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Turkey Apple: तुर्की के सेब पर रोक से हिमाचली किसानों को मिलेगा बड़ा फायदा..!

Turkey Apple: तुर्की के सेब पर रोक से हिमाचली किसानों को मिलेगा बड़ा फायदा..!

Turkey Apple Import Ban: हिमाचल प्रदेश के सेब बागवानों के लिए एक बड़ी खुशखबरी है। सेब व्यापारियों  ने तुर्की से सेब का आयात बंद करने का फैसला लिया है। इस फैसले से हिमाचल के किसानों को अपने सेब के लिए बेहतर कीमत और बाजार में ज्यादा माँग मिलने की उम्मीद है। तुर्की के सस्ते सेबों ने हिमाचल के सेब बाजार को नुकसान पहुँचाया था, लेकिन अब स्थानीय किसानों को इसका सीधा फायदा होगा।

दरअसल, पिछले साल तुर्की से 1.23 लाख मीट्रिक टन के करीब सेब भारत आए, जो हिमाचल की कुल सेब पैदावार (5.5 लाख मीट्रिक टन) से भी ज्यादा था। ये सेब सिर्फ 50 रुपये प्रति किलो बिक रहे थे, जबकि हिमाचल के सेब की लागत 90 रुपये प्रति किलो है। इससे स्थानीय सेब बाजार से बाहर हो रहे थे। हाल ही में भारत-पाक तनाव और तुर्की की पाकिस्तान को सैन्य सहायता के बाद भारत ने यह कदम उठाया। हिमाचल के किसानों ने भी तुर्की सेब पर रोक की माँग की थी।

उल्लेखनीय है कि हिमाचल प्रदेश के 8 जिलों में सेब का उत्पादन होता है, सेब उद्योग 5500-6000 करोड़ रुपये का कारोबार करता है और 4 लाख परिवारों की आजीविका इससे चलती है। तुर्की के सेब पर रोक से हिमाचल के सेब की कीमतें बढ़ेंगी। देश के बाजारों में बाजार में स्थानीय सेब की माँग बढ़ेगी। जिससे सेब के बागवानों की आय में सुधार होगा।

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गौरतलब है कि हाल के भारत-पाक तनाव और ऑपरेशन सिंदूर के दौरान तुर्की ने पाकिस्तान को ड्रोन और सैन्य सहायता दी, जिससे भारत में तुर्की के खिलाफ गुस्सा भड़का। जिसके बाद देशहित को ध्यान में रखते हुए कई जगह फल मंडी के व्यापारियों ने तुर्की से सेब का आयात बंद करने का फैसला लिया है। व्यापारियों ने इसे सिर्फ व्यापारिक नहीं, बल्कि देशभक्ति से जुड़ा कदम बताया है।

इस बहिष्कार को आम जनता का भी समर्थन मिल रहा है। यह कदम सरकार और सेना को अप्रत्यक्ष समर्थन देने वाला है। इस फैसले से यह साफ हो गया है कि भारत में व्यापारी सिर्फ लाभ के लिए नहीं, बल्कि देशभक्ति के साथ कारोबार भी करते हैं। व्यापारियों का कहना है कि यह सिर्फ एक आर्थिक निर्णय नहीं, बल्कि राष्ट्र की सुरक्षा और सम्मान से जुड़ा कदम है। उनका साफ कहना है कि जो भी देश पाकिस्तान का समर्थन करेगा, उससे कोई व्यापार नहीं किया जाएगा।

इसी बीच, हिमाचल के सेब किसानों ने तुर्की सेब पर रोक की माँग को और तेज कर दिया। हिमाचल के बागवानी संगठनों की ओर से लगातार केंद्र सरकार को पत्र लिखकर तुर्किये के सेब के आयात को बंद करने की मांग की जा रही है। हाल ही में हिमालयन सेब उत्पादक सोसायटी ने इस मामले को लेकर प्रधानमंत्री को पत्र भी लिखा है।

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इसी कड़ी में हिमालयन एप्पल ग्रोवर्स सोसायटी के बैनर तले सेब उत्पादकों के एक प्रतिनिधिमंडल ने शुक्रवार को केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल से उनके कार्यालय में भेंट की। प्रतिनिधिमंडल ने मंत्री को ज्ञापन सौंपते हुए यह बताया कि इस सस्ते और सब्सिडी वाले आयात के कारण देश के बागवानों को भारी घाटा हो रहा है और लागत मूल्य भी नहीं निकल पा रहा।

प्रतिनिधिमंडल ने यह भी उजागर किया कि तुर्किये एक ऐसा देश है जो भारत में आतंकवाद फैलाने वाले देश पाकिस्तान को सैन्य सहायता और रक्षा उपकरण प्रदान करता है। ऐसे देश से आयात न केवल देश की आर्थिकी के लिए नुकसानदायक है, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा के दृष्टिकोण से भी अत्यंत चिंताजनक है।

Turkey Apple आयात पर लगे प्रतिबंध

वहीँ हिमाचल के पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा है कि ऑपरेशन सिंदूर में पाकिस्तान के साथ खड़े होने वाले देश तुर्की से भारत को सभी तरह के व्यापारिक एग्रीमेंट रद्द करने करने मांग की। उन्होंने वहां के सेब आयात पर प्रतिबंध  से बड़ी कूटनीतिक स्ट्राइक करने का आग्रह किया।

कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता और विधायक कुलदीप सिंह राठौर ने कहा कि भारत को तुर्की से सेब और अन्य सामान के आयात पर तुरंत प्रतिबंध लगाना चाहिए। उन्होंने कहा कि हमारे देशवासियों को इस कृतघ्न देश को सबक सिखाने के लिए पर्यटन और उसके सामान का बहिष्कार करना चाहिए। उन्होंने केंद्र सरकार से आग्रह किया कि वह तुर्की से होने वाले व्यापारिक संबंधों की तुरंत समीक्षा करे। देश की जनता से अपील की कि तुर्की की वस्तुओं और पर्यटन का पूर्ण बहिष्कार करे।

 

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