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Success Story: फतेहपुर के मोहित कंदोरिया ने बिना कोचिंग रचा इतिहास, पिता का संघर्ष बना प्रेरणा

Mohit Kandoriya UGC NET Achievement: फतेहपुर क्षेत्र के एक होनहार छात्र ने विपरीत परिस्थितियों को मात देते हुए यूजीसी नेट परीक्षा उत्तीर्ण कर क्षेत्र का मान बढ़ाया है। दिव्यांगता और आर्थिक तंगी के बावजूद मोहित की यह उपलब्धि युवाओं के लिए एक मिसाल है।
Success Story: फतेहपुर के मोहित कंदोरिया ने बिना कोचिंग रचा इतिहास, पिता का संघर्ष बना प्रेरणा

Mohit Kandoriya UGC NET Exam Success Story: कांगड़ा जिला के फतेहपुर विधानसभा क्षेत्र की ग्राम पंचायत कंदोर के निवासी 24 वर्षीय मोहित कंदोरिया ने अपनी शैक्षणिक यात्रा में एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। वजीर राम सिंह राजकीय महाविद्यालय देहरी में एमए इतिहास (चतुर्थ सेमेस्टर) के छात्र मोहित ने हाल ही में यूजीसी नेट परीक्षा उत्तीर्ण की है। इस सफलता के साथ ही वह अपने रनिंग बैच में यह मुकाम हासिल करने वाले क्षेत्र के पहले छात्र बन गए हैं।

मोहित का शैक्षिक सफर सामान्य परिस्थितियों में नहीं रहा। उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा राजकीय प्राथमिक और माध्यमिक विद्यालय कंदोर से प्राप्त की। इसके बाद उन्होंने नौवीं से बारहवीं तक की पढ़ाई सीआरसी कामरेड राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय रैहन से पूरी की। वर्तमान में वह वजीर राम सिंह राजकीय महाविद्यालय देहरी से स्नातकोत्तर की शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं।

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आर्थिक रूप से कमजोर पृष्ठभूमि से आने वाले मोहित ने बिना किसी बाहरी कोचिंग के इस प्रतिष्ठित परीक्षा को पास किया। मोहित के अनुसार, उनकी यह सफलता उनकी दिन-रात की कड़ी मेहनत और अटूट आत्मविश्वास का परिणाम है। उनकी यह उपलब्धि न केवल एक परीक्षा उत्तीर्ण करने तक सीमित है, बल्कि यह उनके संघर्ष और इच्छाशक्ति की एक प्रेरणादायक कहानी है।

इस सफलता के पीछे सबसे बड़ा योगदान उनके पिता नरेंद्र कुमार का रहा। मोहित दिव्यांग हैं, जिसके कारण उन्हें दैनिक जीवन और कॉलेज आने-जाने में भारी चुनौतियों का सामना करना पड़ता था। अपने बेटे के सुनहरे भविष्य के लिए नरेंद्र कुमार ने बाहर मजदूरी करना छोड़ दिया। उन्होंने यह सुनिश्चित किया कि मोहित हर दिन सही समय पर कॉलेज पहुँच सकें और वापस घर लौट सकें। पिता का यह समर्पण ही मोहित की सबसे बड़ी ताकत बनकर उभरा।

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मोहित कंदोरिया ने अपनी इस सफलता का पूरा श्रेय अपने माता-पिता के त्याग को दिया है। इसके साथ ही उन्होंने अपने मार्गदर्शक सहायक प्रोफेसर अनिल शर्मा और फतेहपुर के विधायक भवानी सिंह पठानिया का भी विशेष आभार व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि इन सभी के सहयोग और उचित मार्गदर्शन ने ही उन्हें इस कठिन मुकाम तक पहुँचने में मदद की है।

मोहित की इस उपलब्धि पर उनके परिवार, ग्राम पंचायत और शैक्षणिक संस्थान में हर्ष का माहौल है। उन्होंने साबित कर दिया है कि यदि दृढ़ संकल्प और सही दिशा में प्रयास किया जाए, तो परिस्थितियाँ कितनी भी विकट क्यों न हों, सफलता निश्चित रूप से प्राप्त की जा सकती है। मोहित का यह सफर उन सभी छात्रों के लिए एक उदाहरण है जो संसाधनों की कमी और अन्य बाधाओं के बीच अपनी मंजिल तलाश रहे हैं।

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Kasauli International Public School, Sanwara (Shimla Hills)
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