Google News Preferred Source
साइड स्क्रोल मेनू

Himachal News: हिमाचल का राहत पैकेज केन्द्र की सहायता के बिना नामुमकिन : जयराम

Himachal News: हिमाचल का राहत पैकेज केन्द्र की सहायता के बिना नामुमकिन : जयराम

शिमला |
Himachal News: नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि हिमाचल प्रदेश की सरकार एक बहुत बड़े राहत पैकेज लाई है, जिसके बारे में वो गुणगान कर रही है। सुकखु सरकार ने यह पैकेज 4500 करोड़ का रहा है पर बिना केंद्र की सहायता के बगैर बिना यह पैकेज लाना संभव नहीं था । मुख्यमंत्री ने आंकड़ों का फेर बदल कर जो केंद्र सरकार की योजनाओं को अपने पैकेज में दिखाया है वह उनके लिए सही नही है। इस पैकेज के अंतर्गत 1000 करोड़ रु मनरेगा से खर्च किया जाएगा ,जो कि केंद्र की अधिकार क्षेत्र है, ना की प्रदेश सरकार का अधिकार क्षेत्र है।

उन्होंने कहा क्रेंद्र सरकार ने 6500 घर स्वीकृत किए हैं जो कि राजीव गाँधी आवास योजना के अंतर्गत है। इससे आपदा में जो लोगों को घरों को नुकसान हुआ है उसको काफी फायदा मिलेगा। जिसका बजट 100 करोड़ से ज्यादा है। एनडीआरएफ के अंतर्गत हिमाचल प्रदेश को 364 करोड़ बार मिले और 190 करोड़ दूसरी बार मिले जो कि इस पैकेज का हिस्सा है। 225 करोड़ रू लोगो ने आपदा राहत कोष में अंशदान किया है, जो कि इस पैकेज का हिस्सा है। एनडीआरएफ में इस सरकार को काफी फंड मिला है।

इसे भी पढ़ें:  Taxi Operators Protest in Shimla: टैक्स बढ़ाने के विरोध में शिमला में टैक्सी ऑपरेटर्स का "हल्ला बोल"

Himachal News: हिमाचल में हड़ताली जेईयों को टर्मिनेट करने के दिए फरमान, आउटसोर्स से रखे जाएंगे नए इंजीनियर

एनडीआरएफ के अंतर्गत 403 करोड़ की राशि हिमाचल सरकार को मिली है। स्टेट डिजास्टर फंड के अंतर्गत 86 करोड़ के लगभग पैसा सरकार को मिला है। विधायक की विकास निधि का भी प्रयोग यह सरकार इस पैकेज के माध्यम से कर रही है। इसमें स्टेट बहुत बड़ा योगदान नहीं है। पर केंद्र ने जो है वो भरपूर जो सहायता की थी। उसी के मिश्रण से इस पैकेज को बनाया गया है। 2 हजार करोड़ से ज्यादा का जो योगदान इस राहत पैकेज के अंतर्गत है जो साफ झलकता है जिसका रिकॉर्ड हमारे पास उपलब्ध है।

उन्होंने सरकार पर आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार इस पैकेज को लेकर पिक एंड चूज कर रही है। ब्लॉक स्तर राजनीतिक विशेष दलों के लोगों की सूची बन रही है और इस पैकेज का लाभ उन लोगों तक कैसे पहुंचे उनकी रणनीति तय की जा रही है।

इसे भी पढ़ें:  वकीलों पर आपत्तिजनक टिप्पणी के मामले में विधानसभा उपाध्यक्ष हंसराज अदालत में तलब

Himachal News: हिमाचल पुलिस के मालखाने से गायब हुई 33 किलोग्राम चरस, हाईकोर्ट ने दिए जांच के आदेश

उन्होंने कहा कि राहत के लिए जो पात्र व्यक्ति हैं उन्ही व्यक्तियों को राहत मिलनी चाहिए और इसमें राजनीति नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि आपदा में हमें नसीहत देने वाले खुद इसके ऊपर अमल नहीं कर रहे हैं। इस पैकेज को लेकर दलगत राजनीति कर रहे हैं।
उन्होंने कहा पिछले 10 महीने में ये सरकार विफल रही है।सरकार को बने 10 महीने हो गए हैं परंतु कांग्रेस सरकार अपने काम पर फोकस करने के बजाए हम पर छीटाकशी कर रहे हैं मेरा निवेदन है कि अपने काम पे फोकस रखिये। हमें कोसना बंद कीजिए।

कोविड टाइम पर उन 10 हजार से अधिक लोगो को भी निकाला गया जिन्होंने लोगों की सेवाएं की थी। इसमें से कई लोग छोटे बच्चों को लेकर धरना प्रदर्शन में आ रहे हैं, युवा आत्महत्या कर रहें हैं। इससे लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। एचआरटीसी के जो कर्मचारी हैं उनकी सैलरी नही मिल रही है । उसकी वजह से लोगों को त्योहारों पर निराशा का सामना करना पड़ रहा है। ज़ब से प्रदेश में कांग्रेस की सरकार आई है सीमेंट के दाम सरकार ने चार बार बढ़ा दिए हैं। इससे भी लोगों के ऊपर गंभीर संकट बना है।

इसे भी पढ़ें:  प्रियंका ने सोलन के ठोडो मैदान में किया चुनावी शंखनाद, भाजपा पर करारा हमला, सरकार बनने पर कही ये बड़ी बातें

तम्बू घोटाले की चर्चा
कांग्रेस सरकार गारंटियों की बात ना करें क्यूंकि उनके मुँह से यह बात तर्कसंगत नही लगती है। आजकल तम्बू घोटाले की चर्चा जो पूरे प्रदेश में चल रही है। इस आपदा के संकटकाल में जो जगह जगह जिला मुख्यालयों में तंबू लगाए हैं, और उसका टेंडर तक नहीं हुआ। उन्होंने सीधा तंबू लगाने का काम किया। उसके काफी पेमेंट्स भी क्लियर हुई है, जिसके आंकड़े हम बहुत जल्द आपके सामने लाएंगे, और ये तम्बू घोटाला भी करोड़ों में निकलेगा।

Himachal News: मंडी में गैंगरेप के बाद महिला का मर्डर, 5 गिरफ्तार

YouTube video player
संस्थापक, प्रजासत्ता डिजिटल मीडिया प्रजासत्ता पाठकों और शुभचिंतको के स्वैच्छिक सहयोग से हर उस मुद्दे को बिना पक्षपात के उठाने की कोशिश करता है, जो बेहद महत्वपूर्ण हैं और जिन्हें मुख्यधारा की मीडिया नज़रंदाज़ करती रही है। पिछलें 9 वर्षों से प्रजासत्ता डिजिटल मीडिया संस्थान ने लोगों के बीच में अपनी अलग छाप बनाने का काम किया है।

Join WhatsApp

Join Now

प्रजासत्ता के 10 साल