Google News Preferred Source
साइड स्क्रोल मेनू
प्रजासत्ता के 10 साल

Dharamshala College Controversy: प्राध्यापक संघ ने बुलाई इमरजेंसी बैठक, आरोपी प्रोफेसर की साख बचाने की कोशिश, निष्पक्ष जांच पर जोर

Dharamshala College Student Death Case: UGC ने गठित की जांच कमेटी, आरोपी प्रोफेसर को मिली अग्रिम जमानत Dharamshala College Controversy: प्राध्यापक संघ ने बुलाई इमरजेंसी बैठक, आरोपी प्रोफेसर की साख बचाने की कोशिश, निष्पक्ष जांच पर जोर

Dharamshala College Controversy: धर्मशाला के राजकीय डिग्री कॉलेज में छात्रा की मौत और कथित रैगिंग-यौन उत्पीड़न के आरोपों के बीच हिमाचल राजकीय प्राध्यापक संघ की कॉलेज इकाई ने शुक्रवार को परिसर में एक आपातकालीन बैठक आयोजित की। बैठक की अध्यक्षता संघ अध्यक्ष डॉ. विक्रम श्रीवत्स और महासचिव डॉ. आशीष रंजन ने संयुक्त रूप से की।

बैठक की शुरुआत में सदस्यों ने सत्र 2024-25 की दिवंगत छात्रा के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया और शोकसंतप्त परिवार के प्रति हार्दिक संवेदना जताई। मुख्य चर्चा सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे रैगिंग, मारपीट और एक प्राध्यापक पर अश्लील व्यवहार के गंभीर आरोपों पर केंद्रित रही।

इसे भी पढ़ें:  तीन दशकों से चली आ रही मांग छोटा भगांल को चौहार घाटी में शामिल किया जाए

संघ ने स्पष्ट किया कि मृतका छात्रा वर्तमान शैक्षणिक सत्र में कॉलेज की नियमित छात्रा नहीं थी। कॉलेज रिकॉर्ड के अनुसार, जब वह पहले दाखिला ली हुई थीं, तब भी उन्होंने यौन शोषण या रैगिंग संबंधी कोई लिखित या मौखिक शिकायत प्रशासन के सामने दर्ज नहीं कराई थी।

प्राध्यापक संघ ने जोर देकर कहा कि कॉलेज में यूजीसी दिशा-निर्देशों के तहत रैगिंग और यौन उत्पीड़न जैसी घटनाओं से निपटने के लिए मजबूत तंत्र पहले से ही सक्रिय है। बैठक में यह भी उल्लेख किया गया कि सोशल मीडिया पर फैलाए जा रहे आरोपों में कई विरोधाभास नजर आ रहे हैं, इसलिए मामले की पूरी तरह निष्पक्ष और गहन जांच जरूरी है।

इसे भी पढ़ें:  विकास पुरुष जी.एस.बाली की जयंती पर हिमाचल के सबसे बड़े रोज़गार मेले का आयोजन: आर.एस.बाली

बैठक में यह भी कहा गया कि सोशल मीडिया पर लगाए गए आरोपों में कई प्रकार के विरोधाभास सामने आ रहे हैं, इसलिए इस पूरे मामले की निष्पक्ष और गंभीर जांच आवश्यक है। इसके अतिरिक्त, संबंधित प्राध्यापक पर जातिगत आरोप भी लगाए गए हैं, जबकि वह स्वयं पिछड़ा वर्ग से संबंधित हैं। संघ ने यह भी रेखांकित किया कि संबंधित प्राध्यापक वर्ष 2006 से विभिन्न महाविद्यालयों में सेवाएं दे रहे हैं और उनका सेवा-आचरण सदैव उच्च नैतिक मूल्यों पर आधारित रहा है।

डॉ. विक्रम श्रीवत्स और डॉ. आशीष रंजन ने अपील की कि जांच प्रक्रिया में कॉलेज प्रशासन और शिक्षक पक्ष के तथ्यों को भी उचित महत्व दिया जाए, ताकि निष्पक्षता बरकरार रहे। बैठक समाप्त होने के बाद संघ के प्रतिनिधिमंडल ने पुलिस अधीक्षक अशोक रतन से मुलाकात की। उन्होंने एसपी से मामले की पारदर्शी जांच की मांग की और कहा कि जांच में कॉलेज का पक्ष भी पूरी मजबूती से रखा जाए।

इसे भी पढ़ें:  Kangra News: प्रशिक्षु इलेक्ट्रीशियन करंट लगने से बिजली खंभे से गिरा, गंभीर रूप से घायल
YouTube video player
प्रजासत्ता न्यूज़ एक प्रमुख हिंदी समाचार प्लेटफ़ॉर्म है, जो देश और दुनिया की ताजातरीन घटनाओं, राजनीति, समाज, खेल, मनोरंजन, और आर्थिक खबरों को सटीक और निष्पक्ष तरीके से प्रस्तुत करता है। हमारी टीम का उद्देश्य सत्य, पारदर्शिता और त्वरित समाचार वितरण के जरिए पाठकों तक महत्वपूर्ण जानकारी पहुँचाना है। हम अपने कंटेंट के माध्यम से समाज की जागरूकता बढ़ाने और एक सूचित नागरिक समाज बनाने की दिशा में काम कर रहे हैं। हमारी न्यूज़ टीम हमेशा विश्वसनीय स्रोतों से जानकारी एकत्रित करती है और उसे सरल, सटीक और दिलचस्प तरीके से प्रस्तुत करती है।

Join WhatsApp

Join Now