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Covishield Case: सुप्रीम कोर्ट पहुंचा कोविशील्ड मामला, याचिकाकर्ता ने की ये मांग

Published on: 1 May 2024
Covishield Case Reached Supreme Court, ( Covishield Side Eeffects )

प्रजासत्ता नेशनल डेस्क |
Covishield Case Reached Supreme Court: कोविशील्ड वैक्सीन के सुरक्षा पहलुओं पर विवाद से जुडा मामला अब सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच गया है। कोविशील्ड वैक्सीन को लेकर विशाल तिवारी नाम के एक शख्स ने सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दाखिल की है। विशाल तिवारी पेशे से वकील है।

उन्होंने अपनी इस याचिका में एक्स डायरेक्टर की अध्यक्षता में कोविशील्ड वैक्सीन (Covishield Case) के दुष्प्रभाव और जोखिम की जांच के लिए सुप्रीम कोर्ट के रिटायर्ड जज की निगरानी में चिकित्सा विशेषज्ञ पैनल का गठन करने की मांग की गई है, साथ ही जनता के स्वास्थ्य सुरक्षा के हित में निर्देश जारी करने की भी मांग की गई।

याचिका में कोविशील्ड वैक्सीन (Covishield Case) के दुष्प्रभावों और इसके जोखिम कारकों की जांच करने और वैक्सीन से हुए नुकसान का निर्धारण करने के लिए केंद्र सरकार को निर्देश जारी करने की भी मांग की गई है। इतना ही नहीं इस याचिका में ये भी साफ तौर पर कहा गया है कि जो लोग इस वैक्सीन को लगाने की वजह से अक्षम हो गए हैं या जिनकी मौत हो गई है उन्हें मुआवजा देने का निर्देश दिया जाए।

भारत में दी जा चुकी कोविशील्ड की 175 करोड़ से अधिक खुराकें 

दि हिंदू की रिपोर्ट के मुताबिक, वकील विशाल तिवारी ने दायर याचिका (Covishield Case) में कहा गया है, “भारत में कोविशील्ड की 175 करोड़ से अधिक खुराकें दी जा चुकी हैं। कोविड 19 के बाद दिल का दौरा पड़ने और अचानक बेहोश होने से होने वाली मौतों में बढ़ोतरी हुई है। युवाओं में भी दिल का दौरा पड़ने के कई मामले सामने आए हैं। अब कोविशील्ड के डेवलपर की ओर से यूके की अदालत में दायर किए गए दस्तावेज के बाद, हम कोविशील्ड वैक्सीन के जोखिम और खतरनाक परिणामों पर सोचने के लिए मजबूर हैं, जो बड़ी संख्या में नागरिकों को दी गई है। ”

याचिका में कहा गया कि वैक्सीन विकसित करने वाली कंपनी एस्ट्राजेनेका ने कहा है कि उसकी कोविड-19 के खिलाफ AZD1222 वैक्सीन कम प्लेटलेट काउंट और दुर्लभ मामलों में रक्त के थक्कों के जमने का कारण बन सकती है। इस वैक्सीन को भारत में कोविशील्ड के रूप में लाइसेंस के तहत बनाया गया था।

Covishield Case : एस्ट्राजेनेका कंपनी ने मानी ये बात

आपको बता दें कि कुछ दिन पहले ही कोविड-19 रोधी वैक्‍सीन ‘कोविशील्‍ड’ (Covishield) बनाने वाली कंपनी एस्‍ट्राजेनेका (AstraZeneca) ने स्‍वीकार किया था कि जिन लोगों ने कोरोना के दौरान कोविशील्ड वैक्सीन ली है उनमें रेयर साइड इफेक्‍ट हो सकते हैं। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक इस फार्मा कंपनी ने बुधवार को माना है कि उनकी कोविशील्ड वैक्सीन कई दुर्लभ मामलों में खून के थक्के जमने और प्लेटलेट काउंट कम होना का भी कारण हो सकती है। इसके साथ ही उन्होंने मरीजों की सेफ्टी को लेकर अपनी प्रतिबद्धता एक बार फिर से दोहराई।

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