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Himachal News: फलों से लदे सेब के पेड़ों की कटाई पर लगे रोक की मांग लेकर हिमाचल सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में दायर की याचिका

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Himachal News:हिमाचल प्रदेश सरकार वन भूमि पर अतिक्रमण के चलते सेब के फलों से लदे पेड़ों काटे जाने के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट पहुँच गई है। राज्य सरकार ने शीर्ष अदालत में विशेष अनुमति याचिका (एसएलपी) दायर की है, और उम्मीद जताई जा रही है कि इस मामले की सुनवाई शुक्रवार को हो सकती है।

उल्लेखनीय है कि सरकार ने हिमाचल हाईकोर्ट के उस फैसले के खिलाफ यह कदम उठाया है, जिसमें वन भूमि पर उगे सेब के पेड़ों को काटने का आदेश दिया गया था।हाईकोर्ट के निर्देशों के बाद वन विभाग शिमला जिले में अतिक्रमित क्षेत्रों में सेब के पेड़ों की कटाई शुरू कर चुका है।

जानकारी के मुतबिक शिमला जिला के कुमारसैन उपमंडल के बड़ागांव और कोटखाई के चैथला गांव में सैकड़ों फलों से लदे सेब के पेड़ काटे जा चुके हैं। इस कार्रवाई से स्थानीय लोगों में रोष बढ़ गया है, और वे हाईकोर्ट के फैसले का विरोध कर रहे हैं। इसी वजह से सरकार ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है।

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महाधिवक्ता अनूप रतन ने बताया कि हिमाचल सरकार सुप्रीम कोर्ट से गुहार लगाएगी कि पेड़ों की कटाई पर तत्काल रोक लगाई जाए, खासकर जब ये पेड़ फलों से भरे हुए हैं। उन्होंने कहा कि फलों से लदे पेड़ों को काटना हमारी सांस्कृतिक मान्यताओं के खिलाफ है।

इसके अलावा, हाईकोर्ट के आदेश के तहत कई परिवारों को अपने घरों से बेदखल भी होना पड़ रहा है। मौजूदा समय में राज्य में लगातार बारिश हो रही है, जिसके चलते लोगों को घरों से निकालना उचित नहीं माना जा रहा है। सरकार इस मुद्दे पर संवेदनशील रुख अपनाते हुए न्यायिक हस्तक्षेप की मांग कर रही है।

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