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट (Himachal High Court) ने राज्य सरकार की अधिसूचना के लागू होने पर रोक लगा दी है। हाईकोर्ट ने गुरुवार को इस मामले पर के लिए अंतरिम आदेश जारी किए हैं।बता दें कि सुक्खू सरकार ने तीन दिन पहले हाटी समुदाय को जनजातीय दर्जा प्रदान किया था।

जानकारी के अनुसार गिरिपार अनुसूचित जाति अधिकार संरक्षण समिति और गुर्जर समाज कल्याण परिषद जिला सिरमौर ने ट्रांसगिरि क्षेत्र के हाटी समुदाय (Hati community) को आरक्षण के प्रावधान को चुनौती दी थी। इस मामले में याचिकाकर्ताओ के अधिवक्ता रजनीश ने बताया कि हाटी समुदाय को जनजातीय दर्जा देने के लिए केंद्र सरकार द्वारा किए गए संविधान संशोधन और प्रदेश सरकार की ओर से की गई अधिसूचना पर हाईकोर्ट ने रोक लगा दी है। उन्होंने बताया कि जनजातीय दर्जा देने के लिए स्थानीय समुदाय मानदंड को आधार बनाया जाता है। इसके तहत उस इलाके की आर्थिक पिछड़ेपन और साक्षरता को कसौटी पर रखा जाता है। लेकिन हाटी समुदाय इन मानदंडों को पूरा करने में असफल रहा।

हाईकोर्ट ने पाया कि ट्रांसगिरि क्षेत्र में रहने वाला हाटी समुदाय निर्धारित शैक्षणिक और आर्थिक प्रावधानों को पूरा नहीं कर पाया है। इस इलाके में एक गांव एशिया का सबसे अमीर माना जाता है। इसके साथ इस इलाके में 80 फीसदी साक्षरता दर है। उन्होंने कहा कि मामले की अगली सुनवाई 18 मार्च को होगी, तब तक हाटी को जनजातीय दर्जा मिलने पर रोक रहेगी।

इसे भी पढ़ें:  हिमाचल में शादियों में खाना परोसने की सरकार ने दी मंजूरी

उल्लेखनीय है कि केंद्र सरकार से कानून बनने के बाद हिमाचल सरकार ने भी इसको हरी झंडी दिखा दी थी। खास बात यह है कि पहली जनवरी को सुक्खू सरकार ने हाटी समुदाय को जनजातीय दर्जा देने की केंद्र सरकार की अधिसूचना पर मोहर लगाई है। जिसके बाद कई लोगों के अनसूचित जाति के प्रमाण पात्र भी जारी हुए, लेकिन मामला अब एक बार फिर कोर्ट के विचाराधीन आ गया है। ऐसे में अब हाटी समुदाय के लोगों को प्रमाण पत्र लेने के लिए कोर्ट के निर्णय का इंतजार करना पड़ेगा।

बता दें कि ट्रांसगिरी क्षेत्र में हाटी समुदाय के लोग 1967 से उत्तराखंड के जौनसार बाबर को जनजाति दर्जा मिलने के बाद से संघर्षरत थे। लगातार कई वर्षों तक संघर्ष के बाद केंद्रीय कैबिनेट ने हाटी समुदाय की मांग को 14 सितंबर 2022 को अपनी मंजूरी दी थी। उसके बाद केंद्र सरकार ने 16 दिसंबर 2022 को इस बिल को लोकसभा से पारित करवाया। उसके बाद यह बिल राज्यसभा से भी पारित हो गया। राज्यसभा से पारित होने के बाद सभी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद इसे राष्ट्रपति के लिए भेजा गया था। 9 दिनों में ही राष्ट्रपति ने विधेयक पर लगाई मुहर लगा दी थी।

इसे भी पढ़ें:  क्रिकेट की दुनियां में चमक रहा हिमाचल का सितारा अर्जुन

हाटी समुदाय में करीब दो लाख लोग चार विधानसभा क्षेत्र शिलाई, श्रीरेणुकाजी, पच्छाद तथा पांवटा साहिब में रहते हैं। जिला सिरमौर की कुल 269 पंचायतों में से ट्रांसगिरी में 154 पंचायतें आती हैं। इन 154 पंचायतों की 14 जातियों तथा उप जातियों को एसटी संशोधित विधेयक में शामिल किया गया है।

Ayodhya Ram Mandir Song 2024: हंसराज रघुवंशी सिंगर के मुरीद हुए पीएम मोदी, शेयर किया भगवान राम पर गाया गाना

Himachal: स्कूली शिक्षकों में से हो हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड चेयरमैन की स्थाई नियुक्ति

Ayodhya Ram Mandir Song 2024: हंसराज रघुवंशी सिंगर के मुरीद हुए पीएम मोदी, शेयर किया भगवान राम पर गाया गाना

Himachal News: आज हिमाचल प्रदेश में गिने चुने रूटों पर ही चलेगी HRTC बसें..!

Join WhatsApp

Join Now