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Himachal Pradesh Rains: हिमाचल में फिर से बारिश का कहर, भूस्खलन से तीन की मौत, एक लापता, धर्मपुर में बाढ़ ने मचाई तबाही

Himachal Pradesh Rains: हिमाचल में फिर से बारिश का कहर, भूस्खलन से तीन की मौत, एक लापता, धर्मपुर में बाढ़ ने मचाई तबाही
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Himachal Pradesh Rains: हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश ने एक बार फिर तबाही मचाई है। मंडी जिले में भूस्खलन से तीन लोगों की जान चली गई, जबकि एक व्यक्ति लापता है। शिमला में 141 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई, जिससे जगह-जगह भूस्खलन हुआ और सड़कें बंद हो गईं। मंगलवार सुबह 10 बजे तक राज्य में तीन नेशनल हाईवे समेत 653 सड़कें बंद थीं। साथ ही, 1205 बिजली ट्रांसफार्मर और 160 पानी की योजनाएं भी प्रभावित हुई हैं।

प्राप्त जानकारी के मुताबिक मंडी जिले के सुंदरनगर उपमंडल के निहरी तहसील के ब्रगटा गांव में सोमवार रात भूस्खलन ने एक परिवार को तबाह कर दिया। इस हादसे में एक घर पूरी तरह मलबे में दब गया, जिसमें पांच लोग मौजूद थे। इसमें तांगू देवी (33), कमला देवी (33) और 8 महीने का बच्चा भीष्म सिंह मारे गए। दो लोगों, खूब राम (65) और दर्शन देवी (58), को स्थानीय लोगों ने सुरक्षित निकाल लिया। पुलिस ने शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा है। मंडी की एसपी साक्षी वर्मा ने हादसे की पुष्टि की है। इससे पहले, सुंदरनगर के जंगमबाग में भी भूस्खलन से सात लोगों की मौत हो चुकी है।

धर्मपुर में बाढ़ ने मचाई तबाही
वहीँ मंडी जिला के धर्मपुर बाजार के पास सोन खड्ड ने रात को विकराल रूप ले लिया। तेज बारिश के कारण धर्मपुर बस स्टैंड पानी में डूब गया। कई HRTC बसें और निजी वाहन बह गए। खड्ड के किनारे बने घरों में पानी घुस गया, जिससे लोग छतों और ऊपरी मंजिलों पर चढ़कर अपनी जान बचाने को मजबूर हुए। एक होस्टल में मौजूद 150 बच्चों ने दूसरी और तीसरी मंजिल पर जाकर खुद को सुरक्षित किया। डीएसपी धर्मपुर संजीव सूद ने बताया कि पुलिस और बचाव दल रात से ही लोगों को सुरक्षित निकालने में जुटे हैं। एक व्यक्ति के लापता होने की खबर है, लेकिन अभी तक किसी की मौत की पुष्टि नहीं हुई है।

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शिमला में भी बुरा हाल
राजधानी शिमला में भारी बारिश से सड़कों पर भूस्खलन हुआ। हिमलैंड में भूस्खलन से चार गाड़ियां मलबे में दब गईं, वहीं BCS में सड़क पर पेड़ गिरने से रास्ते बंद हो गए। सर्कुलर रोड पर सुबह बसों और वाहनों की आवाजाही रुक गई, जिससे लोग पैदल ही अपने गंतव्य तक पहुंचे। स्कूली बच्चे भी स्कूल नहीं जा सके। पांजड़ी और टुटीकंडी के बंगाली बगीचे में भूस्खलन से मकानों को खतरा पैदा हो गया है।

कहां कितनी बारिश?
सोमवार रात नगरोटा सूरियां में 135.2 मिमी, भटियात में 80 मिमी, सुंदरनगर में 60.5 मिमी, कांगड़ा में 50.5 मिमी और करसोग में 34.2 मिमी बारिश दर्ज की गई। मौसम विभाग ने 22 सितंबर तक बारिश का दौर जारी रहने और कुछ इलाकों में भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है।

उल्लेखनीय है कि इस साल मानसून में 20 जून से 15 सितंबर तक हिमाचल में 409 लोगों की जान गई है, 473 लोग घायल हुए और 41 लोग लापता हैं। 180 लोगों की मौत सड़क हादसों में हुई। बारिश और भूस्खलन से 579 पक्के और 899 कच्चे मकान पूरी तरह नष्ट हो गए, जबकि 2,001 पक्के और 4,297 कच्चे मकानों को आंशिक नुकसान पहुंचा। 490 दुकानें और 6,147 गोशालाएं भी क्षतिग्रस्त हुईं। 2,109 मवेशी मारे गए। कुल 4500 करोड़ रुपये से ज्यादा का नुकसान हुआ है।

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