Real Estate Scam HP: हिमाचल प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और वर्तमान नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने सोलन के चर्चित ‘चेस्टर हिल प्रोजेक्ट’ (Chester Hills Solan Scam) को लेकर सुक्खू सरकार की कार्यप्रणाली पर कड़े प्रहार किए हैं। मंडी से जारी एक बयान में उन्होंने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की मंशा पर सवाल उठाते हुए कहा कि जो मुख्यमंत्री एक ‘समोसे’ के गायब होने पर सीआईडी जांच बिठा सकते हैं, वह आज 1500 करोड़ रुपये के इतने बड़े घोटाले पर आखिर चुप क्यों हैं?
नेता प्रतिपक्ष जयराम ने तंज कसते हुए कहा कि मुख्यमंत्री की ऐसी क्या मजबूरी है कि वह इतने गंभीर मामले को टालने के लिए मीडिया के सामने मजाकिया और अजीबोगरीब जवाब दे रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार प्रदेश के बड़े अधिकारियों (ब्यूरोक्रेट्स) को आपस में उलझाकर अपना कोई गुप्त एजेंडा पूरा करना चाहती है।
जयराम ठाकुर ने मामले की गहराई पर बात करते हुए कहा कि मीडिया रिपोर्ट्स और जांच के तथ्यों से कई चौंकाने वाली बातें सामने आई हैं। तहसीलदार ने अपनी दो बार की जांच रिपोर्ट में साफ तौर पर ‘धारा 118’ के नियमों का उल्लंघन पाया था। इसके बावजूद, जब स्थानीय प्रशासनिक अधिकारियों (SDO) ने कार्रवाई की सिफारिश की, तो दोषियों पर एक्शन लेने या अवैध निर्माण रुकवाने के बजाय जिला उपायुक्त (DC) ने फाइल को राज्य सचिवालय क्यों भेज दिया?
जयराम के अनुसार, यह मामला पूरी तरह जिला कलेक्टर के अधिकार क्षेत्र का था, तो फिर इसे जानबूझकर ऊपर भेजने की क्या जरूरत थी? उन्होंने सवाल किया कि क्या सरकार किसी खास व्यक्ति या कंपनी को बचाने की कोशिश कर रही है। इस कथित घोटाले में वित्तीय गड़बड़ियों का जिक्र करते हुए जयराम ठाकुर ने कहा कि जिस व्यक्ति के नाम पर जमीन है, उसकी औसत सालाना आय 8 लाख रुपये से भी कम है, लेकिन वह करोड़ों की बिल्डिंग खड़ी कर रहा है।
उस व्यक्ति के लोन की किस्तें वह कंपनी भर रही है जो पहले ही विवादों में रही है, जो हिमाचल के कानूनों के खिलाफ है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की जनता यह जानना चाहती है कि आखिर किसके इशारे पर नियमों की अनदेखी की गई। जयराम ने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि भाजपा अब इस मुद्दे पर चुप नहीं बैठेगी और आगामी चुनावों में जनता कांग्रेस सरकार की इन नाकामियों का जवाब देगी। सरकार अपनी फजीहत से बचने के लिए अब हर दिन नए हथकंडे अपना रही है, लेकिन भ्रष्टाचार का यह मामला अब दबने वाला नहीं है।




















