Kullu Manju Sharma Death Case News: हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिले में बहुचर्चित मंजू शर्मा मौत मामले को लेकर प्रशासनिक और पुलिसिया कार्रवाई पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। मृतका के पति सतीश शर्मा ने हाल ही में जारी जांच रिपोर्ट को पूरी तरह से खारिज करते हुए आरोप लगाया है कि शासन और प्रशासन मिलकर मामले की लीपापोती करने में जुटे हैं।
पीड़ित परिवार का कहना है कि न्याय पाने के लिए वे लगातार दर-दर की ठोकरें खाने को मजबूर हैं, लेकिन अधिकारियों की ओर से अब तक कोई ठोस व संतोषजनक कदम नहीं उठाया गया है। सोमवार को इस मामले में नया मोड़ तब आया जब स्थानीय समाजसेवी बंटी सराजी मृतका के पति सतीश शर्मा के साथ कुल्लू के प्रशासनिक अधिकारियों से मिलने पहुंचे।

इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को एक औपचारिक ज्ञापन सौंपा और पुलिस द्वारा तैयार की गई जांच रिपोर्ट में मौजूद गंभीर कमियों व खामियों को बिंदुवार सामने रखा। बंटी सराजी ने साफ शब्दों में कहा कि यदि इस संवेदनशील मामले की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच नहीं कराई गई, तो आम जनता का शासन, पुलिस व्यवस्था और प्रशासनिक तंत्र से विश्वास पूरी तरह समाप्त हो जाएगा।
मुलाकात के बाद पीड़ित सतीश शर्मा ने मीडिया से बात करते हुए अपने दिल का दर्द बयां किया। उन्होंने आरोप लगाया कि तैयार की गई जांच रिपोर्ट में घटना से जुड़े कई अत्यंत महत्वपूर्ण और संवेदनशील तथ्यों को जानबूझकर नजरअंदाज किया गया है। सतीश शर्मा के अनुसार, रिपोर्ट में यह फेरबदल केवल इसलिए किया गया है ताकि मामले में शामिल प्रभावशाली दोषियों और जिम्मेदार अधिकारियों को बचाया जा सके। उन्होंने मांग की है कि मामले से जुड़े सभी साक्ष्यों को पारदर्शी तरीके से सामने लाया जाए।
मामले में पीड़ित परिवार ने प्रशासन पर समाजसेवियों की आवाज दबाने का भी एक और अत्यंत गंभीर आरोप लगाया है। परिवार के अनुसार, जो समाजसेवी और स्थानीय नागरिक इस दुखद घड़ी में पीड़ित परिवार के साथ खड़े हैं और निष्पक्ष जांच की आवाज बुलंद कर रहे हैं, उनके सोशल मीडिया अकाउंट्स को साजिश के तहत बंद करवाया जा रहा है। पीड़ित परिवार ने सवाल उठाया है कि आखिर निष्पक्ष जांच की मांग करने वालों से प्रशासन को क्या डर है और सच को दबाने का प्रयास क्यों किया जा रहा है?
स्थानीय निवासियों और पीड़ित परिवार ने दो टूक शब्दों में चेतावनी दी है कि वे इस प्रशासनिक लीपापोती के आगे झुकने वाले नहीं हैं। परिजनों का कहना है कि जब तक पूरे मामले की पारदर्शी तरीके से उच्चस्तरीय जांच नहीं होती और मंजू शर्मा की मौत के लिए जिम्मेदार सभी दोषियों को कड़ी सजा नहीं मिल जाती, तब तक उनका यह आंदोलन और कानूनी संघर्ष अनवरत जारी रहेगा।


















