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Bribe Case: CBI ने ED सहायक निदेशक विशालदीप के खिलाफ रिश्वत मामले में अपने ही DSP बलबीर सिंह को किया गिरफ्तार..!

Bribe Case: CBI ने ED सहायक निदेशक विशालदीप के खिलाफ रिश्वत मामले में अपने ही DSP बलबीर सिंह को किया गिरफ्तार..!

2.5 Crore Bribe Case: केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने एक बड़ा कदम उठाते हुए रिश्वत के मामले में अपने ही विभाग के डीएसपी बलबीर सिंह को गिरफ्तार कर लिया है। बलबीर सिंह पर आरोप है कि उन्होंने शिमला ईडी के सहायक निदेशक विशालदीप से रिश्वत के पैसों में कमीशन मांगा था। सीबीआई ने डीएसपी को चंडीगढ़ कोर्ट में पेश किया, जहां से उनका एक दिन का रिमांड मंजूर हुआ।

इस मामले की शुरुआत तब हुई जब विशालदीप ने सीबीआई निदेशक को एक लिखित शिकायत भेजी, जिसमें उन्होंने आरोप लगाया कि बलबीर सिंह ने उन्हें रिश्वत लेने के लिए उकसाया था। विशालदीप ने यह शिकायत 3 जनवरी 2025 को भेजी थी, जिसमें कहा था कि डीएसपी और अन्य अधिकारियों ने उसके खिलाफ झूठे आरोप लगाने के लिए उसे धमकाया और रिश्वत मांगी।

2.5 Crore Bribe Case: रिश्वत की राशि और अन्य गिरफ्तारियां

उल्लेखनीय है कि सीबीआई ने इस मामले में विशालदीप और उसके दो रिश्तेदारों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की थी। आरोप है कि विशालदीप ने हिमाचल प्रदेश के शिक्षण संस्थान संचालकों से ढाई करोड़ रुपये की रिश्वत की मांग की थी। सीबीआई ने विशालदीप के भाई विकासदीप और नीरज को भी गिरफ्तार किया था, जिनसे करीब 1.10 करोड़ रुपये की रिश्वत बरामद की गई।

विशालदीप पर आरोप था कि वह धन शोधन मामले में आरोपियों को गिरफ्तार करने की धमकी देकर पैसे मांग रहा था। हालांकि, विशालदीप ने दावा किया था कि उसे रिश्वत लेने के लिए सीबीआई के डीएसपी बलबीर सिंह और एक अन्य शिकायतकर्ता ने उकसाया था।

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सीबीआई की जांच और बलबीर सिंह की गिरफ्तारी

सीबीआई ने आरोप लगाया है कि बलबीर सिंह ने 14 दिसंबर 2024 को होटल ललित में विशालदीप के साथ बैठक की थी, जिसमें 55 लाख रुपये की रिश्वत राशि पर बातचीत की गई। सीबीआई ने बलबीर सिंह के मोबाइल फोन के सीडीआर विश्लेषण से पुष्टि की कि वह उस विशेष तिथि पर होटल में मौजूद थे और आरोपी अन्य व्यक्तियों को रिश्वत पहुंचाने में मदद कर रहे थे।

चंडीगढ़ की सीबीआई अदालत में सरकारी वकील नरेंद्र सिंह ने कोर्ट को बताया कि सीबीआई को बलबीर सिंह से पूछताछ की जरूरत है, ताकि वह एक लाख रुपये की शेष रिश्वत राशि की बरामदगी कर सके और इस साजिश में शामिल अन्य आरोपियों के बारे में जानकारी प्राप्त कर सके। वकील ने यह भी कहा कि बलबीर सिंह ने व्हाट्सएप और जांगी ऐप के जरिए शिकायतकर्ता से बातचीत की थी, जिसका उपयोग साजिश रचने के लिए किया गया था।

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विशालदीप का आरोप और सीबीआई की कार्रवाई

विशालदीप ने दावा किया था कि वह घबराया हुआ था और उसकी जान को खतरा था। उसने यह आरोप भी लगाया कि बलबीर सिंह और अन्य अधिकारियों ने उसकी सहेली को डराकर झूठा बयान दिलवाया था। सीबीआई की जांच में इस मामले को लेकर अब तक कई अहम खुलासे हुए हैं और गिरफ्तारी का सिलसिला जारी है।

आने वाले दिनों में और खुलासे होने की संभावना

इस मामले में सीबीआई की जांच अभी भी जारी है और उम्मीद जताई जा रही है कि जल्द ही इस घोटाले से जुड़े और भी तथ्य सामने आ सकते हैं। सीबीआई ने स्पष्ट किया है कि वह सभी आरोपियों को बेनकाब करने के लिए पूरी ताकत से जांच करेगी और साजिश में शामिल सभी लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

सीबीआई ने वॉयस सैंपल लेने के लिए दायर किया है आवेदन

दरअसल,  सीबीआई ने सहायक निदेशक विशालदीप को अंबाला सेंट्रल जेल से प्रोडक्शन वारंट पर गिरफ्तार कर पांच दिन का रिमांड ले रखा है। सीबीआई जाँच टीम द्वारा रिश्वत के मामले में उससे कई सवाल किए गए। सीबीआई ने आरोपी से रिश्वत मांगने की रिकार्डिंग के मिलान के लिए वॉयस सैंपल देने से की मांग की लेकिन उसने इसके लिए इन्कार कर दिया। जिसके बाद सीबीआई ने सोमवार को विशालदीप का वॉयस सैंपल लेने के लिए कोर्ट में आवेदन दिया है। बता दें कि ढाई करोड़ रुपये रिश्वत मांगने के मामले में सोमवार को सीबीआई अदालत में फिर सुनवाई हुई।

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