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Air India Plane Crash Report: दोनों पायलटों की आखिरी बातचीत ने खोला हादसे का राज

Air India Plane Crash Report: दोनों पायलटों की आखिरी बातचीत ने खोला हादसे का राज
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Air India Plane Crash Report: अहमदाबाद में हुए एयर इंडिया विमान हादसे को लेकर आई शुरुआती जांच रिपोर्ट में कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। टेकऑफ के चंद सेकेंड बाद ही दोनों इंजन अचानक बंद हो गए और विमान सीधे बीजे मेडिकल कॉलेज के हॉस्टल पर जा गिरा।

लेकिन हादसे से पहले कॉकपिट में पायलटों के बीच हुई बातचीत अब इस दुर्घटना की असली वजह की ओर इशारा कर रही है, और वो वजह कोई मानवीय भूल नहीं, बल्कि एक गंभीर तकनीकी खराबी थी।

कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर (CVR) में दर्ज हुई पायलटों की बातचीत:

पायलट 1: “तुमने फ्यूल क्यों काटा?”
पायलट 2: “मैंने नहीं किया।”

इन दो पंक्तियों में छुपा है उस क्षण का तनाव और भ्रम, जब पायलट खुद भी नहीं समझ पा रहे थे कि आखिर ईंधन की आपूर्ति अचानक कैसे बंद हो गई। ये बातचीत इस ओर इशारा करती है कि शायद सिस्टम ने खुद-ब-खुद फ्यूल कट-ऑफ कर दिया या कोई बड़ी तकनीकी गड़बड़ी हुई।

रिपोर्ट यह भी साफ करती है कि पायलटों की ओर से कोई मैन्युअल गलती नहीं हुई थी, न तो किसी ने स्विच बंद किया और न ही कोई गलत कमांड दी गई। बता दें कि इस हादसे की 15 पन्नों की प्रारंभिक रिपोर्ट विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (AAIB) ने जारी कर दी है, जिससे पहली बार यह पता चला है कि उस दिन फ्लाइट में तकनीकी रूप से क्या-क्या गड़बड़ी हुई थी।

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Air India Plane Crash Report: पायलट कौन थे?

कैप्टन सुमीत सभरवाल

56 वर्षीय कैप्टन सभरवाल इस फ्लाइट के सबसे अनुभवी क्रू मेंबर थे। उनके पास 15,638 घंटे का उड़ान अनुभव था, जिसमें से 8,596 घंटे उन्होंने बोइंग 787 पर उड़ाए थे। वे Boeing 777 और Airbus A310 जैसे विमानों को भी उड़ाने के लाइसेंसधारी थे। उनका ATP लाइसेंस 2026 तक वैध था।

फर्स्ट ऑफिसर क्लाइव कुंदर

32 साल के कुंदर के पास कुल 3,403 घंटे का उड़ान अनुभव था। उन्होंने Boeing 787 पर बतौर को-पायलट 1,128 घंटे की उड़ान भरी थी। 2020 में उन्हें कमर्शियल पायलट लाइसेंस मिला था और 2017 में वे एयर इंडिया से जुड़ गए थे। वे स्कूल के दिनों से ही पायलट बनने का सपना देखते थे और एविएशन को लेकर उनका जुनून सबको पता था।

Air India Plane Crash: इंजन को दोबारा स्टार्ट करने की भी हुई थी कोशिश

जैसे ही इंजन बंद हुए, पायलटों ने उन्हें तुरंत दोबारा शुरू करने की कोशिश की। उन्होंने फ्यूल स्विच को फिर से ‘RUN’ पर लाया, और EGT (एग्जॉस्ट गैस टेम्परेचर) में भी बढ़ोतरी देखी गई, जिससे लगा कि इंजन में दोबारा आग लगाई गई है। लेकिन दुर्भाग्यवश, N2 स्पीड में कोई इज़ाफा नहीं हुआ और विमान गिर गया।

ब्लैक बॉक्स से मिली सीमित जानकारी, जांच अभी जारी

हालांकि विमान का ब्लैक बॉक्स बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया था, लेकिन उसका आगे का हिस्सा डेटा देने लायक था। वहीं पीछे के हिस्से से कोई जानकारी नहीं मिल सकी। अब भी जांच एजेंसियां और सबूत जुटा रही हैं ताकि इस भयावह हादसे की पूरी सच्चाई सामने लाई जा सके।

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12 जून का वो मनहूस दिन जब एक हादसे में 240 जिंदगियां बुझ गईं

उल्लेखनीय है कि 12 जून को एयर इंडिया की फ्लाइट B-787-8 अहमदाबाद से लंदन गैटविक के लिए रवाना हुई थी। विमान में 230 यात्री, 10 केबिन क्रू और 2 पायलट सवार थे। लेकिन टेकऑफ के कुछ ही सेकंड बाद वह संतुलन खो बैठा और कॉलेज हॉस्टल की इमारत पर जा गिरा। हादसा इतना भयानक था कि 241 में से 240 यात्रियों की मौके पर ही मौत हो गई। ज़मीन पर मौजूद 19 लोगों की जान भी चली गई। सिर्फ एक यात्री ही इस मंजर से जिंदा बाहर आ पाया।

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